12 Dec 2017, 23:24:37 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
Astrology

मां "ब्रह्मचारिणी" की पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 22 2017 2:43PM | Updated Date: Sep 22 2017 2:50PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

नई दिल्ली। कठोर तप और ध्यान की देवी "ब्रह्मचारिणी" माँ दुर्गा का दूसरा रूप हैं। इनकी उपासना नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है। 
 
देवी ब्रह्मचारिणी: ‘ब्रहाचारिणी’ माँ पार्वती के जीवन काल का वो समय था जब वे भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थी। तपस्या के प्रथम चरण में उन्होंने केवल फलों का सेवन किया फिर बेल पत्र और अंत में निराहार रहकर कई वर्षो तक तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। इनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाएँ हाथ में कमण्डल है।
 
माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के लिए यह मंत्र है -
 
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
 
पूजा में उपयोगी वस्तु:
भगवती को नवरात्र के दूसरे दिन चीनी का भोग लगाना चाहिए और ब्राह्मण को दान में भी चीनी ही देनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य दीर्घायु होता है। इनकी उपासना करने से मनुष्य में तप, त्याग, सदाचार आदि की वृद्धि होती है।
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »