20 Jan 2017, 05:00:48 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

  • बुधवार को करें यह देवता की पूजा, है अतिलाभकारी

    बुधवार विघ्नहर्ता गणेशजी की भक्ति से विघ्ननाश का शुभ दिन माना जाता है। चूंकि पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली भी बताई गई हैं

  • मंदिर जाएं तो परिक्रमा और ये काम जरूर करें

    हम जब मंदिर जाते हैं तो पूजा अर्चना के साथ ईश्वर की परिक्रमा भी करते हैं। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु भगवान का ध्यान करते हैं और प्रतिमा की पीठ के पास अपनी मनोकामना कहते हैं।

  • भगवान शिव ने ही दिया था विष्णु को सुदर्शन चक्र, जानिए पौराणिक कथा

    एक बार भगवान विष्णु, शिवजी का पूजन करने के लिए काशी आए। यहां मणिकार्णिका घाट पर स्नान करके उन्होंने एक हजार स्वर्ण कमल फूलों से भगवान शिव की पूजा का संकल्प लिया।

  • तीन दशक बाद मकर संक्रांति पर दुर्लभ निराला संयोग

    ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शब्द संक्रांति सूर्य के संक्रामण से बना है अर्थात सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं।

  • मकर संक्रांति 2017 का शुभ मुहूर्त और महत्व

    साल की 12 संक्रांत‌ियों में से मकर संक्रांत‌ि का सबसे ज्यादा महत्व है क्योंक‌ि इस द‌िन सूर्य देव मकर राश‌ि में आते हैं और इसके साथ देवताओं का द‌िन शुरु हो जाता है।

  • अमृत, सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी पूर्णिमा

    हालांकि कई पंचांगों में गुरु-पुष्य का योग बताया जा रहा है, लेकिन पुष्य नक्षत्र गुरुवार रात 1 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 11 बजे तक रहेगा। इसके चलते शुक्र-पुष्य का संयोग बन रहा है।

  • दुनिया का एकमात्र मंदिर, जहां नर मुख में ...

    भगवान नरमुख विनायक वैदिक ग्रंथों और पुराणों में भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरुपों का उल्लेख मिलता है। इन स्वरुपों की उपासना का विशेष महत्व है

  • नए साल में 100 साल बाद नवग्रह एक साथ बदलेंगे राशि

    वर्ष 2017 का शुभारंभ रविवार से होने के कारण यह साल सूर्यदेव के प्रभाव में रहेगा। साल 2017 में पहली बार एक साथ नवग्रह 100 साल बाद अपनी राशि एक साथ बदलेंगे।

  • यहीं शिव ने दिया था ब्रह्मा जी को शाप

    तमिलनाडु के तिरुवनमलाई जिले में शिव का अनूठा मंदिर है। अन्नामलाई पर्वत की तराई में स्थित इस मंदिर को अनामलार या अरुणाचलेश्वर शिव मंदिर कहा जाता है।

  • तीन साल बाद फिर 14 जनवरी को आई संक्रांति

    यह संक्रांति इसलिए भी खास होगी क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले 13 जनवरी को खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र रहेगा।

  • तस्वीर से मिलेगी आपके मन को शांती

    पति-पत्नी में झगड़े होना कोई बड़ी बात नहीं है.... एक कहावत है कि जिस घर में बर्तन हों, उनके आपस में टकराने की आवाज तो आती ही है। इसी तरह से पति-पत्नी की भी नोक-झोंक होना लाजमी है।

  • सिर्फ फैशन में न पहनें पारद का कड़ा

    हाथ में कड़ा पहनने का चलन बहुत पहले से है। सिख धर्म में कड़े को धारण करना आवश्यक माना गया है। अधिकांश व्यक्ति चांदी, सोना, लोहा या अष्टधातु का कड़ा पहनते है।

  • कितने मुख वाला रुद्राक्ष है आपके लिए लाभकारी

    रुद्राक्ष की माला रुद्राक्ष भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है। इसे परम पावन समझना चाहिए। रुद्राक्ष के दर्शन से, स्पर्श से तथा उसपर जप करने से वह समस्त पापों का हरण करने वाला माना गया है।

  • गंगाजल से दूर हो सकती हैं घर की परेशानियां

    भारतीय संस्कृति में गंगाजल का महत्व लोगों के आस्था से जुड़ा हुआ है। गंगा भगवान शंकर की जटाओं से निकलती है, इसलिए यह पवित्र माना जाता है।

  • बृहस्पति के लिए करें यह व्रत

    अगर आप भी गुरु बृहस्पति की दयादृष्टि चाहते हैं तो गुरुवार का व्रत शुरू कर दें। किसी भी माह के शुक्ल पक्ष में अनुराधा नक्षत्र और गुरुवार के योग के दिन इस व्रत की शुरूआत करनी चाहिए।

  • शिव तांडव के साथ भैरव भी करते हैं नृत्य

    भैरवनाथ को तंत्राचार्य, मंत्राचार्य व यंत्राचार्य के उपनाम से भी जाना जाता है। तंत्र जगत की शक्तिशाली सिद्धियों में भैरव सिद्ध साधनासर्वोपरि व अति महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  • गुरुनानक जयंती: जानिए नानक जी के जीवन से जुड़ी खास बातें

    सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु नानक देव जी के जन्म के उपलक्ष्य में गुरु पर्व मनाया जाता है। सिख गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव की बेहद खुशी और उत्साह से मनाते हैं।

  • अच्छा भी होता मंगल दोष

    मांगलिक शब्द का अर्थ कुछ अलग है लेकिन अपने निजी स्वार्थ हेतु कुछ ज्योतिष मित्र इसे राइ का पहाड़ बन देते हैं। भोले-भाले लोग इस पर तुरंत भरोसा करके बड़े भयभीत होते हैं।

  • गीतों में गूंजते लोक संस्कृति के स्वर

    भगवान सूर्य के मानवीय स्वरूप का इतनी सहजता से और इतने कम शब्दों में सटीक चित्रण मगध की लोक संस्कृति की अपनी विशिष्टता है

  • छठ महापर्व: दूसरे दिन लाखों ने लगाई गंगा में डुबकी

    बिहार में सूर्योपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ के दूसरे दिन शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी समेत अन्य नदियों तथा तलाबों में स्रान किया।

  • सूर्योपासना का महापर्व नहीं दूजा जैसी छठ पूजा

    मायानगरी मुंबई में धीरे-धीरे छठ पर्व का स्वरूप बदल रहा है। यहां छठ पर्व का शुभारंभ तो कई वर्षों पूर्व हुआ था, लेकिन उस समय लोगों की छठ मैया के

  • जानिए धनतेरस पर किस राशि के लोग क्या खरीदें

    धनतेरस के दिन से दिवाली की शुरुआत मानी जाती है और इस दिन खरीददारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

  • 38 वर्ष बाद सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी करवा चौथ

    पति की लंबी उम्र की कामना के साथ ही दाम्पत्य जीवन सुखमय बनाने के लिए महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं

  • अखंड सौभाग्य प्राप्ति का व्रत ‘करवा चौथ’

    भारत एक धर्म प्रधान और आस्थावान देश है। यहां साल के सभी दिनों का महत्व होता है तथा साल का हर दिन पवित्र माना जाता है।

  • मां लक्ष्‍मी को ऐसे करें खुश, आजमाएं ये उपाय

    दशहरे के बाद दिवाली की तैयारी शुरू हो जाती हैं। दिवाली पर मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए लोग हर तरह से जुट जाते हैं। हर चीज में मां लक्ष्मी का ध्यान रखा जाता है।

  • जानें म‍हिलाओं के लिए क्‍यों महत्वपूर्ण है करवा चौथ व्रत

    हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है। इस पर्व पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर, चूड़ी पहन व सोलह श्रृंगार कर अपने पति की पूजा कर व्रत का पारायण करती हैं।

  • जानिए क्‍या है विजयदश्‍ामी का महत्‍व, ये है शुभ मुहूर्त

    शारदीय नवरात्र के बाद दश्मी तिथि को दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रीराम ने रावण का वध कर के अधर्म पर धर्म की और अहंकार पर विजय हासिल की थी।

  • कन्या भोज के बिना अधूरी है नवरात्रि पूजा

    नवरात्र में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है और इस दौरान कन्‍याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत की जाती है।

  • नवरात्रि के शुभ दिनों में भूलकर भी न करें ये काम

    नवरात्रि पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है। मां दुर्गा के नौ रूपों की अराधना का पावन पर्व शुरू हो रहा है. इन नौ दिनों में व्रत रखने वालों के लिए कुछ नियम होते हैं।

  • आज से मंदिरों में जलेंगे आस्था के ज्योति कलश

    शारदीय क्वांर नवरात्रि पर्व की शुरूआत आज से प्रारंभ हो रही है। देवी मंदिरों में घट स्थापना के साथ अखंड ज्योति कलश देर शाम प्रज्जवलित किए जाएंगे।

  • 427 साल के बाद अद्भुत संयोग में मनेगा नवरात्र

    करीब 427 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि नवरात्र उत्सव में एक नवरात्र बढ़ा है, जबकि श्राद्ध कम हुआ है। जो विशेष रूप से भाग्यशाली है।

  • जहां देवी सती के नेत्र गिरे थे

    बाद में इसके आंगन में करीब 35 और छोटे-छोटे मंदिरों का निर्माण कराया गया। आदि गुरु शंकराचार्य ने इस मंदिर में देवी महालक्ष्मी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। कहा जाता है कि इन्हें आज तक कोई भी नहीं गिन पाया।

  • श्राद्ध पर्व- पूर्वजों के योगदान को श्रद्धांजलि

    आज हमारे पास जो कुछ भी है, उसकी हम कद्र नहीं करते, हम उसे बहुत मामूली समझते हैं। हमें यह समझना चाहिए कि हमसे पहले जो पीढ़ियां इस धरती पर आई हैं, उनके योगदान के बिना कुछ भी संभव न था।

  • पवित्र माना जाता है शंख होते हैं चमत्कारिक लाभ

    पूजा-पाठ में शंख बजाने का चलन युगों-युगों से है। देश के कई भागों में लोग शंख को पूजाघर में रखते हैं और इसे नियमित रूप से बजाते हैं।

  • चाहिए समृद्धि तो आज करें 14 गांठों वाले धागे अनंत की पूजा

    घर में समृद्धि की चाह रखने वालों के लिए आज का दिन बहुत ही खास है। भादो माह के शुक्‍ल पक्ष की चतुदर्शी को भगवान सत्‍यनारायण यानी विष्‍णु जी की आराधना होती है।

  • ऐसे लोग बता देते हैं क्या होगा आगे

    कुछ लोगों के पास ऐसी शक्तियां जन्म से रहती हैं, जिनसे उन्हें वर्तमान के साथ ही भविष्य में होने वाली कई घटनाओं का आभास पहले हो जाता है।

  • आज घर-घर विराजेंगे मंगलमूर्ति, ये हैं स्थापना के शुभ मुहूर्त

    गणेश चतुर्थी की तैयारी पूरे देश में जोर-शोर से चल रही है। इस साल इस पर्व को 5 सितंबर को मनाया जाएगा। बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान गणेश की पूजा का यह सबसे बड़ा दिन माना जाता है।

  • हरतालिका तीज- पूजा करने और वर्त रखने का ये है शुभ मुहूर्त

    इस व्रत में गौरी-शंकर भगवान की पूजा करने का विधान है। इस व्रत को कुंवारी लड़कियां और विवाहित महिलाएं करती हैं। विधिविधान से व्रत करने पर कुंवारी लड़कियों को मनचाहे वर और विवाहित स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

  • हिन्दू धर्म में आठ तरह की शादियां

    हिंदू धर्म में शादी एक ऐसा पवित्र बंधन है, जो दो लोगों को नहीं, बल्कि दो परिवारों को सात जन्मों के बंधन में बांध देता है। ऐसा कहा जाता है कि हिंदू धर्म में सोलह संस्कार होते है, जिनमें से विवाह को एक संस्कार माना जाता है।

  • देशभर में जन्माष्टमी की धूम

    भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर आज देशभर के मंदिरों में ‘‘हरे कृष्णा, हरे रामा’’ की गूंज रही और छोटे छोटे बच्चे कृष्ण कन्हैया की पोशाक पहनकर मंदिरों

  • इस जन्माष्टमी पूजा करने का सही मुहूर्त एवं समय

    भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी इस बार 25 अगस्त को है। ज्योतिषियों के मुताबिक 24 अगस्त को रात 10:17 मिनट से हीअष्टमी लग जायेगी।

  • भूलकर भी न करें शाम को ये काम

    सूर्याेदय के समान ही सूर्यास्त का विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के समय हमें कुछ बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए।

  • घर बनवाने से पहले जानें दिशाओं का महत्व

    घर बनवाने से पहले दिशाओं का महत्व समझ लेना चाहिए। वास्तुशास्त्र में दिशाओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। आइए जानते हैं किस दिशा में किसका निर्माण होता है शुभ और अशुभ

  • आज गुरू पुर्णिमा: जानें- क्या है इसका महत्व.....

    आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा के रूप में पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। भारतवर्ष में कई विद्वान गुरू हुए हैं किन्तु महर्षि वेद व्यास प्रथम विद्वान थे जिन्होंने सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) के चारों वेदों की व्याख्या की थी।

  • कहां, कब और कैसे करें शिवलिंग की स्थापना

    यदि आप अपने घर में या किसी देवालय में शिवलिंग की स्थापना करने जा रहे हैं तो नि:संदेह यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद सिद्ध होने वाली है।

  • आज से प्रारंभ गुप्त नवरात्र, न करें ये चीजे, नाराज हो जाएंगी नवदुर्गा

    नवरात्रा को भगवती का कवच कहा जाता है। इन्‍हें सारे संसार के जीवों का कल्‍याण करने वाली आदिशक्ति जगदम्‍बा के प्रमुख नौ शक्तियों के प्रतीक स्‍वरूप माना जाता है।

  • हथेली बताएगी कि आप किस करियर को चुनेंगे

    हस्तरेखा अध्ययन ज्योतिष की कई विद्याओं में से एक है। हाथों की रेखाओं से किसी भी व्यक्ति का स्वभाव मालूम हो सकता है। व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी मिल सकती है।

  • शंख बदल सकता है जिंदगी, जानिए इसके फायदे

    माना जाता है कि शंख की ध्वनी बहुत हे पवित्र होती है और इसकी ध्वनी से रोगों, राक्षसों और पिशाचो से भी रक्षा मिलती है। इस पर एक मुहावरा भी बना है कि “शंख बाजे बालाएं भागे ”।

  • मंत्रों से क्रोध पर पाएं काबू

    क्या आपको भी बात-बात पर गुस्सा आता है? छोटी-छोटी बातों को लेकर क्या आप भी अपने प्रियजनों और आॅफिस में सहकर्मियों से लड़ने-झगड़ने लगते हैं ?

  • पूजा में उपयोग होने वाली हर सामग्री का अपना महत्व

    ईश्वर की उपासना में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे, धूप-दीप, प्रसाद और फूल हर चीज का अपना महत्व है और यह पूजा को सफल बनाने के के महत्वपूर्ण अंग हैं।

  • भगवान को फूल चढ़ाने के क्या हैं फायदे?

    हिंदू धर्म में भगवान को पुष्प या फूल चढ़ाने को विशेष महत्व दिया गया है। देवी-देवताओं और भगवान को आरती, व्रत, उपवास या त्योहारों पर फूल चढाएं जाते हैं।

  • केवल बुद्धि से ध्यान नहीं होता

    किसी ने पूछा, ध्यान में जब मैं श्वास को देखने लगता हूं, तो श्वास को देखते-देखते मंत्रजप शुरू हो जाता है। तो मंत्रजप करूं कि न करूं? देखिए, मंत्रजप करना एक अलग विधि है, एक अलग साधना है।

  • जानिए वास्तु देव पूजन का क्या है महत्व

    वास्तु प्राप्ति के लिए अनुष्ठान, भूमि पूजन, नींव खनन, कुआं खनन, शिलान्यास, द्वार स्थापन व गृह प्रवेश आदि अवसरों पर वास्तु देव पूजा का विधान है।

  • गंगाजल को न रखें अंधेरे स्थान पर

    घर और परिवार से हमें बेहद लगाव होता है। अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करने लगे तो घर खुशियां देने की वजह, दुख देने वाला भी बन सकता है।

  • व्रत और उपवास करें, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान

    रविवार को नवरात्र का तीसरा दिन है। आम तौर पर तीसरे दिन मां भगवती के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा देवी की पूजा अर्चना होती है लेकिन इस बार की नवरात्र में तृतीया तिथि का क्षय है।

  • खुशहाली लाएगा नया संवत्सर

    चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा से लगने वाले नवसंवत्सर-2073 की शुरुआत 8 अप्रैल को सौम्यता के साथ होगी। शंकराचार्य मठ के प्रभारी गिरीशानंद महाराज ने बताया

  • शास्त्रों में माना गया है इन वनस्पतियों को अद्भुत

    हमारे आसपास ऐसी ढेरों वनस्पतियां हैं जो बहुत ही लाभदायक होती हैं लेकिन अक्सर हम उनके बारे में नहीं जानते।

  • कई कथाएं जुड़ी है होली के पर्व से

    होली के पर्व से अनेक कहानियां जुड़ी हुई हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध कहानी है प्रहलाद की। माना जाता है कि प्राचीन काल में हिरण्यकशिपु नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था।

  • इन सरोवरों में स्नान करने से मिलता है मोक्ष

    भारतीय लोक आस्था में सरोवर का बहुत महत्व है प्राचीन काल के कुछ सरोवर आज भी मौजूद हैं, जानें इन सरोवरों का धार्मिक महत्व।

  • जानिए, क्या कहते हैं आपके ये सपने

    स्वप्न में होने वाले अनुभवो को कुछ लोग भ्रम से जोडते हैं तो कुछ इसे वर्तमान, भूतकाल तथा भविष्यकाल से जोड कर व्यक्ति के जीवन के साथ के साथ जोडते हैं।

  • चक्र और त्रिभुज से जानिए कैसे हैं आप

    मध्यमा में होने से इष्ट पूजा से धन लाभ होता है। अनामिका में हो तो समाज की सहायता से पैसा आएगा और कनिष्ठा में चक्र हो जाने पर तैयार माल द्वारा धनार्जन होगा।

  • विजया एकादशी व्रत से होगी विजय की प्राप्ति

    यह एकादशी विजय की प्राप्ति को सशक्त करने में सहायक बनती है। तभी तो प्रभु राम जी ने भी इस व्रत को धारण करके अपने विजय को पूर्ण रूप से प्राप्त किया था।

  • महाशिव रात्रि पर जानिए भगवान से जुड़ीं विशेष मान्यताए

    सोमवार को महाशिव रात्रि है...यानी भगवान शिव की आराधना का सबसे खास दिन। भगवान शिव को सर्वशक्तिमान भी माना गया है। भगवान शिव को प्रकृति से परे साक्षात अद्वितीय पुरुष के नाम से भी जाना जाता है

  • एकादशी को चावल से परहेज

    विवेक के सामान कोई बंधु नहीं है और एकादशी से बढ़ कर कोई व्रत नहीं है। पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच कर्मेन्द्रियां और एक मन, इन ग्यारहों को जो साध लेता वह प्राणी एकादशी के समान पवित्र और दिव्य हो जाता है।

  • ये है देश का अनोखा मंदिर, यहां चोरी करने पर पूरी होती है मनोकामना

    आप अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए कई प्रकार के जतन करते है। कोई रोज सुबह-सुबह मंदिर जाकर भगवान से मनत मांगता है तो कोई कई प्रकार के टोटके करता है।

  • जप करें तो ऐसे होगी हर मनोकामना पूरी

    आराध्य से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नही जाती। प्रार्थना मंत्रों के माध्यम से की जाए तो कहना ही क्या। मंत्र-जप के माध्यम से ईश्वरीय सत्ता को मानवीय प्रार्थना से जोड़ती है।

  • भूलकर भी न करें ये 15 काम, रूठ जाती हैं महालक्ष्मी

    शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे कार्य वर्जित किए गए हैं, जो महालक्ष्मी की कृपा प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ कामों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करने से माता लक्ष्मी रूठ जाती हैं और जो लोग ये काम करते हैं मां लक्ष्मी ऐसे लोगों को त्याग देती हैं।

  • बसंत पंचमी पर कई योग एक साथ

    बसंत पंचमी एक हिन्दू त्योहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। इस बार बसंत पंचमी उत्सव कल यानी 12 जनवरी को देशभर में मनाया जाएंगा।

  • इसी महीने सूर्य और मंगल बदलेंगे राशि

    ग्रह-नक्षत्रों में इस महीने बदलाव होने वाला है। सूर्य 13 फरवरी दोपहर 2.25 बजे मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। यह 14 मार्च तक कुंभ में रहेगा।

  • सूर्य का नियमित ध्यान आपके लिए कितना फायदेमंद

    आधुनिक मस्तिष्क विज्ञानी भी मानने लगे हैं कि मस्तिष्कीय क्रिया क्षमता का मूलभूत स्रोत अल्फा तरंगें धरती के चुंबकीय क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और भू-चुम्बकत्व का सीधा संबंध आकाशीय पिण्डों से है।

  • मौनी अमावस्याः गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    माघ मास के कृष्ण पक्ष को पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। आज 24 साल बाद सोमवार को अमावस्या पड़ने से सोमवती अमावस्या भी है।

  • साल का पहला शनि प्रदोष कल, संतान प्राप्ति का खास व्रत

    प्रदोष भगवान शिव का खास व्रत है। इनमें सोम, मंगल और शनिवार को आने वाले प्रदोष का विशेष महत्व है। इस बार साल का पहला शनि प्रदोष 6 फरवरी को आएगा। संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत बहुत अहम है।

  • षटतिला एकादशी: इस व्रत को करने से दूर हो जाते है पीढियों द्वारा किए गए पाप

    हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार जो इंसान विधि-विधान से एकादशी का व्रत और रात्रि जागरण करता है उसे वर्षों तक तपस्या करने का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इस व्रत को जरुर करना चाहिए। इस व्रत से कई पीढियों द्वारा किए गए पाप भी दूर हो जाते है।

  • इसलिए आपको सोना या तांबे की अंगूठी धारण करना चाहिए

    भारतीय धर्म पंरपरा में कोई कारोबार नहीं होता, कोई शादी नहीं होती, कोई बच्चा नहीं होता, कोई परिवार नहीं होता। जो कुछ होता है, बस आपकी मुक्ति का एक साधन है।

  • पांच ग्रहों को देख सकेंगे एक साथ

    21 जनवरी 2016 के सूर्योदय के बाद से 20 फरवरी तक आसमान में एक दशक बाद ग्रहों का बड़ा मेला लगने वाला है। हमारे सौरमंडल के पांच प्रमुख ग्रह बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि मिल कर एक साथ धरती को देखेंगे।

  • संक्रांति पर्व...अच्छाइयों एवं सकारात्मकता का श्रीगणेश...

