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विश्वविद्यालयों की जरुरतों के अनुरूप बने कानून

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 16 2019 10:01PM | Updated Date: Jul 16 2019 10:01PM
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नई दिल्ली। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाये रखने पर बल देते हुए आज राज्यसभा में कहा कि आधुनिक समय की जरुरतों के अनुरुप केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में आमूल चूल परिवर्तन किया जाना चाहिए। कांग्रेस के पी भट्टाचार्य ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2019 पर चर्चा शुरु करते हुए कहा कि सरकार आंध्रप्रदेश में अपने वायदे को पूरा करते हुए एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और एक जनजातीय केंद्रीय विश्वविद्यालय खोल रही है।

उनकी पार्टी इसका स्वागत करती है। इससे जनजातीय केंद्रीय विश्वविद्यालय के बनने से आदिवासी समाज को मजबूती मिलेगी और यह समाज देश की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय कानून पूराना हो गया है। यह आधुनिक जरुरतों को पूरा नहीं कर रहा है। सरकार को इस कानूनों में बदलाव करना चाहिये। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आंध्रप्रदेश में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और जनजातीय केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने का प्रावधान करने वाले ‘ केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2019’ सदन में चर्चा के लिए पेश किया।

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