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Health

पथरी क्या है पथरी के लक्षण व उपचार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 13 2019 2:17AM | Updated Date: Jul 13 2019 2:20AM
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पथरी एक बहुत ही आम बीमारी है, जो हमारे गुर्दे में जमा हुए कैल्शियम स्टोन और यूरिक एसिड स्टोन से बनती हैं। दोस्तों कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन कई बार यह कैल्शियम पथरी के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाता है जो कि हमारे शरीर के लिए काफी हानिकारक हैं। अगर आम भाषा में कहें तो पथरी एक तरह का पत्थर है जो हमारे गुर्दे में जमा हो जाता है। पथरी में बहुत ही अधिक दर्द होता है कई बार तो यह दर्द असहनीय भी हो जाता है।
पथरी क्या है ?
पेशाब में कैल्शियम ऑक्जलेट या अन्य क्षारकणों (Crystals) का एक दूसरे से मिल जाने से कुछ समय बाद धीरे-धीरे मूत्रमार्ग में कठोर पदार्थ बनने लगता है, जिसे पथरी के नाम से जाना जाता है।
पथरी मुख्यतः किडनी, मूत्रवाहिनी और मूत्राशय में देखी जाती है।
पथरी होने के कारण
 किडनी में पथरी होने के कई कारण हो सकते हैं। आपका आहार, मेडिकेशन, फैमिली हिस्ट्री आदि, किडनी में पथरी होने का कारण बन सकते हैं। किडनी में पथरी होने से कोई हानि नहीं होती, अगर इसका समय से इलाज़ करा लिया जाए। आइए जानते हैं किन कारणों से किडनी में पथरी हो सकती है।
हर रोज 8-10 गिलास पानी पिएं
अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से पेशाब के जरिए बाहर निकलाने के लिए डाईलूट(पतला) करना होता है इसलिए जरुरी है कि आप सही मात्रा में पानी का सेवन करें। अगर आप पानी का सही मात्रा में सेवन नहीं करते हैं तो मिनरल्स किडनी में इकट्ठा होने लगते हैं और किडनी में पथरी बन जाती है। इसलिए हर रोज 8-10 गिलास पानी पिएं।
आहार- आप जो खाते हैं उसके कारण भी किडनी में पथरी की समस्या हो सकती है। आमतौर पर कैल्शियम और ऑक्सेलेट के साथ में इकट्ठा होने से पथरी बनती है। ऑक्सेलेट एक केमिकल है, जो कई खाद्य पदार्थ जैसे पालक, रूबर्ब, जई का आटा आदि में पाया जाता है। इसलिए ऑक्सेलेट, सोडियम, एनिमल प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करें।
मोटापा- मोटापे से शिकार लोगों में किडनी स्टोन की समस्या आम होती है। अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स 30 या उससे अधिक है, तो इसका मतलब है कि आप मोटापे के शिकार है। इसलिए वजन को नियंत्रित रखें।
मेडिकेशन-  कुछ तरह की मेडिकेशन जैसे एंटीबायोटिक्स, एचआईवी ड्रग्स, हाई ब्लड प्रेशर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ निश्चित दवाईयां किडनी में पथरी बनने का कारण हो सकती हैं।
बीज वाली चीजों का सेवन ज्यादा न करे
 अगर डाइट में आप बीज वाली चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं तो पथरी की बिमारी हो सकती है । पथरी की समस्या से जूझने वालों को डाइट का पूरा ख्याल रखना चाहिए। और उन्हें अपने खाने में शामिल करने वाली चीजों पर ध्यान रखना चाहिए। ऐसी परेशानियों में बीज वाली चीजें जैसे टमाटर, अमरूद, बैगन, अनार खाने से परहेज करना चाहिए।
आंत से जुड़ी समस्याएं किडनी स्टोन का कारण हो सकती हैं
आंत से जुड़ी समस्याएं जैसे इंफ्लेमेटरी बोवेल डिज़ीज, डायरिया, अल्सरेटिव कॉलिटिस आदि से ग्रस्त लोगों में किडनी स्टोन होने की संभावनायें अधिक होती हैं। डायरिया के कारण पेशाब कम होता है, जिसके कारण शरीर अधिक ऑक्सेलेट अवशोषित करता है, और यह इकट्ठा होने पर पथरी बनता है।
पथरी की समस्या किडनी, पित्त की थैली और यूरीन पाइप में हो सकता है। इस बिमारी में काफी दर्द होता है। हालांकि पथरी कहां पर है दर्द उस पर निर्भर करता है।
 
 किडनी स्‍टोन के शुरुआती लक्षण
 गुर्दे की पथरी से पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है, जो कुछ मिनटो या घंटो तक बना रह सकता है। इसमें दर्द के साथ जी मिचलाने तथा उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। यदि मूत्र संबंधी प्रणाली के किसी भाग में संक्रमण है तो इसके लक्षणों में बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, पेशाब आने के साथ-साथ दर्द होना आदि भी शामिल हो सकते हैं मूत्र में रक्त भी आ सकता है।
यूरीन में ब्‍लड-  किडनी स्‍टोन से पीड़ित लोगों का यूरीन अक्सर गुलाबी, लाल या भूरे रंग का आने लगता है। और स्टोन के बढ़ने से मूत्रमार्ग ब्लॉक हो जाता है।
दर्द के साथ बार-बार यूरीन आना-  किडनी स्‍टोन से पीड़ित लोग अक्सर लगातार या दर्द के साथ यूरीन आने की शिकायत करते हैं। ऐसा तब होता है जब किडनी स्‍टोन मूत्रमार्ग से मूत्राशय में चले जाते है। ये बेहद दर्दनाक होता है और यह अक्सर मूत्र पथ के संक्रमण (यूरिनरी ट्रेक्ट इंफैक्शन) का कारण भी बनता है।
बुखार और ठंड महसूस होना- किडनी स्टोन को अनुपचारित छोड़ने पर, अक्‍सर तेज बुखार और ठंड लगने की समस्‍या बनी रहती है। इसका कारण मूत्र पथ के संक्रमण (या यूटीआई) की संभावना बढ़ जाती है। इस अवस्‍था में रोगी को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
बैठने में परेशानी-  किडनी स्‍टोन के बड़े या काफी उत्तेजक होने पर उस क्षेत्र पर दबाव पड़ने के कारण रोगी को बैठने में परेशानी होती है। यहां तक कि वह आरामदायक स्थिति में लेटने में असमर्थ महसूस करता है। यही कारण है जिसके चलते किडनी स्‍टोन से पीड़ित कई लोग अक्‍सर खड़े रहते हैं।
बदबूदार यूरीन-  किडनी में स्‍टोन के साथ यूरिन के रंग में भी बदलाव होने लगते है और इसके साथ बदबू भी आने लगती है । ऐसा यूरीन में हार्ड केमिकल की मौजूदगी की वजह से होता है, जो शरीर में वास्‍तविक रूप से क्रिस्टल बनाते हैं।
पीठ दर्द-  गंभीर दर्द होना किडनी स्‍टोन से पीड़ित लोगों की आम समस्या है, विशेषकर कमर और कमर के निचले हिस्से में। दर्द पेट के निचले हिस्से से पेट और जांध के बीच के भाग में जा सकता है। यह दर्द कुछ मिनटो या घंटो तक बना रहता है तथा बीच-बीच में आराम मिलता है।
उल्टी आना- पेट में गड़बड़ महसूस करना और मिचली आना किडनी स्टोन के शुरूआती संकेतों में से एक है और इसमें उल्टियां भी हो सकती हैं। उल्टियां दो कारणों से आती हैं, पहला स्टोन के स्थानांतरण के कारण तथा दूसरा किडनी शरीर के भीतर की गंदगी को बाहर करने में मदद करते हैं और जब स्टोन के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं तो इन टॉक्सिकों को शरीर से बाहर निकालने के लिए उल्टी ही एकमात्र रास्ता बचता है।
पथरी के घरेलु उपचार
 लेमन जूस और ऑलिव ऑयल।
अनार का जूस और उसके बीज दोनों में ही एस्ट्रीजेंट गुण होता है जो कि किडनी के स्टोन के इलाज में मददगार है।
 मैग्न‍िशियम, फॉस्फेट्स, कार्बोनेट और कैल्शियम से बने किडनी स्टोन के इलाज के लिए तरबूज एक बहुत अच्छा और कारगर उपाय है।
 राजमा में भरपूर फाइबर होता है। इसे किडनी बीन्स के नाम से भी जाना जाता है। किडनी बीन्स किडनी और ब्लेडर से जुड़ी हर किस्म की समस्या से राहत दिलाने में कारगर होती है।
 व्हीट ग्रास को पानी में उबालकर ठंडा कर लें। इसके नियमित सेवन से किडनी के स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी बीमारियों में काफी आराम मिलता है।इसमे कुछ मात्रा में नींबू का रस मिलाकर पीना और बेहतर हो सकता है।
 
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