    महाराष्ट्र में इस दिन लोग एक-दूसरे को तिल गुड़ देते हैं और देते समय बोलते हैं ‘तिल गुड़ ध्या आणि गोड़ गोड़ बोला, अर्थात तिल गुड़ लो और मीठा-मीठा बोलो। इस दिन महिलाएं आपस में तिल, गुड़, रोली और हल्दी बांटती हैं।

  • संस्कृति और उल्लास का पर्व है लोहड़ी

    लोहड़ी केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं है, लेकिन वहां इस त्योहार की बात ही कुछ और है। इस दिन यहां रंग और खुशी अपने शबाब पर होती है। लोहड़ी त्योहार ही है, प्रकृति को धन्यवाद कहने का। लोहड़ी को मकर संक्रांति के आगमन की दस्तक भी कहा जाता है।

  • सोमवती अमावस्या का महत्व

    सोमवार को आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। ये वर्ष में लगभग एक ही बार पड़ती है। इस अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व होता है।

  • शनिश्चरी अमावस्या का महत्व

    शनि अमावस्या के दिन भगवान सूर्य देव के पुत्र शनि देव की आराधना करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। किसी माह के जिस शनिवार को अमावस्या पड़ती है

  • ...फिर 14 या 15 नहीं, 23 को होगी संक्रांति!

    शंकराचार्य मठ के प्रभारी गिरीशानंद महाराज ने बताया वास्तव में ग्रहों की चाल के कारण मकर संक्रांति पर्व की तारीख हर सौ-पचास साल में बढ़ती जा रही है।

  • कमल के बिना कोई पूजा पूरी नहीं

    सभी देवी-देवताओं को फूल विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं। फूल अर्पित किए बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। वैसे तो लगभग सभी प्रकार के फूल भगवान को चढ़ाए जाते हैं, लेकिन फूलों में कमल का विशेष स्थान है।

  • पौष में रविवार इस विधि से करें सूर्यदेव की पूजा

    सूर्य सौर मंडल का आधार है। हमारे धर्म ग्रंथों में भी सूर्य को प्रधान देवता माना गया है। पुराणों में आए उल्लेख के अनुसार, प्रत्येक माह में सूर्य के एक विशिष्ट रूप की पूजा की जाती है, जिससे हर मनोकामना पूरी होती है।

  • मोक्ष ही है हमारे जीवन की मंजिल

    परमात्मा ने हमें मनुष्य बनाकर भारत भूमि पर जन्म दिया, यही सबसे बड़ा उपहार है। संसार में हमें हर दिन अनेक महाभारत झेलना पड़ती हैं।

  • राशि के अनुसार ऐसा होगा आपका नव वर्ष

    विदा होते साल 2015 की यादों के बीच नव वर्ष 2016 के आगमन की आहट सुनाई देने लगी है। शंकराचार्य मठ के प्रभारी गिरीशानंद महाराज ने बताया भारतीय संस्कृति में नव वर्ष की शुरुआत गुड़ी-पड़वा से होती है।

  • सौभाग्य योग में खिलेगा नए साल का सूरज, बरसेगा अमृत

    महाराज बताते हैं कि सुखद योग-संयोग या मुहूर्त में अच्छे परिणाम आने के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। वास्तव में शुभ काल में ब्रह्मांड की ध्वनि-आवृत्ति पृथ्वी की ध्वनि-आवृत्ति के अनुकूल हो जाती है।

  • दुनियाभर में प्रेम का संदेश देता क्रिसमस का त्योहार

    क्रिसमस एक ऐसा त्योहार है जिसे 25 दिसंबर को दुनिया के सर्वाधिक लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति के साथ क्रिसमस का त्योहार भी पूरी तरह घुल-मिल गया है।

  • 19 साल बाद धनु सं‍क्रांति में विवाह पंचमी

    भगवान राम और सीता के विवाह की वर्षगांठ पंचमी इस बार 16 दिसंबर को धनु संक्रांति ओर रवि योग में मनाई जाएगी। धनु संक्रांति के साथ विवाह पंचमी का अवसर वर्षों बाद आया है।

  • इस बार द्वादशी में जागेंगे देव

    ज्योतिर्मठ से जुड़े शंकराचार्य मठ के प्रभारी गिरीशानंदजी महाराज कहते हैं भगवान विष्णु के चार मास के शयनकाल के बाद देव जागरण का दिन परंपरा के अनुसार अबूझ या महामुहूर्त के रूप में माना जाता है। ऐसे में सर्वार्थ सिद्धि योग का मिलना ‘सोने में सुहागे’ की तरह है।

  • इस बार द्वादशी में जागेंगे देव

    22 नवंबर को देव प्रबोधिनी एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, लेकिन देव जागरण द्वादशी में होगा।

  • छठ पर्वः आज देंगे डूबते सूर्य को अर्घ्य

    नहाय-खाय से शुरू हुए छठ पर्व के दूसरे दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी सोमवार को दिनभर व्रती ने उपवास कर शाम को स्नान कर विधि-विधान से रोटी

  • भाई-बहन के प्रेम का पर्व है, भाईदूज

    हर साल दिवाली के एक दिन बाद भाई दूज मनाया जाता है। भाई-बहन के प्यार का ये त्योहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा है।

  • धनतेरस- प्रदोष और त्रयोदशी में दिनभर खरीदी का मुहूर्त

    बर्तन व्यापारियों के मुताबिक इस वर्ष बर्तनों में मई से मंदी का दौर बना हुआ है। इसके चलते स्टील सहित अन्य धातुओं के भाव भी कम बने हुए हैं। बीते वर्ष स्टील 220 रुपए किलो था, जबकि इस वर्ष 200 रुपए किलो है।

  • यह धनतेरस छह देवताओं की

    इस बार धनतेरस खास होगी, क्योंकि दो तिथियों त्रयोदशी और चतुर्दशी के संयोग के चलते इस दिन छह देवी-देवताओं का पूजन किया जाएगा।

  • दीपावली के द‌िन आजमाएं टोटके, होगीं साल भर धन की वर्षा

    दीपावली का द‌िन ‌स‌िद्ध‌ि और साधना का माना जाता है। इसल‌िए इस द‌िन को तांत्र‌िक से लेकर गृहस्‍थ तक बहुत ही खास मानते हैं।

  • अद्भुत संयोग वाली ये दिवाली, राशियों पर पड़ेगा अलग-अलग असर

    इससे पहले यह योग 1884 में बना था। उस समय भी राहु कन्या राशि व गुरु, सिंह राशि में था। यह योग दोबारा 131 साल बाद 2145 में बनेगा।

  • पुष्य नक्षत्र में 200 करोड़ का कारोबार

    कीमतों में कमी और सोना-चांदी के प्रति भारतीयों का आकर्षण कायम है। मंगलवार को पुष्य नक्षत्र में शुभ मुहूर्त में सोना-चांदी आदि कीमती धातुओं में करीब 40 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।

  • आज और कल रहेगा पुष्य नक्षत्र व सर्वार्थसिद्ध योग, यह खरीदना शुभ

    नृसिंह मंदिर के पुजारी मोहित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पुष्य नक्षत्र का योग दो दिन का बना है। इसके चलते पुष्य नक्षत्र सोमवार शाम 4.25 बजे से शुरू होगा, जो दूसरे दिन मंगलवार को 5.52 बजे तक रहेगा।

  • परंपरा और विश्वास का त्योहार करवा चौथ

    करवा चौथ की तैयारी में महिलाएं जुटी हुई हैं। 30 अक्टूबर को दिन भर निर्जला व्रत रखकर महिलाएं अखण्ड सौभाग्य व पति के साथ सदैव मधुर संबंध की कामना करेंगी।

  • आठवें दिन होगी महागौरी की पूजा

    शारदीय नवरात्र के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है। माता महागौरी गौर वर्ण की हैं, इनके वस्त्र और आभूषण श्वेत होने से इन्हें श्वेतांबरधरा भी कहा गया है।

  • सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा

    दुर्गा माता के सभी नौ रूपों में कालरात्रि सबसे रौद्र रूप है। इसमें माता का काला शरीर और चार हाथ हैं। एक हाथ में कटार तो दूसरे में लोहे का कांटा धारण किया हुआ है। इसके साथ दो हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में हैं।

  • नवरात्र का चौथा द‌िनः मां कुष्मांडा देवी की ऐसे करें पूजा

    दुर्गा पूजा के चौथे दिन माता कूष्माण्डा की अच्छी करह से विधिवत पूजा अर्चना करनी चाहिए फिर मन को अनहत चक्र में स्थापित करने हेतु मां का आशीर्वाद लेना चाहिए। अगर इनकी पूजा सच्चें मन से की जाए, तो आपको मां जरुर हर क्षेत्र में सफलता देगी।

  • नवरात्र का तीसरा दिनः ऐसे करें चन्द्रघंटा देवी की उपासना

    नवरात्र के तीसरे दिन दुर्गा मां के तीसरे रूप चंद्रघंटा देवी की पूजा करने का विधान है। माता के माथे पर घंटे आकार का अर्धचन्द्र है, जिस कारण इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है। इनका रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है।

  • नवरात्र का दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज

    आज शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के उपासक और भक्त को अनंत कोटि फल प्रदान करने वाली मां ब्रहचारिणी मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप है।

  • शारदीय नवरात्र का पहला दिन: पढि़ए- मां शैलपुत्री की कथा

    आज नवरात्र का पहला दिन है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। यह मां पार्वती का ही अवतार है।

  • आज से शुरू हुए शारदीय नवरात्र, घोडे़ पर होकर आएंगी माता

    देवी दुर्गा का प्रमुख वाहन तो सिंह यानि शेर माना जाता है, लेकिन माता के अलग- अलग रूप हैं और उनके अलग- अलग वाहन भी हैं। इस वर्ष मंगलवार के दिन कलश स्थापना हो रही है, ऐसे में देवी दुर्गा का आगमन घोड़े पर हो रहा है।

  • शक्ति की साधना का विशेष पर्व है नवरात्रि

    13 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र का यह पर्व शक्ति की साधना का विशेष पर्व माना जाता है। इस समय मन पूरी इच्छा शक्ति के साथ मातारानी की साधना करने के लिए प्रबल रहता है।

  • नवरात्र पर पूजा पंडालों में दिखेंगे भव्य नजारे...

    शारदीय नवरात्र में दुर्गापूजा के दौरान माहौल एकदम भक्त‍िमय हो उठता है। नवरात्र में लोग शक्त‍ि की देवी दुर्गा की आराधना करते हैं।

  • नवरात्र में दिखेगा 'अक्षरधाम' जैसा भव्य पंडाल

    शारदीय नवरात्र में तरह-तरह के भव्य पूजा पंडालों की सुंदरता देखते ही बनती है। यूपी के भदोही में इस बार एक बेहद आकर्षक पंडाल दिखने वाला है, जिसमें दिल्ली के ''अक्षरधाम'' की झलक होगी।

  • पितृदोष और उससे मुक्ति के उपाय

    ज्योतिष में पितृदोष का बहुत महत्व माना जाता है। प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में पितृदोष सबसे बड़ा दोष माना गया है। इससे पीड़ित व्यक्ति का जीवन अत्यंत कष्टमय हो जाता है।

  • हरितालिका तीज : अखंड सुहाग की कामना

    इस दिन लड़कियां और महिलाएं अपने होने वाली पति या पति की लंबी आयु के लिए निरजला ( बिना पानी के) व्रत रखती हैं। व्रत रखकर महिलाएं और लड़कियां पूरे 16 श्रृंगार करके भगवान भोलेनाथ और मात पार्वती की पूजा करती हैं।

  • बुधवार को गणेश जी की पूजा है अतिलाभकारी

    हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती अनिवार्य बताई गयी है।

  • इच्छित फल प्रदान करेगी जन्माष्टमी

    भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पृथ्वी वासियों के लिए प्रारंभ से ही शुभ रहा है। जब भी भगवान के भक्तों पर कोई विपत्ति आई है तब-तब कृष्ण भगवान ने उस विपदा को खत्म किया है।

  • रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, राखी का मुहूर्त दोपहर बाद

    भाई-बहन के पावन प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन का इंतजार हर किसी को है। खास बात यह है कि इस बार भी लोगों को अपनी कलाई पर राखी बंधवाने के लिए रक्षाबंधन के दिन दोपहर तक इंतजार करना पड़ेगा।

  • 46 साल बाद सिंह संक्राति के साथ आई हरियाली तीज

    श्रावण के तीसरे सोमवार को आने वाली तीज त्रिखल दोष को दूर करने वाली होगी, क्योंकि यह त्रि- महासंयोगों के साथ आ रही है। 17 अगस्त को शिव का खास दिन सोमवार शिव योग में

  • सोलह श्रृंगार किए हुए स्‍त्री होती है लक्ष्‍मी का रूप

    पुराने समय से ही स्त्रियों को घर-परिवार की मान-प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है और इसी कारण इनके रूप-सौंदर्य को बनाए रखने के लिए कई प्रकार की परंपराएं प्रचलित हैं।

  • सर्वार्थ सिद्धि व सौभाग्य योगों के बीच मनेगा श्रावण

    श्रावण मास का शुभारंभ आज शनिवार से शुरू हो गया है। तीसरे दिन सोमवार पड़ रहा है, इस दिन श्रद्धालु शिवालयों में भगवान शिव का दुग्धाभिषेक, रूद्रभिषेक कर धतुरा तथा विल्व पत्र चढ़ा कर मनवांछित फल की कमना करेंगे।

  • बारह साल बाद गुरु का सिंह राशि में प्रवेश, ये करें उपाय

    14 जुलाई की सुबह 6.24 बजे सौर मंडल का सबसे प्रतिष्ठित ग्रह बृहस्पति बारह साल बाद सूर्य के आधिपत्य वाली सिंह राशि में प्रवेश करेगा। यह इस राशि में 11 अगस्त 2016 तक 13 माह सिंह राशि में भ्रमण करेगा।

  • एक माह तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य, शुरू हुआ अधिकमास

    इस दौरान घर-परिवार में होने वाली शादी, नए घर में प्रवेश जैसे कार्यो पर विराम लग जाएगा, जो 16 जुलाई तक रहेगा। अधिकमास के पूरे माह में दान-पुण्‍य करने की परंपरा रहीं है।

  • गंगा दशहरा पर 17 लाख लोगोंं ने किया गंगा स्नान

    गंगा दशहरा गंगावतरण दिवस पर हरिद्वार में विभिन्न घाटों पर देश-विदेश से आये लगभग 17 लाख श्रद्घालुओं ने गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया।

  • सोमवती अमावस्या पर लाखों ने गंगा में लगायी डुबकी

    सोमवती अमावस्या और शनि जयन्ति की युति पर 61 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगायी। सोमवती अमावस्या और शनि जयन्ति की युति होने के कारण हरिद्वार पहुॅचने वाले श्रद्घालुओं की भारी भीड गंगा घाटों पर उमड पडी देश के कई प्रदेशों से श्रद्घालु स्नानार्थीयों ने हरिद्घार में हरकी पैडी सहित विभिन्न घाटों पर स्नान दान पुण्य किया

  • मई में 23 दिन बजेगी शहनाई

    इस वर्ष 13 जून के बाद विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। वहीं 27 जुलाई से देवताओं का शयन होगा। जबकि बृहस्पति का तारा 12 अगस्त से अस्त होगा जो 27 नवंबर को उदित होगा। इस बीच 27 सितंबर से 12 अक्टूबर तक श्राद्ध पक्ष रहेगा।

  • अक्षय तृतीया पर शुभ मानी जाती है सोने की खरीदारी

    अक्षय तृतीया यानी शुभ कार्यों के लिए शुभ दिन। हिंदू मान्यताओं के अनुसार किसी भी काम की शुरूआत, नामकरण, कुंआरी कन्या की शादी के लिए इस दिन को बेहद शुभ दिन माना जाता हैं।

  • हाथों की लालिमा, क्रोध का प्रतीक

    आपका हाथ बहुत कुछ कहता है। वैज्ञानिक कहते हैं कि आंखों के बाद हाथ और पैरों के पंजों से सबसे ज्यादा ऊर्जा निकलती है। हस्तरेखा विज्ञान में हाथों की पूरी कुंडली खोलकर रख दी गई है। एक-एक रेखा का विश्लेषण किया गया है।

  • राहु है एक छाया ग्रह

    यह पूरी तरह से शनि के तरह से फल देता है। राहु यदि अच्छा फल देने पर आता है तो वह एक फकीर को भी राजा बना देता है। लेकिन अगर यह बुरा फल देता है तो राजा को रंक बनाने में तनिक भी देर नहीं लगाता।

  • हर्षोल्लास और खुशी का पर्व बैसाखी

    पंजाब और हरियाणा के किसान सर्दियों की फसल काट लेने के बाद नए साल की खुशियां मनाते हैं। इसीलिए बैसाखी पंजाब और आसपास के प्रदेशों का सबसे बड़ा त्योहार है। यह खरीफ की फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है। इसी दिन, 13 अप्रैल 1699 को दसवें गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।

  • सूर्य किरणों का प्रभाव

    पृथ्वी को मिलने वाली ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत सूर्य है। सौर मण्डल में यह ऊर्जा का केन्द्र है। यह अपनी विकिरणों के माध्यम से धरती पर ऊर्जा, ऊष्मा (ताप) एवं प्रकाश देकर हमारे जीवन को गतिशील बनाता है।

  • ब्रह्माण्ड और सौरमंडल का विकर्षण

    सूर्य से निरन्तर निकलने वाली विकिरणों को मुख्यतया तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है। इनमें से पराबैंगनी किरणें शीतल होती है और इन में विषाणुओं को नष्ट करने की रासायनिक क्षमता होती है।

  • अक्षय तृतीया से होगी शादियों की धूम

    21 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया से एक बार फिर शादियों की धूम शुरू हो जाएगी। विक्रम संवत् 2072 में बड़ी संख्या में शुभ विवाह होंगे। इस कारण इस वर्ष शहनाइयों की गूंज कुछ ज्यादा ही सुनाई देगी।

  • अमरनाथ यात्रा : जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक आपदाओं से डरे भक्त

    जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदाओं, आतंकी घटनाओं को देखते हुए श्रद्धालुओं में उत्साह कम नजर आ रहा है। इस बार पंजीयन के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक में साढ़े आठ हजार फॉर्म आए हैं, लेकिन अभी तक केवल ढाई हजार ही बंटे हैं। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर रुझान कम नजर आ रहा है। सोमवार तक यात्रा के पहलगाम वाले मार्ग के लिए 1934 और बालटाल मार्ग के लिए 620 फॉर्म दिए जा चुके हैं। फॉर्म की कीमत 50 रुपए है।

  • मंगलकारी रहेगी शनिवार को हनुमान जंयती

    श्रीराम भक्‍त और कलयुग के देव कहे जाने वाले हनुमानजी की जंयती इस बार चार अप्रैल को मनाई जाएगी। नवसंवत्‍सर के राजा शनिदेव हैं, जिससे इस दिन जंयती होने से मंगलकारी रहेगी। वहीं इस बार खग्रास चंद्रग्रहण भी लगेगा।

  • गुड फ्राइडे - होली फ्राइडे

    आज के दिन यीशू को सूली पर लटकाया गया था

  • 4 अप्रैल को होगा चंद्र ग्रहण

    आगामी चार अप्रेल को होने वाला खग्रास चन्द्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा लेकिन नागालैंड के कोहिमा और असम के डिब्रूगढ़ में यह ज्यादा देर तक दिखाई देगा और अधिक स्पष्ट होगा।

  • राम के आदर्श आज भी प्रासंगिक

    दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद को लेकर अब जरूरी हो गया है कि इनके समूल विनाश के लिए भगवान राम जैसी सांगठनिक शक्ति और दृढ़ता दिखाई जाए। आतंकवादियों की मंशा दहशत के जरिए दुनिया को इस्लाम धर्म के बहाने एक रूप में ढालने की है। जाहिर है, इससे निपटने के लिए दुनिया के आतंक से पीड़ित देशों में परस्पर समन्वय और आतंकवादियों से संघर्ष के लिए भगवान राम जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है।

  • हिंदु धर्म में क्‍या है आरती का महत्‍व

    किसी भी प्रकार की पूजा, यज्ञ-हवन, पंचोपचार-षोडशोपचार पूजा आदि के बाद आरती अंत में की जाती है। साधारणतः पांच बत्तियों से आरती की जाती है, इसे ‘पंचप्रदीप’ भी कहते हैं। एक, सात या उससे भी अधिक बत्तियों से आरती की जाती है।

  • ब्रह्मांड का ही दूसरा स्वरूप है शिव

    आध्यात्मिक उन्नति के लिए पिंड से ब्रह्मांड तक की यात्रा तय करनी पड़ती है। इसका अर्थ है कि, जो तत्व ब्रह्मांड में यानी शिव में हैं, उनका पिंड में यानी जीव में होना आवश्यक है। तब ही जीव शिव से एकरूप हो सकता है।

  • ...जब पृथ्वी के पीछे पूरी तरह छिप जाएगा चंद्रमा

    इंदौर। अगर आप चार अप्रैल को लगने वाले पूर्ण चंद्रग्रहण को निहारने के लिए भारत में माकूल जगह की तलाश में हैं, तो देश के पूर्वोत्तर हिस्से का रूख कर सकते हैं जहां सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की इस लुकाछिपी का शानदार नजारा दिखने की उम्मीद है। उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ.