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जमीन पर बैठ कचरा बीनने वाली महिलाओं से मिले पीएम मोदी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 11 2019 1:21PM | Updated Date: Sep 11 2019 3:59PM
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मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के मथुरा में हैं। प्रधानमंत्री ने मथुरा के वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशु आरोग्य मेले की शुरुआत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मथुरा की धरती से देश और दुनिया को 'प्लास्टिक मुक्त भारत' बनाने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने मथुरा पहुंचकर कचरा बीनने वाली महिलाओं से मुलाकात की। पीएम मोदी ने प्लास्टिक का कूड़ा बीनने वाली 25 महिलाओं के साथ बैठकर खुद प्लास्टिक प्रबंधन के गुर सीखे। उन्होंने कूड़े से कौन सी प्लास्टिक को कहां रखना है? आदि की जानकारी हासिल की। यही नहीं पीएम मोदी ने इस दौरान इन महिलाओं को सम्मानित भी किया और उनके कार्यों में आने वाली दिक्कतों को करीब से समझा।
 
इसके साथ ही मोदी ने पशुओं में होने वाली अलग-अलग बीमारियों के टीकाकरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। मोदी ने देश भर के लिए 40 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही साथ प्रधानमंत्री की तरफ से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए भी सभी से अपील की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ब्रज भाषा में की। मोदी ने कहा कि नए जनादेश के बाद कान्हा की नगरी में पहली बार आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बार भी पूरे उत्तर प्रदेश का पूरा आशीर्वाद मुझे और मेरे साथियों को प्राप्त हुआ है। देशहित में आपके इस निर्णय के लिए में ब्रजभूमि से आपके सामने शीश झुकाता हूं। आप सभी के आदेश के अनुरूप बीते 100 दिन में हमने अभूतपूर्व काम करके दिखाया है। मुझे विश्वास है कि देश के विकास के लिए आपका ये समर्थन और आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा। 
 
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रजभूमि ने हमेशा से ही पूरे विश्व और पूरी मानवता को प्रेरित किया है। आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए रोल मॉडल ढूंढ रहा है। लेकिन भारत के पास भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्रोत हमेशा से रहा है, जिनकी कल्पना ही पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है। प्रकृति, पर्यावण और पशुधन के बिना जितने अधूरे खुद हमारे आराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन हमें भारत में भी नजर आएगा। पर्यावण और पशुधन हमेशा से ही भारत के आर्थिक चिंतन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
स्वच्छ भारत हो, जल जीवन मिशन हो या फिर कृषि और पशुपालन को प्रोत्साहन। प्रकृति और आर्थिक विकास में संतुलन बनाकर ही हम सशक्त और नए भारत के निर्माण की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। आज स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हुई है, नेशनल एनीमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, डेरी उद्योग और कुछ अन्य परियोजनाएं भी शुरु हुई हैं। इसके अलावा मथुरा के इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़े कई परियोजनाओं शुभारंभ भी हुआ है।
 

 

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