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Sport

मैरीकॉम, थापा और अमित ने लगाए स्वर्णिम पंच

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 25 2019 12:29AM | Updated Date: May 25 2019 12:29AM
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गुवाहाटी। छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरीकॉम, अमित पंघल और शिवा थापा ने शुक्रवार को इंडिया ओपन अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण में स्वर्णिम पंच लगा दिए। करमबीर नबीन चंद्र बारदोलोई एसी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस टूर्नामेंट में एशियाई चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता सरिता देवी ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया। 57 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में नीरज ने मनीषा मौन को मात देकर सोने का तमगा हासिल किया। फाइनल के मौके पर असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह मौजूद थे।

मैरीकॉम ने फाइनल में वेनिला दुआती को 5-0 से मात दी। यह मैरी का इंडिया ओपन का दूसरा स्वर्ण है। इससे पहले वह 48 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण जीत चुकी हैं। पंघल ने फाइनल में हमवतन सचिन सिवाच को मात दी। सचिन का कद अमित से ज्यादा था बावजूद इसके अमित मुकाबला जीतने में कामयाब रहे। मैच के बाद पंघल ने कहा, ‘‘सचिन काफी लंबे हैं। मुझे लगता है कि मैंने अभी तक जितने मुक्केबाजों का सामना किया है उनमें वह सबसे लंबे हैं। मैं एशियाई चैम्पियनशिप में लंबे मुक्केबाजों से लड़ा था, लेकिन सचिन उनसे भी लंबे हैं। मेरी कोशिश थी या तो मैं उनके बहुत करीब जाऊं या दूरी बनाए रखूं। दूर रहने से मुझे उनकी तकनीक के बारे में भी पता चल रहा था और इसके बाद मैंने पास जाकर आक्रमण किया।’’

शिवा ने अपने घर में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत के ही मनीष कौशिक को मात दी। इसी के साथ शिवा ने 2018 में मनीष के हाथों मिली हार का बदला भी ले लिया। गुवाहाटी के शिवा ने यह मैच 5-0 से जीता। सरिता देवी ने फाइनल में सिमरनजीत कौर को 3-2 से मात देते हुए स्वर्ण हासिल किया।  यह सरिता का बीते तीन साल में पहला स्वर्ण है। इससे पहले वह दक्षिण एशियाई खेलों-2016 में स्वर्ण जीती थीं। उन्होंने यह पदक अपनी मां को समर्पित किया है। विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता सोनिया को मात देने के बाद नीरज ने अपना दबदबा फाइनल में भी बरकरार रखा और मनीषा को 5-0 से पटखनी दी। एशियाई चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता आशीष कुमार ने 69 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में बेहतरीन क्लास का परिचय देते हुए दुर्योधन सिंह नेगी को 5-0 मात दी। स्थानीय खिलाड़ी जमुना बोरो ने वाई संध्यारानी को 5-0 से हराया।

विश्व चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता लवलिना बोरगोहेन को हालांकि 69 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें इटली की असुंता केनफोरा ने 3-2 से हराया। एशियाई चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता दीपक ने 49 किलोग्राम भारवर्ग में गोविन्द कुमार साहनी को 5-0 से हराया। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कविदर सिंह बिष्ट को भी आखिरीकार हार मिली। उन्हें चाटचाई डेचा बुटदी ने हराया। 64 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में रिंग में उतरे रोहित टोकस को पहले ही दौर में घुटने में चोट लगी और वह मुकाबला पूरा नहीं कर पाए। इसी कारण उनके विपक्षी मॉरिशस के कोलिन लुइस रिचार्नो को स्वर्ण पदक मिला। आशीष कुमार से 75 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण की उम्मीद थी लेकिन सेमीफाइनल में सिर पर लगी चोट के कारण वह रिंग में नहीं उतरे और उनके विपक्षी फिलिंपिस के फेलिक्स डेलोस सांतोस को स्वर्ण मिला। 

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