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पाकिस्तान को लगा झटका, जज ने वीडियो देखने से किया इनकार

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 16 2017 10:17AM | Updated Date: May 16 2017 10:20AM
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हेग। पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा को लेकर भारत और पाकिस्तान करीब 18 साल बाद एक बार फिर हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आइसीजे) में आमने-सामने आए। हेग (नीदरलैंड्स) में स्थित पीस पैलेस के ग्रेट हॉल आॅफ जस्टिस में सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान पाक को करारा झटका लगा है। आईसीजे ने पाक की ओर से पेश किए गए जाधव के कबूलनामे का वीडियो देखने से इनकार कर दिया है। पिछले साल जारी किए गए इस वीडियो को पाक सबसे बड़ा सबूत बताकर पेश कर रहा था। छह मिनट के इस फर्जी वीडियो में 105 कट हैं।  जाधव मामले की अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने कहा है कि वह जल्द अपना फैसला सुना देगा। फैसले की जो भी तारीख तय की जाएगी। उसकी जानकारी दोनों पक्षों को दे दी जाएगी।  

सिर्फ 1 रुपए फीस ले रहे साल्वे
कोर्ट में हरीश साल्वे ने भारत का पक्ष रखा। आईसीजे में जाधव मामले में भारत की तरफ से पैरवी कर रहे वकील साल्वे महज एक रुपए की टोकन फीस पर यह काम कर रहे हैं। यह खुलासा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया है। वहीं पाकिस्तान की तरफ से कॉन्सुलर मोहम्मद फैजल ने अपना पक्ष रखा।  

भारत की दलीलें... पाक का झूठ
भारत:  पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने बड़े पैमाने पर नियमों को उल्लंघन किया। कोर्ट कॉन्सुलर एक्सेस न देकर आरोपी के साथ न्याय कैसे कर सकती है?
- पाक : भारत जाधव पर लगे आरोप पर शांत रहा। 
भारत: एक निर्दोष भारतीय एक साल से जेल में है। उसको उसके अधिकारों से वंचित रखा। यह विएना नियमों का उल्लघंन है, जिसका तत्काल निष्पादन होना चाहिए। 
- पाक: मामले में विएना संधि लागू नहीं होती ।
भारत: जाधव की फांसी की सजा पर तुरंत रोक लगाई जाए।  यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए।
- पाक: जाधव की फांसी पर रोक लगाने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट में भारत ने बेवजह याचिका दाखिल की है। 
भारत: पाकिस्तान लगातार कॉन्सुलर एक्सेस को मना करता रहा और इतना ही नहीं इस्लामाबाद ने जाधव के ट्रायल के कोई दस्तावेज भी नहीं सौंपे।
- पाक: जाधव का मामला कॉन्सुलर एक्सेस मिलने के योग्य नहीं है।
भारत: जाधव से जबरन उसका कबूलनामा लिया गया, जब वह पाकिस्तान सेना की हिरासत में था। 
- पाक: कबूलनामे वाला वीडियो इस मामले का अहम सबूत। आईसेजी ने कबूलनामे का वीडियो चलाने की पाकिस्तान की मांग को किया खारिज। 
भारत: जाधव से राजनयिक मुलाकात करने देने के भारतीय आग्रहों को 16 बार ठुकराकर पाक ने विएना समझौते का उल्लंघन किया। उनके परिजनों को मिलने के लिए वीजा भी नहीं दिया गया।
- पाक: भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट का सियासी ड्रामे की तरह इस्तेमाल किया।
भारत: भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हो चुके कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने ईरान से अगवा किया गया था, जहां वह व्यापार कर रहे थे।
- पाक: जाधव ईरान का बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान आया था और उसे बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया।
भारत: पाकिस्तान की तरफ से जाधव के ट्रायल को लेकर कोई दस्तावेज भारत को नहीं दिया गया। जाधव की गिरफ्तारी के बाद भारत को कोई जानकारी नहीं दी गई।
- पाक: भारत को जाधव जासूसी मामले में दिए गए सबूत और एफआईआर की कॉपी भेजी गई।
भारत: पाकिस्तान ने जाधव के अधिकारों का हनन किया, भारत को जानकारी नहीं कि जाधव को पाकिस्तान में कहां
- पाक:  कुलभूषण जाधव के पास अपील करने के लिए 150 दिन हैं। पाकिस्तान को फांसी देने में जल्दबाजी नहीं करेगा।  
 
पाक राजदूत ने की जज से मिलने की कोशिश
जाधव मामले की शुरू होने के कुछ घंटों पहले पाकिस्तान ने अपने एक राजदूत की मदद से एक जज से मिलने की कोशिश की। इस्लामाबाद से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सुनवाई से पहले पाकिस्तान ने तुरंत यूएई में राजदूत मोअज्जम अहमद खान से संपर्क किया। खान आईसीजे के एक जज के करीबी दोस्त हैं। जज से मुलाकात कर पाकिस्तान सुनवाई पर रोक लगाना चाहता था।  राजदूत से कहा गया कि वह जज को जाधव की फांसी के लिए सहमत करे। पाकिस्तान से जुड़े एक सूत्र ने इस बात की भी पुष्टि की कि जाधव जीवित हैं। 

पाक के अफसर ने बढ़ाया हाथ, मित्तल बोले- नमस्ते
आईसीजे में सुनवाई के पहले जब पाकिस्तानी कॉन्सुलर मोहम्मद फैजल  ने दीपक मित्तल से हैंडशेक करने के लिए हाथ बढ़ाया तो मित्तल ने सिर्फ नमस्ते किया। वैसे खास बात ये है कि मित्तल ने कुछ दूसरे पाकिस्तानी मेंबर्स से हाथ मिलाए थे। लेकिन, फैजल को ही इग्नोर किया। दीपक मित्तल भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं।
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