18 Jan 2020, 06:08:58 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news » National

मानवाधिकारों को मजबूत करना सामूहिक जिम्मेदारी: कोविंद

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Dec 10 2019 2:36PM | Updated Date: Dec 10 2019 2:36PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि मानवाधिकारों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना समूचे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कोविंद ने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह में कहा कि मानवाधिकार आयोग ने इस क्रम में नागरिक समाज के साथ हाथ मिलाकर जागरुकता फैलाने का बेहतर कार्य किया है। उन्होंने संविधान सभा की सदस्य हंसाबेन मेहता के मानवाधिकारों और समानता के लिए किये गये कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा ‘‘हमें खुद से पूछना चाहिए कि एक समाज के रूप में हम समानता के अधिकार के उनके दृष्टिकोण और महिलाओं की समान गरिमा के लिए क्या कर सके हैं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ दुर्भाग्य से हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं ने हमें पुन: सोचने पर मजबूर किया है। महिलाओं के प्रति गंभीर अपराध देश के अनेक क्षेत्रों में हाल ही घटित हुए हैं। ये एक स्थान या एक देश तक सीमित नहीं हैं। दुनिया के अनेक स्थानों पर कमजोर लोगों के मानवाधिकारों का हनन होता रहा है। ऐसी स्थिति में पूरी दुनिया में मानवाधिकारों के लिए यह आदर्श होगा कि हम विश्व मानवाधिकार दिवस के मौके पर आत्मावलोकन करें।’’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में मानवाधिकारों को लेकर जारी घोषणापत्र को उसी के अनुरूप क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मामूली अपराधों के लिए बच्चे, बंधुआ मजदूर और अन्य लोग जो जेलों में बंद हैं, हमें उनके बारे में सोचना है। क्या पता उन्होंने ये अपराध नहीं भी किये हों, हमें उनकी तकलीफों के बारे में भी सोचना है। सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए ये ऐसे मसले हैं जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा कि आत्मावलोकन बहुत जरूरी है लेकिन मुद्दे के दूसरे पहलू कर्तव्यों की ओर भी बराबर ध्यान देना होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि अधिकार और कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाओं को लेकर हमारी विफलता हमारे कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का परिणाम भी होती है।

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »