20 Jan 2017, 05:00:29 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

  • कुर्ता फाड़ राजनीति उर्फ स्व-चीरहरण

    राहुल गांधी की कुर्ता फाड़ राजनीति ने मुझे आकंठ विचलित कर दिया। वो जब आमसभा में अपने फटे कुर्ते और फटे जूतों का मुजाहिरा कर रहे थे तो मेरा तन-मन

  • बेटियों का स्वागत यूं भी

    महाराष्ट्र का बीड़ जिला बहुत बदनाम रहा है। वहां कन्या शिशु भ्रूण हत्या का एक लंबा समय मौजूद है। बीड़ के बारे में कहा जाता रहा है कि यहां कन्या शिशु भ्रूण

  • रुक जाना नहीं तू कभी हार के...

    उस बड़ी बहन के लिए यह रास्ता कितना कठिन और दुर्गम था। पर, वह पैदल 100 किलोमीटर चलकर न्यायालय के दरवाजे पर पहुंची वह भी केवल इसलिए कि

  • साइकिल के सामने कांटोंभरी राह

    तो अब तय हुआ है कि मुलायमसिंह यादव अलग से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे और न खुद अखिलेश यादव को ललकारेंगे। तय हुआ है कि पिता के उम्मीदवारों की सूची का

  • प्रसाधन सामग्री, कितना करें शृंगार?

    पिछलें दिनों अमेरिका से लेकर पूरे यूरोप तक यह बात फैली कि महिलाओं की प्रसाधन सामग्री इतनी हानिकारक है कि यदि गर्भवती महिलाएं उसे प्रयोग करती हैं

  • गांधी, खादी, खादी और मोदी

    फुरसत के पल में, जब दूसरा कुछ न सूझे तो हम सबका एक शगल होता है, कलम लेकर किसी लड़की के फोटो पर दाढ़ी-मूंछ चस्पा करना या कि किसी पुरुष चेहरे को

  • महिलाएं हैं सूर्य की उपासक

    हमें सर्वोच्च शक्ति को धन्यवाद देना चाहिए कि हमने पृथ्वी के एक ऐसे भू-भाग में जन्म लिया है जहां सूर्य के प्रकाश की असीम कृपा है। सूरज की किरणें मन में

  • चुनाव सुधार का सही वक्त

    विगत 2 जनवरी को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने धर्म, जाति और मत, संप्रदाय के नाम पर चुनाव लड़ने को असंवैधानिक करार दिया था। मुख्य न्यायाधीश की

  • अभिनेत्री और सामाजिक चेतना

    फिल्मी दुनिया बहुत चकाचौंधभरी है। ऐसा लगता है कि इस दुनिया में केवल रोशनी से भरे दिन होते हैं और चमकती हुई रातें होती हैं। पैसा बेहिसाब है

  • सावधानी से निपटें चीन से

    जब भारत ने 20 अप्रैल, 2012 को पहली बार तीन चरणों वाली बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया था, उस वक्त चीन ने अपनी काफी सधी हुई

  • दादा-दादी, नाना-नानी की ओर से बधाई

    प्राय: समाचार पत्रों में विज्ञापन में बच्चों के जन्मदिन को लेकर चित्र दिए जाते हैं। उनमें उनके जन्मदिन पर दी गई शुभकामनाओं में लिखा होता है

  • सियासत का स्वच्छता अभियान कब?

    आजादी के 70 वर्षों बाद भी हम अपने आचरण, चरित्र, नैतिकता और काबिलीयत को एक स्तर तक भी नहीं उठा सके। हमारी आबादी इतने वर्षों में करीब चार गुना हो

  • विदेश मंत्रालय और भावनाओं का वर्चस्व

    क्या महिलाओं की तथा सामान्य परिवारों की विदेश विभाग और उसकी नीति में कोई रुचि हो सकती है? भारत के अन्य देशों के साथ किस तरह के संबंध है और उनके

  • अब रुकेगी मजहबी सियासत

    लोकसभा चुनाव हो या विधानसभाओं के, पंचायत के चुनाव हों या स्थानीय निकायों के, चाहे बार काउंसिल का चुनाव हो या अन्य संस्थाओं के, जाति, धर्म, नस्ल, प्रदेश, समुदाय और भाषा की

  • थाने में लड़कियां और देखे हथियार

    मुंबई पुलिस ने एक अभिनव प्रयोग किया है। पुलिस ने लड़कियों के स्कूलों में संपर्क कर वहां के प्रधानाध्यापक तथा प्रधानाध्यापिका से संपर्क कर अनुरोध किया कि

  • गुनाह नहीं है बढ़ती आबादी पर चिंता

    बढ़ती जनसंख्या पर अगर बात करना गुनाह है तो सरकारी नारा ‘हम दो हमारे दो’ का क्या मतलब? यह पंचलाइन कम बच्चे पैदा करने के लिए ही लिखी गई

  • एक यातना शिविर का सफर

    एक वैन में जहां लगभग आठ लोगों के बैठने की सुविधा थी वहां 18 बच्चे भरे हुए थे। वैन के दरवाजे बंद होते हैं और इतनी ठसाठसी में सांस लेने की भी

  • भारतवंशियों की कितनी चिंता?

    आपको याद होगा कि तीन-चार दशक पहले तक भारत से बाहर जाकर बसे भारतीयों को हेय भाव से देखता था हमारा समाज। कहा जाता था कि देश के

  • चीफ जस्टिस के लिए चीफ हैं माता-पिता

    भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर के लिए उनके माता-पिता की सेवा भी सर्वोच्च प्राथमिकता रही। उनकी माता का स्वर्गवास हो

  • पिछली गलतियों से सीखें राहुल

    हर कोई छुट्टी पर जाना चाहता है, परिवार के साथ वक्त बिताना चाहता है। कोई भी हो उसके लिए छुट्टी पर किसी रोमांच से कम नहीं होता, लेकिन यही छुट्टियां जब कोई

  • जरूरी हो गया था दरवाजा दिखाना

    आखिर वही हुआ जिसका डर था। देश की सर्वोच्च अदालत ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को पद से

  • प्रशासकीय जिम्मेदारियों के बीच परिवार

    कुछ समय पहले दिल्ली के लेफ्टीनेंट गर्वनर नजीब जंग ने अपनी प्रशासकीय जिम्मेदारियों से मुक्त होने के लिए त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने कहा वह अपने परिवार को

  • मोदी सफल, सरकार विफल!

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड उतना खराब नहीं है, जितना प्रचार किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार में अभी तक कोई

  • फिल्मी गीतों के शब्दों में गूंजती असमानता

    मुंबई के एक एनजीओ अक्षरा केंद्र ने एक सूत्र वाक्य दिया है-पेन उठाओ, गाना घुमाओ। ‘‘इस स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) ‘अक्षरा’ के मुंबई के अलग-अलग कॉलेज के

  • जनता जानती है नौटंकी की हकीकत

    बचपन में एक कहानी पढ़ी थी किस तरह बीमार बेटे हुमायूं की जान बचाने के लिए वालिद बाबर ने अल्लाह से दुआ मांगी और कहा था कि अगर उन्हें किसी की जान लेनी ही है

  • पिछला वर्ष और महिलाएं

    गुजरा हुआ वर्ष कई कदमों और बातों के लिए महिलाओं को याद रखना चाहिए, क्योंकि इस वर्ष जो भी हुआ वह महिलाओं को ही कई बार केंद्र में लेकर था

  • आर्थिक नाकेबंदी में उलझा मणिपुर

    मणिपुर सरकार ने 28 अक्टूबर 2016 को दो जिलों सदर हिल्स और जिरिबाम का प्रस्ताव रखा, जिसमें नागा यूथ फेडरेशन ने 30 अक्टूबर, को 24 घंटे बंद का आह्वान

  • यात्रियों की सुरक्षा ही बेपटरी

    कानपुर देहात के नजदीक 28 दिसंबर की सुबह सियालदह अजमेर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 50 से अधिक लोग जख्मी हो गए। इस दुर्घटना में

  • माया तू महाठगिनी

    मायावती की बहुजन समाज पार्टी के बैंक खाते में नोटबंदी की घोषणा के बाद 104 करोड़ रुपए के पुराने बड़े नोट जमा कराए जाने के बाद साफ हो जाना चाहिए

  • सभी को मिले आयकर छूट का पैसा

    नोटबंदी को लेकर एक नई खुशी छाने लगी है। नरेंद्र मोदी सरकार अपने चौथे बजट में कॉरपोरेट और इनकम टैक्स में कटौती करने वाली है ताकि मंद गति से चल रही

  • बेटियों की खुशी का दिन

    जब प्रशासन इस ओर सजग हो जाए कि बेटियों की खुशी में ही उन्हें सशक्त बनाने का संदेश भी निहित है तब बेटियां अवश्य ही बच भी जाएंगी और पढ़ भी

  • शिवाजी के बहाने शिवसेना पर चोट

    छत्रपति शिवाजी महाराज के विराट स्मारक का हॉवरक्राफ़्ट में बैठकर पहले जल पूजन और बाद में एक जनसभा को संबोधित करके पीएम नरेंद्र मोदी ने एक तीर से कई

  • अब नहीं तो कब जागेंगे ग्राहक

    देश की अर्थव्यवस्था में ग्राहक का महत्वपूर्ण स्थान होता है, वह राजा होता है, ग्राहक तय करता है कि उसे क्या खरीदना है? क्योंकि उसे चयन का अधिकार प्राप्त

  • पहले ग्रामीणों को तैयार करें

    भारत ग्रामीण बहुलता का देश है। प्रत्येक बड़े बदलाव में गांवों को शामिल करना अपरिहार्य है। कैशलेस व्यवस्था की ओर बढ़ना समय की अवश्यकता है

  • जनता की जेब खाली क्यों

    जब सरकार यह कहती है कि रिजर्व बैंक नोटबंदी के बाद पैदा हुए नोटों की कमी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, तो यह प्रश्न अनायास ही उठता है कि रिजर्व बैंक की इतनी

  • सेना प्रमुख की नियुक्ति पर निंदा क्यों

    भारतीय थलसेना के नए प्रमुख होंगे लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत। जैसे ही मोदी सरकार ने अपने इस निर्णय को सार्वजनिक किया, कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों ने

  • सरकार है या बिग बाजार

    जब मुल्क के लिए योजनाएं बनाने वाली संस्था नीति आयोग के कार्यकारी प्रमुख लकी ड्रॉ और बंपर ड्रॉ बनाने लगें तो यकीन कर लेना चाहिए कि एक दिन सरकार अपनी योजनाएं के

  • 1971 में देखता रह गया था पाक

    पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सेना की 1971 की कार्रवाई को द लाइटनिंग कैंपेन का नाम दिया गया था, भारत के लिए यह एक बेहद जटिल सैन्य अभियान था

  • ट्रंप और ड्रैगन में तकरार

    ताइवान को चीन का हिस्सा मानने की नीति को ही एक चीन नीति कहते हैं। लगभग चार दशक से अमेरिका भी इस नीति को मान्यता देता रहा है

  • अनचाही और अप्रिय स्थिति का हल

    यदि समाज में अप्रिय घटनाएं घटती हैं जो उनके अप्रिय परिणाम ही मिलते हैं और यदि यह दुर्घटनाएं युवतियों के साथ घटती हैं तो उन्हें इनके अनचाहे परिणामों से बचाना

  • अब करप्शन बना सिस्टम

    वेल्लूर 24 करोड़ तो दिल्ली 15 करोड़ 65 लाख। चेन्नई 10 करोड़ तो चित्रदुर्ग पांच करोड़ 70 लाख। गोवा में डेढ़ करोड़ और उसके बाद मुंबई से लेकर कोलकाता और जयपुर से

  • कारगर होगी पॉलिमर करेंसी

    अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण नोटबंदी पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करते हुए कहा गया था कि नोटबंदी से काले धन एवं

  • आज युवाओं की जरूरत मनोचिकित्सा

    ऐसा कोई दिन अब शायद ही होता है जब किसी युवक व युवती किशोर, किशोरियां भी सम्मिलित कर लें, की आत्महत्या का समाचार नहीं मिलता

  • सेवा का महायज्ञ है नमामि देवी नर्मदे

    जनता को भगवान मानकर उसकी उपासना करने वाले शिवराज सिंह चौहान जनकल्याण और जनहितार्थ परिश्रम के प्रयासों में तत्पर रहते हैं।

  • रोज मर रहे 400 लोग, फिर भी खामोशी

    किसी की मौत किसी भी दशा में जायज नहीं होती। आतंकी घटनाओं में लोगों का मारा जाना हो या बीमारियों के प्रकोप से, या फिर प्रदूषण की मार हो जो अंदर-अंदर हमको

  • नोटबंदी पर भ्रमित विपक्ष

    काले धन पर हुए हमले के खिलाफ कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी समेत कई दलों के नेताओं ने बयान बहुत दिए हैं। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, मीडिया प्रभारी

  • पनीरसेल्वम के सामने कड़ी चुनौतियां

    मायावती और ममता बनर्जी की तरह जयराम जयललिता के अत्यधिक प्रभाव के चलते पार्टी के भीतर सेकंड इन कमान, यानी दूसरे नंबर की लीडरशिप नहीं पनप सकी

  • हर आंख में है एक सपना

    पानी, बिजली, खाना, शिक्षा, इलाज, घर, रोजगार... देश में बात इससे आगे तो कभी बढ़ी ही नहीं। नेहरू से लेकर मोदी के दौर में यही सवाल देश में रेंगते रहे।

  • महिलाएं बनीं पुलिस की मित्र

    महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों की संख्या अब इतना परेशान करने लगी है कि हर स्तर पर कदम उठाने की जरूरत है। बहुत सारे कानून तो अब भी मौजूद हैं

  • कमजोर न पड़े फैसला

    बाजार मूलक अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सिद्धांत यह होता है कि इसमें उपभोक्ता या ग्राहक अपनी वरीयताएं स्वयं तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं

  • पहले राष्ट्रगान फिर फिल्म

    ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा, जो गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के लिखे राष्ट्रगान के शब्दों और उन्हें दी गई धुन से गुजरा न हो। राष्ट्रगान पिछले 66 वर्षों से हमारी आजादी और संप्रभुता पर

  • चाक चौबंद नहीं है सुरक्षा

    कश्मीर के नगरोटा में आर्मी कैंप पर आतंकी हमले से ये साफ हो जाना चाहिए की सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर वाहवाही से देश की सुरक्षा चाक चौबंद नहीं हो

  • पशु व अन्य प्राणियों के साथ शिष्टाचार

    क्या पशु प्राणी नहीं हैं? क्या वह प्राणी जंगल का हिस्सा नहीं हैं? क्या उनमें प्राण शक्ति का संचार नहीं होता? ऐसा तो नहीं है। सृष्टि में आकार व रूप के कितने विभिन्न प्राणी इस पृथ्वी पर

  • राजनीति को लोकनीति में बदलने वाले नेता हैं शिवराज

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शिवराजसिंह चौहान के 11 वर्ष के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मैं यह मानता हूं कि उन्होंने ‘राजा’ और ‘प्रजा’ के बीच की दूरियों को

  • एक साथ नहीं बहेगा खून और पानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों पंजाब के बठिंडा में एक रैली को संबोधित करते हुए यह कहकर कि सिंधु जल की एक-एक बंूद को पाकिस्तान जाने से रोका

  • गांवों में महिला अपराध बढ़े

    एक समय ऐसा था जब ग्रामीणों के भोलेपन और उनकी शुद्ध मानसिकता की बहुत चर्चा होती थी। भोले-भाले ग्रामीणवासियों के लिए यही विशेषण प्रयोग में लाया जाता

  • जीडीपी की दरें भी एकपक्षीय

    सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की दरों को लेकर बहुत उत्साहित नहीं रहा जा सकता। जब ये बढ़ जाते हैं तब भी नौकरियां नहीं बढ़ती हैं और जब ये घट जाते हैं तब तो जो नौकरियां होती हैं

  • एक तो आतंक, ऊपर से सूखे की मार

    वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन दोनों की एक साथ दोहरी मार के फलस्वरूप उपजी समस्याएं भयावह रूप को धारणकर मनुष्यों के गरिमापूर्ण

  • महिला कर्मचारियों की स्थिति बेहतर बनाई

    समाज और उसकी व्यवस्था से कई परिवर्तन ऐसे हो रहे हैं जो महिला हितैषी भी हैं और उन्हें काम करने की बेहतर सुविधाएं भी दे रहे हैं। इनके बारे में बात करना और

  • ट्रैक बढ़ेंगे तो हादसे थमेंगे

    कानपुर रेल हादसे से सारा देश उदास है। मरने वालों की संख्या डेढ़ सौ को छू रही है। आज जबकि समूचा देश मृतकों को अश्रुपूरित विदाई दे रहा है, तब मांग करने वाले यह मांग कर रहे हैं

  • छह साल में होंगे सबके घर

    हर आदमी का सपना होता है कि उसका भी अपना एक घर हो। पहले मकान बनता है फिर घर बनता है। वह घर जिसमें परिवार रहता है और उसमें आत्मीयता होती है।

  • दोनों बेटियां बेटों से भी बढ़कर

    मेरे नाती का पिछले वर्ष ही विवाह हुआ है। हमारी बहू बहुत अपनत्वभरी व सामंजस्य स्थापित करने वाली युवती है, पर, उसकी प्रशंसा यहीं नहीं रुकती।

  • थम गए पत्थर फेंकने वाले

    काले धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक से तमाम सवालों का जवाब एक झटके में दे दिया गया। हजार-पांच सौ के नोटों का चलन बंद करने से आतंकवाद, नक्सली हमले, भ्रष्टाचार

  • लाइन में खड़ी महिलाएं...

    जब से करंसी का विप्लव हुआ है तब से समाज का प्रत्येक वर्ग किसी न किसी प्रतिक्रिया से अवश्य गुजरा है। सब ने इस संघर्ष में भाग लिया है।

  • निवेशकों में भरोसा बढ़ेगा

    चिकित्सा विज्ञान में रक्त का शोधन कई बीमारियों को ठीक करने का कारगर उपाय है, क्योंकि रक्त शरीर का वह घटक है, जिस पर शरीर की अन्य सभी गतिविधियां निर्भर

  • पांच महीने का विवाह और विवाद

    दिल्ली के उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए इस बात पर विशेष जोर देकर कहा कि - वैवाहिक संबंधों के निर्वाह में बौद्धिक कुशलता अर्थात् बुद्धि की प्रवीणता कुछ

  • बेटी बचाने की दिशा में सुखद फैसला

    देश के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने एक आदेश में गूगल, याहू व माइक्रोसॉफ्ट जैसे सर्च इंजनों को कहा कि वे 36 घंटे के भीतर अपनी-अपनी वेबसाइटों से

  • व्यवहार का यह अंतर क्यों

    कुछ दिनों तक उस बच्चे (सातवीं/आठवीं क्लास में पढ़ने वाले को बच्चा ही कहा जाएगा। हांलाकि उसे किशोर भी कहा जा सकता है) की बातों का पैरेंट्स ने बुरा नहीं

  • मोदी के पास मां है, इसलिए जलता जहां है...

    मेरे पास बंगला है..., गाड़ी है..., नौकर है..., बैंक बैंलेंस है..., तुम्हारे पास क्या है? इसके आगे का जवाब आप जानते हैं। हिंदी सिनेमा की सुपरहिट फिल्म दीवार का वह

  • नार्को-टेररिज्म पर भी लगेगा ब्रेक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की शाम जब राष्ट्र को संबोधित किया था, तभी उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि 500 और 1000 के बड़े करेंसी नोट क्यों तत्काल प्रभाव से

  • जापान से खुलेगी विकास की राह

    21 वीं शताब्दी में एशिया का अभ्युदय एक नया वैश्विक वृद्धि केंद्र के रूप में हो रहा है चीन और जापान के साथ भारत भी इसका केंद्र है। भारत-जापान संबंध ऐसे में काफी

  • यह उपदेश नहीं, सलाह है

    परिवार की युवा बेटी जल्दी-जल्दी तैयार हो रही थी। इस बीच उसके मोबाइल की घंटी (क्यूजिबल टोन) बीच-बीच में बजती रही, जिसे वह कंधे पर टिकाकर अपने सिर को

  • गांव की लड़कियों का सामाजिक सरोकार

    प्राय: शहर की लड़कियों के बारे में समाचार आते रहते हैं कि वह किस तरह से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई हैं। वह कभी गरीब बस्तियों में जाकर काम करती हैं

  • देश की खूबियां बचाने की फिक्र

    कई जातियां, बोलियां, भाषाएं, अनेक धर्म-संप्रदाय, खान-पान, लाखों वनस्पतियां, सैकड़ों जीव जंतु और कई तरह की पेड़-पौधों की प्रजातियां भारत की भौगालिक संपदा की

  • भारत-ब्रिटेन: एक- दूसरे की जरूरत

    भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक संबंध तो यहां ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन से शुरू हुए थे और फिर यह संबंध औपनिवेशिक गुलामी में बदल गए।

  • हिलेरी और ट्रंप की जीत का विश्लेषण

    इस बात की तुलना करना शायद सही नहीं होगा कि महिला व पुरुष की समानता की बात हिलेरी और अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाले चुनाव के

  • काले धन के खिलाफ बड़ा कदम

    नरेंद्र भाई मोदी का स्टाइल और स्ट्राइक मुझे बहुत भाता है। उनके काम करने के स्टाइल और स्ट्राइक का मैं शुरू से ही कायल रहा हूं, प्रधानमंत्री बनने के बहुत पहले से।

  • हिलेरी आए या ट्रंप, भारत में निराशा नहीं

    अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के राजतिलक की तैयारियों के बीच दुनिया के बाजार में तेजी और मंदी का स्वाभाविक असंतुलन देखने को मिल रहा है।

  • वन रैंक वन पैंशन का मुद्दा बना फांस

    पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल की आत्महत्या ने वन रैंक वन पैंशन ( ओआरओपी ) के मुद्दे को फिर से जिंदा कर दिया है। सैनिकों की अधिकांश मांगें मानने के बाद

  • पैरेंट्स नहीं चाहते कि बच्चे खेल न पाएं

    स्पेन के पैरेंट्स ने स्कूलों के सामने धरना देना प्रारंभ किया है। वह बारी-बारी से स्कूलों के सामने बैठ रहे हैं। इनमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं।

  • जेलों की सुरक्षा को लेकर कोहराम

    भोपाल की एक घटना को लेकर आजकल देश में कृष्ण जन्मस्थलों (जेलों) की सुरक्षा को लेकर न सिर्फ कोहराम मचा है, बल्कि रामभक्तों (भाजपा) की सरकारों से पूछा जा

  • अमेरिका में अतिवाद का असर

    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव उलझता जा रहा है। मुकाबला उतना सीधा, सरल और एकपक्षीय नहीं रहा, जैसा पहले समझा जा रहा था। चुनावी सर्वेक्षणों में अब धीरे-धीरे समीकरण बदल रहे

  • सोशल मीडिया ने तुड़वाई शादी

    सऊदी अरब के एक दूल्हे की शादी को हुए अभी दो ही घंटे बीते थे कि उसने अपनी शादी तोड़ दी। इतने कम समय में शादी तोड़ देने का रिकॉर्ड बना है या

  • विश्व महापर्व बनी दिवाली

    अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर दिवाली की बधाई दी। उसके बाद मोदी ने एक ट्वीट करके कहा कि यह जानकर अच्छा लगा कि

  • पत्नी का बदला बच्चों से

    पति-पत्नी में बहुत लड़ाई हुई, वैसे तो यह विवाद होता ही रहता था पर आज बात बहुत बढ़ गया था। इस विवाद में मार-कूट तक तो विवाद पहुंचता ही था।

  • नया गुल खिलाएगी चीन-पाक दोस्ती

    चीन से पाकिस्तान की नजदीकियां बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे दौर में जब पाकिस्तान के खिलाफ पूरा विश्व एकजुट हो रहा है और आतंक के मसले पर सार्क सम्मलेन तक

  • टाटा मतलब शख्स और शख्सियत

    वर्ष 2012 से टाटा समूह की चेयरमैनशिप संभाल रहे व्यावसायिक कुशलता के धनी सायरस मिस्त्री जब उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए तो उन्हें बाहर का रास्ता देखना पड़ा।

  • समान कानून पर सियासत हावी

    मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों की मजहबी विद्वता पर शक नहीं किया जा सकता लेकिन तीन तलाक के मसले पर उनका नजरिया तसल्ली नहीं देता।

  • वाट्स एप छेड़खानी का माध्यम नहीं

    उनकी वाट्स एप पर मित्रता हुई। युवती और युवक एक ही बिल्डिंग में रहते थे। आते-जाते लगभग रोज ही दोनों की मुलाकात होती। कुछ निकटता बढ़ी तो दोनों ने मोबाइल

  • अगला स्ट्राइक कालेधन पर

    कालेधन के मुद्दे पर कड़ी आलोचना के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रयास रंग लाने लगे हैं। विदेशी बैंकों में जमा कालेधन का मुद्दा पिछले दो लोकसभा चुनावों में

  • यह चुप्पी कितनी है खतरनाक

    दो दिन पहले एक और युवती ने कहा कि ट्रम्प ने उसके साथ अत्यंत अश्लील अशिष्ट व्यवहार किया। वह अमेरिका के एक टेलीविजन रियल्टी शो, द अप्रेन्टिस में

  • घबराएं नहीं ग्राहक

    बिना ग्राहक की गलती के एटीएम-डेबिट कार्ड के डाटा चुराकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पहला मामला भारत में सामने आया है। अब तक 19 बैंकों के एटीएम-डेबिट कार्ड के डाटा

  • शह को मात देने में माहिर हैं शाह

    शतरंज के माहिर खिलाड़ी अमित शाह को चुनावी बाजी पलटने में भी महारत हासिल है। इसी कारण भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष बनने पर उन्हें आधुनिक चाणक्य बताया गया।

  • छोटे पर्दे पर खुशमिजाज नागिन

    इन दिनों टीवी के एक चैनल पर हंसती-खिलखिलाती व खुशमिजाज तथा दूसरों को भी गुदगुदा कर हंसाने चाली इच्छाधारी नागिन दिखाई दे रही है।

  • मेरे राम का मुकुट भीग रहा है

    श्री राम संग्रहालय के साथ ही अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने की राजनीति गरमाने लगी है। गौर से देखा जाए तो श्रीराम के जन्मस्थान अयोध्या में

  • मूक माटी: मृण्मय से चिन्मय तक

    कुछ दिनों पूर्व जब आचार्य विद्यासागरजी से मेरी पहली मुलाकात हुई तो मुझे उनका हिंदी भाषा के प्रति प्रेम देखकर बहुत अच्छा लगा, किंतु जब मैंने उनका महाकाव्य मूक माटी पढ़ा तो

  • सशक्तिकरण और समानता का कड़वा सच

    जब भी महिला सशक्तिकरण व मुक्ति तथा महिला समानता की बात होती है तब हम पश्चिम, विशेषकर अमेरिका की ओर देखते हैं। ऐसा लगता है महिलाओं को लेकर वह

  • ब्रिक्स में खुली उम्मीदों की नई राह

    जब ब्रिक्स का पहली बार प्रयोग वर्ष 2001 में गोल्डमैन साक्स ने अपने वैश्विक आर्थिक पत्र द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनोमिक ब्रिक्स में किया था

  • एक मां का संघर्ष और उसकी जीत

    बहुत दिन बीत चुके हैं, परंतु वह मां इन सारे दिनों में निरंतर संघर्ष करती रही। एक-एक पल न्याय पाने के लिए जूझती रही। उसे एक क्षण भी आराम नहीं था

  • क्या फिर झंडा गाड़ पाएंगे खंडूरी

    उत्तरप्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों की उलटी गिनती शुरू होते ही भाजपा की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। 2017 के उत्तराखंड चुनावों की बिसात के केंद्र में

  • अमानवीयता की हद और हमारी सोच

    सुप्रीम कोर्ट की वकील ऐश्वर्या भट्टी ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मासूम नाबालिग किशोरी को इस तरह की पीड़ा और यातना से गुजरना पड़ा।

  • तलाक के साइड इफेक्ट्स

    वैवाहिक संबंधों की खटास को लेकर जिस तरह आजकल न्यायालयों में याचिकाएं लग रही हैं और तलाक मांगे जा रहे हैं उनके विभिन्न आधारों को लेकर चौंकना बहुत स्वभाविक है।

  • रंजिश छोड़ निवेश बढ़ाएं राज्य

    कावेरी और महानदी के जल बंटवारे से लेकर एयरपोर्ट के नामकरण पर तमिलनाडु-कर्नाटक, ओडिशा, छतीसगढ़ जैसे राज्य लड़ रहे हैं। इनके विवाद कटु भी होते गए।

  • महिलाएं बनीं बेहतर व्यवसायी

    जब से महिलाओं ने व्यापार करने में रुचि दिखाई है, उनकी आर्थिक प्रगति और स्थिति में बेहतर परिवर्तन केवल उनकी बेहतरी के लिए नहीं है बल्कि इसने समाज की भी

  • धर्मनिरपेक्षता का बदला अंदाज

    विजयादशमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग के रामलीला मैदान में अपने भाषण की शुरुआत जय श्रीराम और भाषण की समाप्ति जय जय

  • हैती में आखिर क्यों बिफरा मैथ्यू

    कैरिबियाई देश हैती मैथ्यू के कहर से परेशान है। मैथ्यू बीते 50 बरस का अब तक का सबसे ताकतवर समुद्री तूफान है, जिसने लोगों को यह बता दिया कि प्रकृति की मार के

  • बच्चे मुस्कराते नहीं हैं

    बच्चों की खिलखिलाती हंसी और उसके गुनगुनाते स्वर कहीं खो गए हैं। हंसी तो बहुत दूर की बात है, बच्चे मुस्कराते तक नहीं हैं। ऐसा तो बच्चों का स्वभाव नहीं होना

  • भीतरी आतंकवाद की सर्जरी भी जरूरी

    रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर का हालिया बयान है देश की सुरक्षा के लिए मैं टेढ़ा भी सोच सकता हूं या फिर आतंकवादी हमला हुआ तो घर में घुसकर मारेंगे।

  • यह मिस्टेक नहीं, शर्मनाक है

    भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादियों को मार गिराने पर सवाल उठाने वालों पर जाने-माने फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा है

  • निष्ठुर व्यवस्था, गिड़गिड़ाते मरीज

    उत्तरप्रदेश के लखीमपुर जिला अस्पताल में बेटी की मौत के बाद लाश को घर ले जाने के लिए एक बाप डॉक्टरों से मदद के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने

  • निवेश के फायदे पर संशय

    चालू वित्त वर्ष में सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारकों की जमा पूंजी का 10 प्रतिशत एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) यानि शेयर में निवेश करेगा

  • नए उपग्रहों से तूफान पर नजर

    अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक बार फिर इतिहास रचते हुए इसरो ने पीएसएलवी सी-35 के जरिए दो अलग-अलग कक्षाओं में सफलतापूर्वक आठ उपग्रह स्थापित कर दिए।

  • कन्या पूजन और कन्या का जन्म

    नवरात्र के इन दिनों यदि कन्याओं की बात नहीं की गई तो लगेगा जैसे देवी की आराधना पूर्ण नहीं हुई। उसमें कुछ कमी व अधूरापन रह गया है।

  • सोशल मीडिया और दुर्घटनाएं...

    वही हुआ जिसे लेकर कई विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं कि सोशल मीडिया पर इतना भरोसा न करें। पर, युवा हैं कि मानते ही नहीं हैं और अपनी बातें दूसरों वह भी अनजान और

  • एक मार से ही फूला पाक का दम

    पहले सिंधु ट्रीटी, बाद में सार्क और अब सर्जिकल आॅपरेशन, यकीनन भारत ने उरी हमले के कुछ ही दिनों के अंदर पाकिस्तान को कूटनीतिक स्तर से लेकर मिलिट्री एक्शन में बुरी तरह से घेर

  • भूले-भटके-याद आई

    उस महिला ने कोर्ट में याचिका लगाई कि उसे पति ने गलत ढंग से तलाक दिया है। उसका तो कोई कसूर ही नहीं था इसलिए तलाक की बात को खारिज कर दिया जाए

  • सियासत में फंसी कर्ज माफी योजना

    देश को आजाद हुए सात दशक का एक लंबा वक्त गुजरने को है। इन दिनों में कुछ अगर नहीं बदला तो वह हैं, किसान की दशा और दिशा। दूसरी पंचवर्षीय योजना में कृषि को महत्ता दी

  • मूर्तियां गढ़ती महिलाएं

    कोलकाता से एक शुभ समाचार चित्र सहित प्रकाशित हुआ है। चित्र (फोटो) में एक महिला मां दुर्गा की मूर्ति को आकार दे रही है। समाचार केवल एक पंक्ति में लिखा गया है

  • विश्व मंच पर घिर गया पाक

    भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने केरल के कोझिकोड में आयोजित राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन के समापन में कहा था कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों से

  • रूस ने फिर निभाई दोस्ती

    हिंदुस्तान की हर दर-ओ-दीवार पर लिखी रूस की पक्की दोस्ती की दास्तान को न अमेरिका से बढ़ती दोस्ती मिटा सकती है और न समाजवादी अर्थव्यवस्था से बाजार मूलक

  • जापान का सूरज और छिपता प्रेम

    जापान के ठेठ पूर्व में होने कारण वह उगते सूर्य का देश कहलाता है परंतु पता नहीं क्या हुआ है उस उगते सूर्य की किरणों ने जैसे वहां प्रेम, मुहब्बत व इश्क के जज्बे को सुख दिया है।

  • न युद्ध...न शांति

    दुनिया के तमाम अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से कहीं ज्यादा रोशनी वाली 2900 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर डेढ़ लाख फ्लड लाइट इसलिए चमकते हैं

  • कितना सही है और कितना गलत...

    आजकल अधिकांश स्कूल निजी हाथों में चले गए हैं। पहले शासकीय स्कूल ही होते थे या फिर बड़ी-बड़ी संस्थाएं स्कूल खोलती और चलाती थीं।

  • फिर दांव पर लगा नारी का अस्तित्व

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुराड़ी के भीड़भरे इलाके में मंगलवार को दिन-दहाड़े बीच सड़क पर 21 साल की एक युवती को 34 साल के एक सिरफिरे आशिक ने ढाई मिनट में कैंची से

  • खुद की तोंद मोटी पर लड़की छरहरी चाहिए

    लोकप्रिय अभिनेत्री सोनाक्षाी सिन्हा ने अपने बेबाक अंदाज में कहा- मर्दों की तोंद पर मर्द कुछ नहीं बोलेंगे, बस! जहां लड़की से शादी की बात आती है तो

  • घटता निर्यात, बढ़ती बेरोजगारी

    पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने हर साल ढाई करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक ऐसा हो नहीं पाया है और नौकरियां बढ़ने के बजाय घट रही हैं।

  • यूं मां-बाप से छीने जाते बच्चे

    पता नहीं इस शीर्षक से यह अंदाजा लगा होगा कि नहीं कि मानव तस्करी के अंतर्गत माता-पिता से उनके बच्चे गुपचुप तरीके से छीन लिए जाते हैं।

  • चौंकाने वाली है चीन की चुप्पी

    इस सवाल के साथ कि क्या पाकिस्तान इस बार भी पहले की तरह ही उरी मामले से भी अपना पल्ला झाड़ लेगा या फिर इस बार के भारतीय सैन्य ठिकाने पर हुए हमले से

  • बाल विवाह और तलाक

    पिछले दिनों एक सर्वेक्षण के नतीजों के समाचार लगभग सभी समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए तो उन्होंने चौंका दिया। बड़े लंबे-चौडे और डिजाइनदार खांचों में बांटकर यह

  • भारत की नीति से करीब आए पाक-रूस

    मध्यकाल तक भारतीय विदेश नीति और सुरक्षा नीति के प्रणेता कौटिल्य ने कहा था कि विजय की इच्छा रखने वाला राजा अपने और शत्रु के बल, अबल, शक्ति, देशकाल, यात्राकाल, सेना की

  • यह युद्ध मानसिक है

    यह कैसी बात है कि युद्ध मानसिक भी होता है। इसमें शरीर मौजूद नहीं होता पर, मन युद्ध करते-करते स्वयं को थका हुआ और क्लांत महसूस करता है।

  • सेवा के जुनून से निखरे मोदी

    भारत में नरेंद्र मोदी के पहले जितने प्रधानमंत्री हुुए थे, उनका जन्म आजादी के पहले हुआ था। नरेंद्र मोदी भारत की आजादी के बाद पैदा होने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।

  • बांझन को पुत्र देत...

    गणपतिजी विदा हो गए। अगले बरस जल्दी आएं- का अर्थ है कि यह आने वाला समय सुख-शांति व आनंद से बीते पता ही न चले कि ‘बरस’ बीत भी गया।

  • हितों की रक्षा सपने जैसा

    लोक कल्याणकारी राज्य में उत्पाद उत्पादकों, वितरकों और बिचौलियों से आम उपभोक्ताओं को रक्षा कवच के लिए सरकारें वैधानिक कवच प्रदान करती है।

  • संत जेल में, डॉन बाहर

    बिहार में लालू यादव के राज को जंगलराज बनाने वाला माफिया सरगना शहाबुद्दीन पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भागलपुर जेल से बाहर है।

  • कई भाषाओं से आगे है हिंदी

    अब आप न्यूयार्क से लंदन और न्यूजीलैंड से नाइजीरिया, सिंगापुर से सिडनी, फिजी से फिनलैंड, म्यामार से मारीशस कहीं भी चले जाइए, आपको हिंदी सुनने को मिल जाएगी।

  • कितने मददगार हैं सरोगेसी के कानून

    सरोगेसी पर बनाए गए नए कानून और उस पर आधारित नियमों को लागू करने की स्थिति पर बहुत चर्चा हो रही है। इसमें पक्ष तथा विपक्ष के मत शामिल हैं

  • संस्थाओं की धड़कन थे लखोटिया

    सुभाष लखोटिया के प्रशंसकों एवं चहेतों के लिए यह विश्वास करना सहज नहीं है कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। भारत के शीर्ष टैक्स और निवेश सलाहकार के

  • कश्मीर में कसावट की जरूरत

    हमारी जन्नत पिछले सवा दो महीनों से कर्फ्यू के साए में है, केंद्र की मोदी सरकार और मगरमच्छ के आंसू बहाने वाली जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी

  • पेरेंटस की बात पर निर्णय लें

    यह एक राज्य से नहीं बल्कि कई राज्यों के पेरेंटस की आवाज उठ रही है कि स्कूल बसों में महिला कंडक्टर होना चाहिए। इनकी त्वरित व्यवस्था की

  • चीन को चुनौती देते मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा ने भारत-वियतनाम के रणनीतिक,आर्थिक व सांस्कृतिक भागीदारी को नवीन आयामों से विभूषित किया है।

  • ओबामा का अनादर और रॉड्रिगो की रार

    चीन में दो दिन तक चली जी-20 बैठक में क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, क्या सकारात्मक परिणाम सामने आए, कहां नकारात्मकता दिखी, क्या बेहतर हुआ

  • माता-पिता का तनाव और बच्चे करें आत्महत्या

    अपने संबंधों के कारण उत्पन्न तनाव के कारण माता-पिता यह नहीं समझ पाते हैं कि उनके बच्चों पर कितना मनोवैज्ञानिक दबाव बन जाता है।

  • गुरु वंदना का युग लौट रहा है...

    ऐसा कई बार लगता है कि शायद आजकल गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव शेष ही नहीं रहा। व्यवसाय के रूप में जब शिक्षा स्थापित हो रही है

  • तार- तार होती कश्मीरियत

    कश्मीर में हिंसा का तांडव थमने का नाम नही ले रहा है। पिछले करीब डेढ़ महीने से जन्नत अशांत है। राज्य में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच

  • बच्चों का स्वास्थ्य चेकअप और स्कूल फीस

    निजी स्कूल अपने यहां अलग-अलग शीर्षकों से फीस के साथ राशि बटोरते हैं। उनकी सूची में शामिल शीर्षकों पर नजर डालें तो आश्चर्य होता है

  • फिर टूटने के कगार पर पाक

    पाकिस्तान की ज्यादती के विरोध में बलूचिस्तान में उठ रहीं आवाजों में आज एक और स्वर शामिल हो गया। अब सिंध प्रांत में भी पाकिस्तान से आजादी प्राप्त करने की

  • प्रसन्नता व आनंद से भरी लड़कियां

    वह दोनों लड़कियां परिवार सहित एक अंग्रेजी टीवी सीरियल देख रही थीं। वह सीरियल हास्य की स्थितियों से भरा हुआ था। शायद आपके यहां भी किशोरवय

  • नदियों पर नकेल का दुस्साहस

    क्या हमने नदियों की स्वतंत्रता छीन ली है या फिर उनकी अविरल धारा से छेड़खानी की? तटबंध, बांध-बैराज तबाही के कारण क्यों बने? क्या जलप्रबंधन और संचय की प्राकृतिक और

  • बुर्किनी क्या है तो बिकिनी क्या है

    महिलाओं के कपड़ों को लेकर विवादों के प्रश्न खत्म ही नहीं होते। पूर्व में अलग प्रकार के विवाद हैं तो पश्चिम में अलग प्रकार की बातें उठ खड़ी हैं।

  • कैसे सफल होगा भाजपा का मिशन

    जैसे- जैसे उत्तरप्रदेश विधानसभा के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे प्रदेश की राजनीति में नित नए समीकरण, दलबदल व दिलबदल के खेल सहित अनाप

  • बीमार बच्ची और मां

    आज पुन: बच्चों से संबंधित बात हो रही है। सोशल मीडिया पर, फेसबुक पर एक मां द्वारा डाली गई पोस्ट बहुत चर्चित हो रही है। पुणे की एक कामकाजी महिला स्वाति चितलाकर ने

  • बलूचिस्तान पर घिरता पाकिस्तान

    पाकिस्तान और उसमें रह रहे आतंकी आकाओं ने कश्मीर का बार-बार नाम लिया, भारत ने हमेशा सहन किया, लेकिन भारत ने एक बार ब्लूचिस्तान का नाम क्या लिया

  • दाऊद पाक में रहता है लेकिन...

    यह तो सारी दुनिया जानती है कि भारत द्वारा मोस्ट वांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम और उसका परिवार पाकिस्तान में ठिकाने बदल-बदल कर रहता है

  • दो चोटियां ही बनाएं स्कूली छात्राएं

    केरल राज्य के एक स्कूल ने अपने यहां की छात्राओं को एक आदेश जारी किया कि स्कूल में आने वाली छात्राएं दो चोटियां बना कर ही स्कूल आएं।

  • क्या सचमुच देशद्रोही हैं राम्या

    दक्षिणी राज्य कर्नाटक में देशद्रोह शब्द आजकल काफी चर्चा में है। हाल ही में कश्मीर संबंधी आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के दौरान आजादी के नारे लगने पर

  • बड़ों की भांति मानसिक तनाव झेलते बच्चे

    ऐसे कई परिवार होंगे जिन्होंने अपने बच्चों के खिल-खिलाकर हंसने की आवाज शायद ही कभी सुनी हो। सत्य तो यह है कि बच्चों ने हंसना ही छोड़ दिया है।

  • मुसीबतों का एकीकरण

    भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंकों और देश की एकमात्र महिला बैंक का भारतीय स्टेट बैंक के साथ विलय की मंजूरी 18 अगस्त को भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधन ने दे दी।

  • चूल्हा-चौका ही तो करना है

    कितना लंबा सफर रहा है जिसे लड़कियों ने तय किया है और तब वह इस मुकाम पर पहुंची हैं जहां उन्हें बार-बार यही सुनना पड़ता था- चूल्हा चौका ही तो करना है।

  • राष्ट्रपति भवन पर कश्मीर

    कश्मीर समस्या के हल के लिए राष्ट्रपति भवन के दरवाजे पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर फारूक ने दस्तक देकर साफ कर दिया है कि उनकी तीन पीढ़ियों के साए में

  • एकाकी परिवारों की घोंसलों की ओर वापसी

    वह पति-पत्नी और उनके दोनों बच्चे अपने गृह नगर से दूर एक महानगर में रह रहे थे। पति अच्छे प्रतिष्ठित पद पर था और उनका परिवार न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ था

  • बच्चों में विषमता की खाई

    यह वैश्वीकरण का दौर है, जहां पूंजी को दुनियाभर में विचरण करने की छूट है, लेकिन इससे बनाई गई संपदा पर कुछ लोगों का ही कब्जा है, जबकि इसकी कीमत राष्ट्रों की पूरी आबादी उठा रही है।

  • भारत को कांस्य पदक दिलवाने पर साक्षी को बधाई

    साक्षी ने भारत को कांस्य पदक दिलवाया। साक्षी और उसके परिवार तथा विशेषकर उसके प्रशिक्षक (कोच) को बहुत शुभकामनाएं व बधाइयां। इस पदक को प्राप्त करने के बाद

  • नई ताकत है कैशलैस भुगतान

    तेजी से बदलते समय के साथ-साथ भारत का बैंकिंग सेक्टर काफी बदल चुका है। ब्रांच बैंकिंग से इंटरनेट बैंकिंग, टेली बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग सब कुछ स्मार्ट हो गया है।

  • वह तो बहुत स्नेही ‘सिस्टर’ थी

    उस परिवार की बातें सुनकर ऐसा लगा कि डोरे किसी एक धर्म या परंपराओं और रीति-रिवाजों से जोड़कर न देखे जाएं बल्कि उसे तो एक मजबूत संबंधों की

  • बलूचियों की उम्मीद बना भारत

    लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की दुखती रग बलूचिस्तान का जिक्र क्या किया कि उसकी पूरी बौखलाहट दुनिया के सामने आ गई।

  • क्या हमारा नामो-निशान मिट जाएगा

    डायना अथिल एक प्रसिद्ध लेखिका हैं। उनकी पुस्तकें हाथोहाथ पढ़ी जाती हैं। वह हालांकि अंग्रेजी भाषा की लेखिका हैं, परंतु एक खास वर्ग जो इन पुस्तकों को पढ़ता है

  • हारकर भी जीत गर्इं दीपा

    रियो ओलिंपिक में भारत को अब तक निराशा ही हाथ लगी है। न सानिया मिर्जा कुछ कर पाईं, न सायना नेहवाल। पुरुष हाकी में भारत बढ़त के बाद बेल्जियम से

  • क्या इसे पूरी आजादी कहेंगे

    गरीबी, भ्रष्टाचार, अज्ञानता और अंधविश्वास की गुलामी में देश इस समय बुरी तरह से जकड़ा हुआ है। हम सिर्फ अंग्रेजों के कुसंस्कारों, कुकर्मों, प्रताड़ना व बेड़ियों से

  • बच्चों को मिले ममता की छांव

    बच्चे राष्ट्र की संपत्ति होते हैं। जिस प्रकार कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति की देख-रेख करता है, उसकी सुरक्षा में पल-पल उसका ध्यान रहता है इसी प्रकार किसी राष्ट्र के

  • इतनी कमजोर, मजबूर और निरीह युवतियां

    ऐसी हारी हुर्इं और जीवन से पूरी तरह निराश व अवसाद से इस हद तक ग्रसित युवितयां क्या हमें अपने आस-पास दिखाइ देती हैं? ऐसा लगता तो

  • जीएसटी यानी सभी दलों की जय

    संसद का मानसून सत्र इस बार ऐतिहासिक रहा। लोकसभा और राज्यसभा में तय कामकाज भी निपटाया गया और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबी चर्चा भी हुई।

  • अंतरजातीय विवाह परंपराओं से जकड़े हुए

    वह दोनों आईआईएम में साथ-साथ पढ़ते थे। दोनों युवा थे और अपने अध्ययन में भी श्रेष्ठ थे। युवक इस युवती से दो वर्ष आगे था। पता नहीं

  • राष्ट्रगान पर सवाल उठाना देशद्रोह

    शायद ही संसार के किसी अन्य देश में राष्ट्रगान का उस तरह से अपमान होता हो जैसा हमारे देश में होता आया है। राष्ट्रगान पर रोक लगाने से लेकर इसमें संशोधन करने के

  • सोलह साल की दृढ़ निश्चयी इरोम शर्मिला

    सोलह साल तक भोजन ग्रहण नहीं करना और पानी का एक घूंट भी गले के नीचे नहीं उतारना इरोम शर्मिला का दृढ़ निश्चय और इस माध्यम से सशक्त विरोध दृढ़ निश्चय का ही

  • बीसीसीआई और विधायिका

    भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के कामकाज में सुधार के लिए गठित जस्टिस लोढा समिति की सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लागू किए जाने के आदेश के बाद बोर्ड में काफी हलचल मची हुई है।

  • कंधे झुके हुए बच्चों की पीढ़ी...

    बच्चों की एक पूरी पीढ़ी तैयार हो रही है, जो झुके कंधों की शारीरिक कुरूपता से ग्रस्त होगी। उन्हें हम इस विकृति के साथ कैसे देखेंगे और सहन करेंगे

  • दूध के नाम पर जहर देना बंद करो

    दूध के नाम पर जिस जहर को देश की अधिकांश जनता पीने को अभिशप्त है, उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेना और गंभीर चिंता जताना सच में एक महत्वपूर्ण निर्णय है

  • रहस्यमयी नायिकाओं का युग नहीं रहा

    आज का समय हर क्षेत्र में खुलेपन का है, जिसे हम अंग्रेजी भाषा में ओपननेस कहते हैं। कृपया इसका अर्थ संकीर्णता से न लिया जाए। ओपननेस या खुलेपन का अर्थ केवल

  • कुर्बानी से क्यों बच रहे भड़काने वाले

    हिजबुल मुजहिदीन के चीफ कमांडर सैय्यद सलाहुद्दीन से एक पाकिस्तानी पत्रकार के एक सवाल का जवाब नहीं दिया गया। पत्रकार का सवाल था

  • पब व हुक्का बार में युवतियां

    युवतियों और लड़कियों की आजादी पर रोक लगाने की बात नहीं हो रही है। बात इसको लेकर है कि पब या हुक्का बार में युवतियां यदि देर रात तक रहती हैं

  • वीआईपी संस्कृति के लिए सबक

    कभी मुख्यमंत्री होने की वजह से किसी को ताजिंदगी सरकारी मकान नहीं दिया जा सकता। यह हालिया बयान देश की शीर्ष अदालत ने एक अगस्त को

  • यह बात आगे बढेगी और दूर तक जाएगी

    जो घटनाएं निरतंर घटित हो रही हैं तब उन पर चर्चा भी निरतंर होते रहना चाहिए। उन पर विचारों की कड़ी कभी टूटना भी नहीं चाहिए। लगता है

  • सऊदी अरब के दिवालिया होने से भारत में संकट

    जबसे मोदी सरकार सत्ता में आई है जब से ही उसको नई नई चुनोतियो का सामना करना पड़ रहा है उम्मीद के अनुसार मोदी सरकार हर चुनोती का बहुत अच्छे से

  • राजनीतिक तपस्वी हैं राजेंद्र शुक्ल

    वे एक वट वृक्ष की तरह हैं, जैसे परिवार में कोई बुजुर्ग, जो अपनी तमाम मसरुफियतों के बावजूद अपनी एक नजर अपने घर, अपने परिवार, अपने आत्मीयजनों के

  • दो औरतों की विपदा

    बहुत पहले एक इंग्लिश फिल्म देखी थी- ‘टु वीमन’! उसमें उस समय की प्रसिद्ध व अप्रतिम सुंदर तथा सशक्त अभिनय करने वाली अभिनेत्री ‘सोफिया लॉरेन’ ने अभिनय

  • हिंदी में अन्य भाषाओं का प्रचलन : कितना अच्छा, कितना सार्थक

    हिंदी में अन्य भाषाओं का प्रचलन हिंदी के लिए आशीर्वाद है, क्योंकि संसार इतना विराट है कि इसे किसी एक भाषा में बांध देना संभव नहीं। अकेले हिंदुस्तान की

  • हमारा दरोगा नहीं अमेरिका

    एक पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा भारत में गोमांस को लेकर हो रही हिंसक झड़पों के बारे में अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से किए गए सवाल का जो जवाब

  • आरोपों के झूठे पुलिंदे

    देश की राजधानी दिल्ली महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और जोर-जबरदस्ती की घटनाओं के कारण बहुत बदनाम है। निर्भया कांड के बाद जितने भी आक्रोश से भरे प्

  • कैसा गुजारा भत्ता? क्यों गुजारा भत्ता...

    पिछले कुछ समय से न्यायालयों के सामने पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संबंध विच्छेदों को लेकर कई ऐसी समस्याएं आ रही हैं जिन पर निर्णय देते समय माननीय

  • अमेरिकी बयार हिलेरी की तरफ

    अमेरिका के इतिहास में हिलेरी रोढ़म क्लिंटन का डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनना एक ऐतिहासिक घटना है। भले ही संयुक्त राज्य अमेरिका, विश्व की

  • शोषितों की व्यथा-कथा लिखने वाली एक ‘मां’

    महाश्वेता देवी ने शोषण, उत्पीड़न और आम आदमी के संघर्ष को अपने लेखन के जिस मुखर ढंग से वैश्विक समाज के सम्मुख रेखांकित किया

  • क्या अब तीन टुकड़े होगा पाक

    कहते हैं कि जो लोग शीशे के घरों में रहते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों की कथित ज्यादतियों के

  • उच्च शिक्षा और आत्महत्या का संबंध

    वह सब उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और एक अच्छे व सुनहरे भविष्य की तलाश में जुटे हैं। जब वह 11वीं व 12वीं में थे, तभी से तो उन्होंने इसका सपना लिया था।

  • भारत को लगा एक और झटका

    आमतौर पर देश के लोगों की नजरें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तूफानी विदेश यात्राओं पर टिकी रहती है। फलस्वरूप लोगों को यह उम्मीद रहती है

  • अहम की बात में उलझे टीचर

    कई बार शिक्षक भी अपने ‘अहम’ के कारण ऐसा व्यवहार कर देते हैं जो उनके शिक्षक होने के पद पर ही प्रश्नचिह्न लगा देता है। उस परिचित परिवार की

  • झोपड़ी से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाले डॉ. कलाम

    हम सभी युवाओं व आम जनमानस के दिलों में राज करने वाले देश के महान कर्मयोगी भारतरत्न मिसाइलमैन के नाम से लोकप्रिय पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

  • मोटे वेतन के बाद काम करेंगे बाबू

    अब बहुत जल्दी केंद्र सरकार के बाबुओं की जेबें भरने वाली हैं। उनके वेतन में तगड़ा इजाफा हुआ है। सातवें वेतन आयोग ने मुलाजिमों के मूल वेतन में तगड़ा इजाफा किया है

  • कॉलेज की दुनिया में पहला कदम...

    सभी महाविद्यालयों में नए छात्र-छात्राओं की भीड़ इठलाती, मुस्कराती और आंखों में सपनों का संसार लिए आती दिखती है। एक नई स्वतंत्रता व

  • आखिर किसके लिए हैं सरकारी स्कूल

    आप किसी कुम्हार के पास जाते हैं और कुछ मिट्टी देकर कहते हैं कि वो उससे एक घड़ा बनाए, जो पानी रखने के साथ-साथ शीतल जल भी प्रदान करे।

  • बैंकों के निजीकरण की चुनौतियां

    आगामी 29 जुलाई को देशभर के लगभग 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों ने, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय, निजीकरण एवं सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के

  • मंगलसूत्र से बचाई लाज

    फूलकुमारी मुंह अंधेरे उठकर खुले में निवृत्त होने नहीं जाना चाहती थी। उसे मन ही मन बहुत बुरा लगता था। कितने वर्षों से वह निरंतर सोचती थी

  • भाषा की अशिष्टता और व्यवहार की अशिष्टता

    बहुत कष्ट होता है और बेहद बुरा भी लगता है जब सरेआम महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार होता है। उनके साथ अशिष्टता की जाती है। उस समय अनेक प्रश्न

  • स्वराज के महानायक और देशभक्ति के प्रेरणापुरुष थे तिलक

    भारत की गुलामी के दौरान अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले लोकमान्य तिलक ने देश को स्वतंत्र कराने में अपना सारा जीवन व्यतीत कर दिया।

  • खेल और राजनीति

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा जस्टिस लोढा कमेटी की अधिकतर सिफारिशों पर अपनी मुहर लगाकर दुनिया के सबसे धनी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड को करारा झटका दिया है।

  • दरकते रिश्तों में बुजुर्गों की भूमिका

    नव दंपत्तियों के रिश्तों के बिखरने की घटनाओं ने समाज को चिंता में डाल दिया है। पढे-लिखे और उम्र के हिसाब से ही समझदारी की आयु में पहुंच चुके दंपत्ति भी

  • होने लगी भाजपा के 'बुरे दिन' की सुगबुगाहट

    बचपन से ही हम सब सुनते आ रहे हैं कि ‘जाको प्रभु दारुण दु:ख दीन्हा, ताको मति पहले हर लीन्हां’ यानि, जब ईश्वर आपको ''बुरे दिन'' दिखलाना चाहते हैं

  • शिक्षा से खुलता है विकास का मार्ग

    कहा जाता है कि आर्थिक एवं सामाजिक विकास एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ते हैं अथवा एक-दूसरे के पूरक होते हैं। इस बात के संदर्भ में जापान एक आदर्श उदहारण है

  • भारत और पाकिस्तान की आॅनर किलिंग...

    पाकिस्तान की चर्चित मॉडल कंदील बलोच की उसके भाई ने हत्या कर दी। इसे आॅनर किलिंग कहा गया और इसकी तुलना भारत की आॅनर किलिंग से की गई।

  • हिंदुस्तानी साहित्य में आ रहा है पूंजीवाद

    कुछ भी कहो, अब किताबें बिक रही हैं। हिंदुस्तानी साहित्य में पूंजीवाद आ रहा है। खास करके जब से आईआईएम के ग्रेजुएट व्यावसायिक लेखक बन गए

  • पूरी अयोध्या के चचा थे हाशिम

    रामजन्मभूमि, बाबरी मस्जिद विवाद की अदालती लड़ाई के प्रमुख पक्षकार हाशिम अंसारी नहीं रहे। वे भारत ही नहीं विदेशों में भी चर्चित रहे हैं, जब वे हज के लिए

  • मां कब बनें-कैसे बनें? निर्णायक कौन है

    सानिया मिर्जा प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी हैं। बहुत परिश्रम और निरंतर अभ्यास से उन्होंने एक मुकाम हासिल किया है। उनका नाम सुनकर तथा उनके बारे में जानकर न केवल

  • क्या राज्यपाल का पद खत्म किया जा सकता है

    देर से ही सही कई बार कोई काम ठीक भी हो जाता है। पिछले दिनों दिल्ली में जब प्रधानमंत्री ने अंतरराज्यीय परिषद की बैठक बुलाई, तो संख्या के हिसाब से तो ये

  • अखलाक के बहाने सियासत

    उत्तरप्रदेश के नोएडा से लगी दादरी तहसील के बिसाहड़ा गांव में गो हत्या मामले में एक नागरिक अखलाक की हत्या को लेकर पूरे देश में इंकलाब का

  • दीर्घायु की शुभकामनाएं और बर्थडे पार्टी...

    जन्मदिन इसी आशा व खुशी से मनाया जाता है कि जिस व्यक्ति (विशेषकर युवा) के जन्मदिन का आयोजन होता है उसे सब मिलकर ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं कि वह

  • जैसे शरीर में आत्मा, वैसे ही जीवन में जरूरी है सद्गुरु

    जीवन में गुरु का महत्व वैसा ही होता है, जैसा शरीर में आत्मा का। बिना संस्कार और शिक्षा के सही तरीके से जीवन जीना नहीं सीख सकते। जोे व्यक्ति जीने का

  • हिंसा पर बेबस महाशक्तियां

    किसी दौर में फ्रांस के उपनिवेश रहे उत्तर अफ्रीका के ट्यूनेशिया के बाशिंदे मो. बुहेल ने टेरर ट्रक के जरिए जब नीस में फ्रांसीसियों के उल्लास को मातम में बदलने का

  • निजता का अधिकार

    इंदौर जिले के कलेक्टर ने महिलाओं की निजता के अधिकार को लेकर इतना सकारात्मक निर्णय लिया है कि जिससे महिलाओं के सम्मान को बहुत महत्वपूर्ण और नितांत

  • महिलाएं बनीं बाउंसर

    महिलाओं के हौसलों और जज्बों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। जबसे उन्हें अवसर मिलने लगे हैं तबसे उन्होंने नए-नए क्षेत्रों में कदम रखकर अपनी योग्यता और

  • देश संविधान से है राजनीति से नहीं

    कुछ ही दिनों पहले जिस राजनीति ने न्याय पालिका को सार्वजनिक रूप से आंसू बहाने को मजबूर कर दिया था, आज उसी न्याय पालिका ने राजनीति को रुदन करने को

  • महिलाओं को सम्मान देने का चित्रण...

    जब-जब समाज में महिलाओं को सम्मान देने के चित्रण की बात होती है तब-तब ऐसा लगता है कि इस मामले में भयानक शून्यता व्याप्त है। जितने भी संचार व मीडिया के माध्यम हैं

  • थेरेसा के सामने बड़ी चुनौतियां

    ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा कि यूरोपीय संघ से बाहर होने के फैसले के बाद ब्रिटेन दुनिया में अपने लिए एक बड़ी साहसी भूमिका गढ़ेगा।

  • यूं जाएं कि सुरक्षित लौट आएं...

    बादल घिरे हों या रिमझिम बारिश हो रही हो तब ऐसे में आसपास के प्राकृतिक स्थानों पर छाई हरियाली अपने पास आने का खुला निमंत्रण देती है।

  • अलगाव के आगे झुका लोकतंत्र

    दक्षिणी पुलवामा में रहने वाले एक शिक्षक के बेटे बुरहान वानी पर कश्मीर की अबोहवा में घुल चुकी आतंकी विचारधारा का इतना गहरा प्रभाव पड़ा

  • मोटापे को रोकने के लिए टैक्स

    केरल राज्य मे वहां के शासन ने बजट में एक टैक्स मोटापा रोकने के लिए भी लगा दिया है। पिज्जा, बर्गर, पास्ता, टाकोज और डॉनट्स व ब्रेड के बने तरह-तरह के सेंडविच पर

  • लोकतंत्र की जड़ों में तंत्र

    राशियों के हिसाब से पेड़ लगाने में कोई बुराई नहीं, लेकिन सवाल इस बात का है कि क्या विकसित समाज में ऐसे अंधविश्वास फैलाया जाना चाहिए।

  • महिला सशक्तिकरण में पुरुषों का भला

    संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व के देशों का ऐसा संघ है जो बनाया तो गया था देशों में परस्पर युद्धों को रोकने के लिए पर, इसमें विश्व की मानव सभ्यता की रक्षा

  • चेतावनियों का कितना असर

    बसपा में बगावतों के बाद अब समाजवादियों को भी चेतावनी मिलनी शुरू हो गई है। इस बार चेतावनी किसी बाहरी नेता ने नहीं अपितु समाजवादी मुखिया सपा मुखिया

  • उपेक्षित होने और अकेलेपन का भाव

    एक भयानक दुर्घटना हो गई। लगभग अधेड़ावस्था के पड़ाव से गुजरते हुए एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को इतने चाकू मारे कि उनके घावों से पत्नी की मृत्यु हो

  • मां-पापा के रोल में

    यह समस्या पश्चिम में प्रारंभ हुई और धीरे-धीरे इसने पूर्व के समाज में भी पांव पसार लिए। यह समस्या है उन एकाकी मांओं की जो किन्हीं भी कारणों से वैवाहिक संबंधों के

  • पारदर्शी बनानी चाहिए फंडिंग

    अर्थव्यवस्था के भीतर तरलता की भूमिका वही होती है जो हमारे शरीर में रक्त की। जिस प्रकार से शरीर के अंगों के स्वस्थ संचालन के लिए रक्त का उचित प्रभाव आवश्यक है

  • विश्वास की हिलती नींव

    किसी समाचार-पत्र के एक कोने में एक खबर छपी थी। नजर पड़ गई तो पढ़ने में आ गई। पढ़ते-पढ़ते लगभग आश्चर्य से विचारों में तूफान सा आ गया।

  • फर्क खेल भावना और पदक जीतने का

    साल 1951 राजधानी के नेशनल स्टेडियम में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पहले एशियाई खेलों का उद्घाटन भाषण देते वक्त भारतीय खिलाड़ियों का आह्वान कर रहे थे

  • मेरी तो कोई नहीं सुनता

    प्राय: घर-परिवारों के बुजुर्ग यह कहते सुने जाते हैं कि मेरी तो कोई नहीं सुनता! दरअसल, होता यह है कि वह अपनी सुनाने के इतने आदी होते हैं कि वह अब भी यही

  • हक के लिए अहद करो

    मुसलमानो! अपने हक के लिए अहद करो। इस ईद यह संकल्प लो कि हम भी दुनिया के प्रगतिशील देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।

  • प्रिय! तुम कैसी हो

    शायद ‘हाऊ आर यू डार्लिंग?’ का यह सीधा-सीधा अनुवाद न हो कि पति आॅफिस से अथवा अपने काम से लौटने के बाद अपनी पत्नी से यह पूछे कि प्रिय तुम कैसी

  • ब्रह्मास्त्र बन सकेगी समान संहिता

    भारतीय जनता पार्टी इन दिनों उस ब्रह्मास्त्र की खोज में है, जिसके द्वारा वह उत्तरप्रदेश का चुनावी रण फतह कर सके, इसके लिए वह अब तक कई जाति व

  • मोबाइल को लेकर आपत्ति

    मोबाइल को लेकर पंचायतों अथवा विभिन्न समाजों द्वारा जब-तब आपत्तियां उठाई जाती हैं विशेषकर युवतियों और लड़कियों पर ही मोबाइल को लेकर पाबंदी लगाने की

  • सीएम हाउस में घोटाले से मुंह छिपाने लगे केजरीवाल

    कल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने प्रधान सचिव और संगी-साथियों की करतूतों की वजह से मुंह

  • सपा की नौटंकी का सच

    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एकाएक पार्टी में बड़े मजबूत दिखाए जा रहे हैं। अखिलेश ने माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के भाई अफजल अंसारी की

  • यह सिलसिला टूटना चाहिए

    आत्महत्याएं करने का एक सिलसिला शुरू हो गया है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं तो विद्यार्थी भी पीछे नहीं हैं। युवतियां, महिलाएं और गृहिणियां तक

  • भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है ब्रेक्जिट

    मुश्किलों को आसान बनाने के लिए मिलना और फिर नई मुश्किलों से पीछा छुड़ाने के लिए अलग हो जाना हमारे मानव स्वभाव का एक विचित्र पर महत्वपूर्ण अंग है

  • भाजपा-शिवसेना में तकरार के मायने

    शिवसेना और भाजपा के बीच की कड़वाहट बढ़ती जा रही है। दोनों पार्टियों के तेजी से बिगड़ रहे रिश्तों के बीच बीजेपी ने पिछले दिनों शिवसेना के कार्यक्रम का

  • मां को क्यों कठघरे में खड़ा किया जाता है

    कामकाजी महिलाएं ऊपर से जितनी आत्मविश्वास से भरी दिखती हैं उतना वह शायद अपने आप में महसूस नहीं करतीं। इसका बहुत बड़ा कारण यह है

  • आओ बनाएं देश में सिंगापुर जैसे 100 शहर

    अगर हम अपने ही देश में 100 सिंगापुर विकसित कर लें तो कैसा रहे। क्या यह मुमकिन है? हां, परंतु इसके लिए यह भी जरूरी है कि हम अब कमर कस लें।

  • विदाई, वापसी और फिर यथास्थिति

    किसी भी मंत्रिपरिषद में प्राय: दो प्रकार से बदलाव होते हैं। एक बदलाव प्रत्यक्ष होता है। इसमें बाकायदा शपथग्रहण समारोह होता है। इसके अलावा किसी

  • कृषि को समेटता जलवायु परिवर्तन

    इक्कीसवीं शताब्दी के पहले 16 बरसों में 15 बरस पिछली एक शताब्दी की तुलना में सर्वाधिक गर्म रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण हरियाली में आ रही निरंतर कमी है।

  • पर्यटन में बुजुर्ग भी सम्मिलित

    केरलराज्य के पर्यटन विभाग द्वारा प्रसारित विज्ञापन ने एकदम ध्यान आकर्षित कर लिया। विज्ञापन अंग्रेजी में था। उसको यहां जस का तस प्रस्तुत कर रहे हैं- ‘‘दिस सीजन ब्रिंग

  • शहीदों का अपमान करना कोई हम से सीखे

    शायद ही किसी देश में भारत से अधिक रणभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों का अपमान होता हो। इस लिहाज से हम किस हदतक

  • पानी गटकते ताप विद्युत संयंत्र

    कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों को पानी की अत्यधिक आवश्यकता पड़ती है। एक यूनिट बिजली बनाने में 3 से 5 लीटर तक पानी लगता है।

  • उसकी बातों ने चौंकाया और डराया

    एक प्रदर्शनी में जाना हुआ। प्रदर्शनी के प्रवेश ही ‘विजिटर बुक’ रखी होती है, जिसमें उस प्रदर्शनी को देखने के बाद कैसा अनुभव हुआ और क्या-क्या विचार आए

  • जहरीले होते जा रहे हैं शब्दभेदी बाण

    वैसे तो राजनीति और समाज में शब्दभेदी बाण जहरीले हो चुके हैं। ऐसा लगता है कि शब्दों में सायनाइड घुल चुका है, क्योंकि राजनीति और समाज का अटूट

  • शासक ही नहीं चाहते भ्रष्टाचार का खात्मा

    भ्रष्टाचार ने समाज में शिष्टाचार का रूप धारण किया हुआ है। लोकतांत्रिक देशों में भ्रष्टाचार के निरंतर बढ़ने से विकास की सतत प्रक्रिया अवरुद्ध हुई है।

  • चौके-चूल्हे से बाहर कोई दुनिया नहीं है

    जब-जब बिहार की इंटरमीडिएट टॉपर छात्रा की कही हुई बात याद आती है तो कुछ अस्त-व्यस्तता होने लगती है। यहां हम इस बात की चर्चा नहीं कर रहे

  • बसों में सीसीटीवी कैमरा और पैनिक बटन

    महाराष्ट्र शासन ने कुछ रूट्स पर चलने वाली बसों में सीसीटीवी कैमरा और एक पैनिक बटन लगाया है। शासन द्वारा उठाया जाने वाला यह एक ऐसा कदम है

  • आपातकाल में दहाड़ी थी अटलजी की कविता

    प्रशासन भ्रष्टाचार में लिप्त है, देश की आर्थिक स्थिति चरमरा चुकी है, न्याय व्यवस्था सत्ताधारियों के अनुकूल काम नहीं कर रही है, छात्र और जननेता अराजकता फैला रहे हैं

  • नशे से शरीर ही नहीं आत्मा का भी नाश

    देश में पिछले 60 वर्षों में नशे का प्रचलन अत्यधिक बढ़ा है। अमीर से गरीब और बच्चे से बुजुर्ग तक इस लत के शिकार हो रहे हैं। शराब के अतिरिक्त गांजा

  • बात की गुरुता का हल्कापन

    क्या किसी अति गंभीर व गहरी बात को हल्केपन से लिया जा सकता है? शायद नहीं! पर हो यह रहा है कि नेताओं से लेकर अभिनेता तक बात की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं

  • हिमायतियों से ही हो गया राजन का नुकसान

    एक विद्वान का कथन है कि व्यक्ति के विषय में संपूर्ण जानकारी उसके मित्रों या हिमायतियों से मिलती है। इसका मतलब है कि मित्रों के चाल-चलन से किसी

  • विकृत राजनीति की खुल रही पोल

    जब से कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना में पलायन की पीड़ा को उजागर किया है और व्यापक पैमाने पर इस पर चर्चा प्रारंभ हो गई है

  • समुद्र में भी आतंकवाद को कुचलना होगा

    देश की 7,516 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। त्रिस्तरीय तटीय सुरक्षा ढांचा काम कर रहा है, जिसमें राज्यों की समुद्री पुलिस, तटरक्षक दल और

  • कठेरिया के बयान पर व्यर्थ का विवाद

    अर्द्ध सत्य भ्रमित करता है। इसलिए किसी बयान को पूरे संदर्भ में देखने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकालना चाहिए, अन्यथा व्यर्थ विवाद उत्पन्न होते हैं

  • महिलाएं खुश नहीं हैं

    मध्य प्रदेश में एक ‘प्रसन्नता ’ का मंत्रालय बनाने की घोषणा हुई है। इससे पहले यूएई में ऐसा ही मंत्रालय बनाया जा चुका है जिसकी मंत्री एक महिला है।

  • अगले चुनावों में भी संकटों से घिरी होगी कांग्रेस

    लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनैतिक दल अपनी विचारधाराओं के अनुरूप चुनावों की तैयारी हर मौसम व बुरी से बुरी परिस्थितियों में भी करते रहते हैं।

  • महान युगदृष्टा थे पं. सूर्यनारायण व्यास

    बहुआयामी प्रतिभा के धनी, विचारक, भविष्य दृष्टा, युग पुरुष और भी जितनी उपाधियां, अलंकरण, मुहावरे हैं, सब कम पड़ेंगे, उनकी क्षमता, परख और विद्वता को मापने में।

  • आने दो तुम्हारे बाबूजी को....

    एक जमाना बीत गया है जब प्राय: मांएं यह धमकी भरा वाक्य बोलटी थीं। शाम को खेलकर देर से घर में घुसो या आस-पड़ोस के बच्चों के साथ किसी शरारत में

  • अपने भीतर झांकने की तकनीक है योग

    संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानवता के इतिहास के एक नाजुक दौर में 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर घोषित किया है। यह घोषणा, शरीर को तोड़मरोड़ कर की

  • कैसे होगा एसिड अटैक पर प्रहार

    पिछले सप्ताह ही गोविंदाचार्य और लक्ष्मीनारायण भाला की विशेष उपस्थिति में भोपाल की एक संस्था नवलय अनुबोध द्वारा ऐसिड एटैक के खिलाफ एक मार्मिक

  • यह रिश्ता यूं बनता है

    वह उच्च मध्यम वर्गीय परिवार है। विवाह योग्य बेटी है और उसके लिए रिश्ते की तलाश है। बेटी उच्च शिक्षित है, उसकी डिग्री बताने की जरूरत नहीं है।

  • फांसी का फंदा चूम लिया

    पता नहीं क्यों भाषा व शब्दों के चयन को लेकर कुछ तो ऐसा विचार नहीं किया जाता कि यह किस संदर्भ में प्रयुक्त किए जा रहे हैं। कई बार ऐसे समाचार आते हैं

  • पंजाब, कमलनाथ, कांग्रेस और राष्ट्रीय दायित्व

    बिना शक 1984 में दिल्ली व देश के अन्य भागों में इंदिरा गांधी की जघन्य हत्या के बाद राष्ट्रभक्त सिखों के विरुद्ध जो जंगी उन्माद पैदा हुआ था

  • यह व्यवहार केवल दुर्भावना है

    तीन-चार दिन पहले एक समाचार टीवी चैनल्स पर बहुत दोहराया जा रहा था। दिल्ली के व्यस्त चौराहे से एक युवती का अपहरण कर लिया गया।

  • जी.एस.टी. मुद्दे पर सबको साथ चलना होगा

    वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) पर विभिन्न राज्यों के बीच जो आम सहमति बनती नजर आ रही है उसका सबसे सशक्त पक्ष सकल भारत में उपभोक्ता वस्तुओं व अन्य सेवाओं का

  • भाषा की मर्यादा और हमारे प्रधानमंत्री

    बेशक, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत अच्छे वक्ता हैं। उनकी बातचीत, चाल-ढाल, रहन-सहन सब कुछ सर्वोत्तम है। किन्तु उनके समर्थक जब उनके गुणों की

  • वीर व साहसी महिला स्वाति महाडिक...

    स्वाति महाडिक के पति कर्नल संतोष महाडिक आतंकवादियों और घुसपैठियों से लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गए। सारे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

  • दो बीघा जमीन, शंभू महतो और ई-रिक्शा

    संभव है कि नई पीढ़ी ने 1953 में आई बिमल राय निर्देशित कालजयी फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ को न देखा हो। दो बीघा जमीन में नायक के रूप में बलराज साहनी की अभिनय कला उच्चतम

  • चुनाव में फिर चेतेगा मथुरा कांड

    उत्तरप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। अब तक राज्य के सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी ने यह उम्मीद पाल रखी थी कि जब चुनावों में जनता से

  • स्वयं के आकर्षण का मोह

    कनाडा के ट्रोन्टो विश्वविद्यालय में एक अध्ययन हुआ। युवक व युवतियों ने 198 छात्र-छात्राओं पर एक अध्ययन किया। जबसे स्मार्ट फोन आए हैं तबसे सेल्फी लेने का चलन

  • शीशा तो वही रहता है, तस्वीर बदलती रहती है...

    जम्मू- कश्मीर में लगातार पाकिस्तानी और आईएस के झंडे फहराए जाते हैं, पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी होती है, अलगाववादी नेता और तथाकथित कुल जमाती कहलाने वाले

  • एमटीसीआर में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत का एमटीसीआर या मिसाइल तकनीक नियंत्रण व्यवस्था में प्रवेश अब औपचारिक मात्र रह गया है।

  • मां, अम्मा, बेन और जिज्जी वाला समाज

    बंगाल में बंगाली समाज में यह रीति और परंपरा है कि प्रत्येक महिला को चाहे चह किसी भी उम्र की क्यों न ही ‘मां’ संबोधन से पुकारा जाता रहा है।

  • महाराष्ट्र की सियासत में उबाल का मतलब

    महाराष्ट्र की सियासत में तेज हुई गर्मी थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा को लग रहा था कि के राजस्व एवं कृषि मंत्री एकनाथ खड़से के इस्तीफे के बाद उस पर पड़

  • उत्तरप्रदेश में शुरू हुई नई उधेड़बुन

    उत्तरप्रदेश विधानसभा के अगले साल होने जा रहे चुनावों में अपनी शानदार जीत सुनिश्चित करने के इरादे से जिन दलों ने अभी से युद्धस्तरीय तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं

  • फेसबुक और ट्विटर मित्रता का विकल्प नहीं हैं

    ऐसा कहा जाए कि फिल्म ‘वेटिंग’ एक बात नहीं, बल्कि बहुत सारी बातें कहती और बताती है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां हम फिल्म की समीक्षा नहीं कर रहे

  • नरेंद्र मोदी में है दम, दुनिया में चमकेंगे हम

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त अधिवेशन में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भारत-अमेरिका संबंध, अर्थव्यवस्था, आतंकवाद, व्यापार, शांति, सुरक्षा सहित कई

  • गडकरी की गति ने कर दिया कमाल

    सड़कें देश के विकास की धमनियां होती हैं। सड़क निर्माण का तंत्र, अधिकारी, कर्मचारी सभी वही हैं, लेकिन सरकार बदलने का असर इस क्षेत्र में साफ देखा जा सकता है।

  • परमाणु क्षेत्र में बढ़ रहा भारत का रुतबा

    परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के भारत के प्रयास में कई उम्मीदें नजर आ रही हैं। असल में भारत का परमाणु कार्यक्रम रक्षात्मक संरचना से कहीं ज्यादा देश की

  • अमीर के लिए क्यों बिकती है गरीब की किडनी

    करीब छह-सात साल पहले किडनी रैकेट का एक सबसे बड़ा पदार्फाश हुआ था। रैकेट का सरगना किडनी कुमार के नाम से कुख्यात डॉ. अमित कुमार को

  • एक तरफ जिम तो दूसरी तरफ फास्ट फूड

    घरों में सुबह और शाम (वह भी देर शाम) बहुत व्यस्तता का माहौल होता है। युवा व किशोर बेटे-बेटियां जिम जाने की तैयारी में जुटे होते हैं। एक ब्रांडेड बैग में वह

  • बदलते दौर में डाकघर का बैंक हो जाना...

    भारत में डाकघरों का इतिहास बहुत पुराना है। अंग्रेजों के शासनकाल में सन् 1766 में लार्ड-1 लाइव द्वारा प्रथम डाक व्यवस्था देश में स्थापित की गई थी।

  • मथुरा कांड: अभी बाकी है सवालों का दौर

    अब उसे कंस कहें या नृशंस, कोई फायदा नहीं, पूरे देश के सामने जो सच सामने आया, उसने राज्य और केंद्र के खुफिया तंत्र की कलई खोलकर रख दी।

  • पर्यावरण की चिंता पल-पल बनी रहे

    पर्यावरण की बात और उसकी चिंता एक दिन के लिए सिमटकर नहीं रह सकती। पर्यावरण दिवस मनाने जैसा कुछ भी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा विषय है

  • चिरायु होना सिखा गए बाबा मनोहर आईच

    आप-हम जब बुजुर्गों के चरण छूते हैं, तो ‘चिरायु भव:’ आशीर्वाद मिलता है। धर्म शास्त्र कहते हैं कि जीवन-मरण ऊपर से निर्धारित होता है, लेकिन हकीकत यह भी है

  • कहां हैं अखलाक की मौत पर बवाल करने वाले

    पिछले साल 30 सितंबर को राजधानी से सटे नोएडा के बिसहाड़ा गांव में एक शख्स को अपने घर में गो-मांस रखने के आरोप में उग्र भीड़ ने मार डाला था।

  • महिलाएं ही महिलाओं की साथिन

    यह वाक्य बहुत बार उछाला जाता है कि महिलाएं ही महिलाओं की दुश्मन होती हैं। इस पर बहुत जोर भी दिया जाता है और समाज में इस वाक्य को स्थापित करने के लिए

  • यह इल्जाम बेवजह लगाया जाता है

    प्रसिद्ध फिल्मकार महेश भट्ट ने बहुत कीमती और खरी-खरी सच बात कही। उन्होंने कहा-बेवजह दीवार पर इल्जाम लगता है बंटवारे का, लोग मुद्दतों से एक कमरे में भी

  • भारतवाणी से बढ़ेगा राष्ट्रीय स्वाभिमान

    पिछले दिनों एक दिलचस्प रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इसमें कहा गया कि अठारहवीं शताब्दी के बाद की वैज्ञानिक अन्वेषण में हिंदू और मुसलमानों का योगदान नाममात्र का है।

  • चौदह साल बाद इंसाफ पर सवाल कितना जायज

    वर्ष 2002 में हुए गुजरात के गुलबर्ग सोसायटी हत्याकांड पर स्पेशल एसआईटी कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दो दर्जन लोगों को दोषी, जबकि 36 लोगों को बेगुनाह करार दिया है।

  • वक्त करता है हंसी सितम

    वक्त तब हंसी सितम करता है जब वृद्धावस्था आती है। सक्रियता से लबालब व्यक्ति निष्क्रिय हो जाता है। आसपास लोगों से घिरा रहने वाला व्यक्ति एकाएक नितांत अकेला हो जाता है।

  • देशप्रेम की अभिव्यक्ति है वंदेमातरम् का गायन

    भोपाल में मंत्रालय भवन ( वल्लभ भवन ) के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में राष्ट्रगीत वंदे-मातरम् के सामूहिक गायन की परंपरा के ग्यारह साल पूरे होने पर

  • दांव पर रहेगा अजीत का सियासी अस्तित्व

    राजनीति में अपने आप को जनता के बीच खरा सबित करना बहुत कठिन है। रालोद प्रमुख अजीत सिंह की यही समस्या है। उनके सामने विश्वसनीयता का संकट है।

  • खाने-पीने के चुनाव का लोकतंत्र

    आज समाज में एक लहर उठी हुई है। यह लहर खाने-पीने को लेकर है। कहा जा रहा है कि किसी को भी यह हक नहीं बनता कि किसी के खाने-पीने को लेकर रोक-टोक की जाए।

  • फिर पकने लगा तीसरे मोर्चे का ख्याली पुलाव

    प. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को इस बार के विधानसभा चुनाव में जो प्रचंड बहुमत हासिल हुआ है, उसका श्रेय ममता बनर्जी को दिया जा रहा है, जो पिछले पांच साल से

  • सेना को तो छोड़ दो अरुंधति

    अरुंधति राय उन बुद्ध्निजीवियों में शामिल हैं, जिनकी कलम देश को तोड़ने वाली शक्तियों के लिए ही चलती है। कभी वह छतीसगढ़ के दीन-हीन आदिवासियों का खून

  • उप्र में स्मृति के लिए बिछ रही चुनावी बिसात

    उत्तरप्रदेश में भाजपा स्मृति ईरानी पर दांव लगा रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को मुख्य चेहरा बनाने की रणनीतियां बन रही हैं।

  • फिर सुलगने लगी जाट आरक्षण की आग

    दूध-दही के लिए पहचान रखने वाले हरियाणा में दोबारा जाट आरक्षण आंदोलन की चिंगारी सुलगने लगी है। देशवासी और खासकर हरियाणा के बांशिदे अभी पिछले आंदोलन से हुए

  • वैवाहिक संस्था के अस्तित्व पर सवाल

    कुछ समय पहले तक ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि कोई महिला व पुरुष विवाह किए बगैर एक-दूसरे के साथ रह सकते हैं। कुछ देर के लिए ठहरकर सोचें

  • गरमा रही विकास और विरोध की राजनीति

    जब 1947 में यह मुल्क आजाद हुआ था, तब भी हमने जश्न मनाया था। यह जश्न दस लाख लोगों की लाशों पर तामीर हुए पाकिस्तान के वजूद में आने के बावजूद मनाया गया था

  • इंडिया गेट का राष्ट्रीय संदेश समझें

    स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन भारतीय प्रजातंत्र की शानदार परंपरा है। इसकी तुलना किसी अन्य समारोह से नहीं हो सकती।

  • अमेरिका वाली आंटी और अंकल

    उस परिचित परिवार ने एक आयोजन रखा था, जिसमें निकट के आत्मीय और परिचित निमंत्रित थे। आजकल ऐसे आयोजन भी किसी पांच सितारा या कम से कम तीन

  • किशोरों को ‘न’ सुनने की आदत नहीं है

    समाचार पत्र में एक छोटी सी खबर लगाई गई थी, जो जल्दी नजरों में नहीं आती पर जब आ ही गई तो उसने चौंका दिया। दिल्ली के नव-घनाढ्य परिवार का वह

  • अस्तित्व के संकट से जूझता वाममोर्चाम

    हाल में ही जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं, उनमें से मात्र केरल में ही वाममोर्चा की लाज बच पाई है और पं. बंगाल में उसे जो शर्मनाक हार हुई है

  • अब सपनों को साकार करने की अग्नि परीक्षा

    नरेंद्र मोदी की सरकार का सात सौ तीस दिन (दो साल) का हनीमून पीरियड खत्म हो गया है, अब उनकी उस अग्नि परीक्षा की शुरुआत होगी, जिसके तहत उन्हें उन

  • ब्रेड नहीं है तो केक खा लें

    फ्रांस की महारानी का यह किस्सा बहुत प्रसिद्ध है। फ्रांस के राजा की अय्याशी और सामंती नीयत के कारण फ्रांस वासी बहुत अभावों से जूझ रहे थे। प्रजा बहुत दु:खी और परेशान थी।

  • इशरत, बटला हाउस और कांग्रेस का सच

    19 सितंबर, 2008 को दिल्ली में बटला हाउस मुठभेड़ हुई थी, जिसमें इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हुए दो आतंकी मारे गए थे और दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर महेशचंद्र शर्मा शहीद हो गए थे।

  • दिल, दल और दर्द के मायने

    राजनीति में अक्सर दिलचस्प रिश्ते बनते हैं। इसमें दुहाई दिल की दी जाती है, लेकिन दल दर्द और पद लिप्सा के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता।

  • माता-पिता नहीं रहे-कहां जाएं

    किसानों द्वारा आत्महत्या करने के समाचार आए दिन छपते रहते हैं। बहुत दुख होता है जिस देश की पहचान ही कृषि प्रधान देश के रूप में होती थी

  • संकल्पों और वादों को पूरा करती मोदी सरकार

    केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार 26 मई 2016 को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर रही है। इस दौरान सरकार ने जनहित और देशहित के लिए

  • जनता की आवाज हुई बुलंद

    आजादी के दीवानों का अपने शासन और अपनी सरकार की कल्पना थी, लेकिन आजादी मिलने के साथ औपनिवेशिक शासन का ढर्रा जारी रहा।

  • एक अकेली हैं, पर सशक्त बनी हैं

    महिलाएं कई कारणों से अकेली हो रही हैं जो भी कारण उनके अकेले होने के हों पर, क्या उन्हें इनकी वजह से मुसीबतें झेलना पड़ेंगी या कदम-कदम पर परेशान होना

  • मालेगांव धमाकों की जांच का डरावना सच

    जो लोग मालेगांव विस्फोटों की जांच पर लगातार नजर रख रहे थे उनके लिए साध्वी प्रज्ञा सहित छह लोगों को आरोपों से मुक्ति तथा कर्नल पुरोहित की संभावित मुक्ति की

  • ईरान से नए रिश्ते की शुरुआत सराहनीय

    बेशक, भारत और ईरान के बीच के नए रिश्ते की शुरुआत काबिल-ए-तारीफ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरान की अपनी पहली यात्रा में चाबहार बंदरगाह के विकास

  • अमृत कलश छलके

    सिंहस्थ समाप्त हुआ। बहुत शुभ व सुखद संस्रमण लेकर तीर्थ यात्री गए। विश्वभर में ऐसा समागम अनूठा व विरल ही होगा, या यूं कहें कि अतुलनीय होगा

  • मासूमों के हत्यारे क्यों बन गए परीक्षा के नंबर

    इस वर्ष दसवी और बारहवीं के परीक्षा परिणामों ने जनमानस का दिल दहला दिया हैं। लगभग दर्जनभर बच्चों ने परीक्षा परिणामों से दुखी होकर मौत को गले लगाया हैं।

  • पुत्र मोह से डूब रही कांग्रेस की नौका

    देश के पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हंै। पं. बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल में कांग्रेस ने अपनी जो फजीहत कराई है

  • महिलाओं को मिले बोलने के मौके

    वैसे तो मोबाइल को लेकर बहुत आलोचना की जाती है। इससे भी ऊपर इसके साथ जुडेÞ और फीचर्स को लेकर भी कोई कम बातें नहीं की जातीं।

  • खतरों से भरी है निर्भीक पत्रकारिता

    बेहद दुखद है कि अब देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान (बिहार) दूषित जैसी प्रतीत होने लगी है। पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के बाद बार-बार यही सवाल लोगों के

  • फिर गठबंधन की तरफ बढ़ता देश

    पांच राज्यों के चुनाव नतीजे चौंकाने वाले नहीं हैं, अलबत्ता कुछ अपेक्षित, कुछ अभूतपूर्व जरूर कहे जा सकते हैं। चौंकाने वाली बात अगर है तो वह यह कि तीन राज्य ऐसे हैं

  • देश में चल रहा है नासमझी का नया दौर

    भारत के विदेश राज्यमंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष वी. के. सिंह ने दिल्ली स्थित अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप के नाम पर करने की बात कहकर नया विवाद छेड़ दिया है।

  • पूर्वोत्तर राज्यों में भी चला मोदी का जादू

    पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में एक बार फिर मोदी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। मोदी लहर का असर ही है कि पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा कमल खिलाने में सफल रही है।

  • आहत बच्चों के लिए अच्छी पहल

    वह बच्चे-बच्चियां बहुत आहत होते व पीड़ा भोगते हैं जिनके साथ उनके मासूम बचपन में दुर्व्यवहार और अशिष्टता हो जाती है। लगभग रोज ही समाचार होता है कि

  • आम आदमी के लिए इंसाफ बहुत दूर है

    आम नागरिक आखिर न्याय के लिए किस-किस की चौखट पर जाकर गुहार लगाए? किस-किस से गुहार करे? किस-किस के यहां जाकर आंसू बहाए

  • अमर सिंह की घर वापसी के मायने

    उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा और प्रदेश विधान परिषद के आगामी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार दो दिन पहले सर्वसम्मति से घोषित कर दिए।

  • वे साधु नहीं निम्नस्तरीय मनुष्य हैं

    एकसमय था जब भारत के आम चुनावों मे बाहुबल का जोर होता था। ऐसे अनेक क्षेत्र थे जहां जीतने के लिए विरोधी मतदाताओं पर हमले होते थे, लोग मरते थे, घायल होते थे।

  • जहर उगलते हमारे देश के शहर

    भारत के शहर जहरीले होते जा रहे हैं और यहां की हवाओं में ऐसे कणों की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है जो कैंसर, हार्ट अटैक जैसी घातक बीमारियां पैदा करते हैं।

  • बुद्धि की उपज को सुरक्षित रखे देश

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की पहली राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) नीति को अपनी मंजूरी दे दी है। बौद्धिक संपदा अधिकारों का मसला काफी पेचीदा रहा है।

  • लोकतंत्र के साथ यह कैसा इंसाफ

    एकबड़ा राजनीतिक तबका बहुत चिंतित है। देश के राजनीतिज्ञ जब-तब चिंतित होते हैं तो उसके कई मायने निकाले जाते हैं। सरकारें बदल जाती है चिंता वही रहती है।

  • सिंहस्थ और बच्चों का स्वच्छता अभियान

    दूर के एक परिचित का परिवार सिंहस्थ के लिए आया और पर्व स्नान के लिए उज्जैन पहुंच गया। इस यात्रा से वापस आकर जो कुछ उन्होंने बताया वह वास्तव में एक सुखद आश्चर्य का विषय था और उस पर गर्व करने जैसा भी लगा।

  • समरसता में सिर्फ रस ढूंढ रहे शाह

    भाजपा का समरसता अभियान सालभर चलने वाला है, लेकिन जिस तरह से सिंहस्थ में इसके स्वरूप में परिवर्तन करने की कोशिश अमित शाह ने की उससे भविष्य में आने वाले

  • रेगिस्तान होते लोकतंत्र में विचरते शुतुरमुर्ग

    भारत में लोकतांत्रिक संस्थानों की वर्तमान स्थिति को शायद इससे बेहतर ढंग से व्याख्यायित कर पाना कठिन है। चुने हुए संस्थानों के प्रति बढ़ता अविश्वास, बेचैनी, नाराजगी और

  • कश्मीर में सैनिक कॉलोनी पर सियासत

    अगर डा. फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर फारूक इस गलतफहमी में हैं कि जम्मू-कश्मीर उनकी निजी जायदाद है तो उन्हें सबसे पहले 1974 दिसंबर में

  • कोई बचा ले रोगी को डाक्टरों से

    अचानक से देश में मेडिकल नेगलिजेंस के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मेडिकल नेगलिजेंस यानी डाक्टरों की तरफ से इलाज में गई लापरवाही।

  • शिक्षा अशिष्टता नहीं रोकती

    कहते हैं कि शिक्षा एक ऐसी ज्योति है व एक ऐसा प्रकाश है जो मन-मस्तिष्क के कुविचारों के घने अंधकार को दूर कर देता है। वह समाज और उसके वातावरण को न केवल स्वच्छ करता है

  • उत्तराखंड भाजपा पर कितना भारी पड़ेगा

    उत्तराखंड में देश की सर्वोच्च न्यायालय के दखल के बाद हरीश रावत सरकार का विधान सभा में बहुमत साबित करए 33 मत हासिल करनाए भाजपा के लिए बड़ा झटका है।

  • पीएम की डिग्री: बेजा हंगामा क्यों बरपा

    खुद को आम आदमी और अपनी सरकार को आम आदमी की सरकार बताने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इन दिनों आम आदमी के मुख्यमंत्री कम विवादों के

  • पठानकोट हमले पर बिल्कुल वाजिब सवाल

    गृह मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति ने पठानकोट हमले के मामले में सुरक्षा विफलता को लेकर जो गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं वे हर दृष्टि से विचारणीय हैं

  • निर्णय इटली का, आंदोलन दिल्ली में

    हमारे देश में हमेशा एक कहावत बहुत चलती है कि चोर अपने आपको कभी भी यह नहीं कहता कि वह चोर है, बल्कि कई प्रकार के कुतर्क देकर अपने आपको यह ही

  • उत्तराखंड में खंड-खंड होती मर्यादा

    उत्तराखंड में जिस प्रकार लोकतंत्र के साथ प्रयोग पर प्रयोग हो रहा है उसका एक नतीजा साफ सामने दिखाई पड़ रहा है कि विधायिका स्वयं ही अपना मजाक बना रही है।

  • भाषाई उच्चारण की गरिमा जरूरी

    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अग्रणी उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक भाषण के दौरान भारतीयों के इंग्लिश उच्चारण का मखौल उड़ाते हुए

  • देश के लिए शर्मनाक है केरल की घटना

    केरल के एर्नाकुलम जिला के पेरम्बूर में लॉ कोर्स कर रही 30 वर्षीय दलित छात्रा के साथ निर्भया जैसा ही वीभत्स रेप कांड सामने आया है। बलात्कार के बाद उसकी

  • उज्ज्वला योजना एक लक्ष्य अनेक

    समाज के सक्षम वर्ग का एक छोटा सा त्याग दूसरे जरुरतमंद लोगों की जिंदगी को रोशन करने की क्षमता रखता है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते

  • अगस्ता मामले में बौखलाहट के राज

    भारत की राजनीति में अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले को लेकर जिस प्रकार से बयानबाजी की जा रही है, उससे संदेह के बादल उमड़ते घुमड़ते दिखाई देने लगे हैं।

  • कैसे करीब आए मधोक बाबा साहेब के

    कितने लोग जानते हैं कि जनसंघ के संस्थापक सदस्य बलराज मधोक और बाबा साहेब आंबेडकर में बहुत घनिष्ठ संबंध थे? दोनों के बीच लगातार हिंदू समाज में

  • क्या यह भारतीय स्वाभिमान पर चोट है

    इटली के नौसैनिकों द्वारा 2012 में केरल के निकट अरब सागर की भारतीय सीमा में दो भारतीय मछुआरों की हत्या किया जाना कोई सामान्य घटना नहीं थी

  • वेस्टलैंड सौदे की घूस में घिरी कांग्रेस

    अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में घूसबाजी के खुलासे के बाद संसद में हंगामा मचा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं पर सौदा तय

  • संख्या बढ़ाने से ही हल नहीं होगी समस्या

    उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यदि भारत के न्याय ढांचे पर चर्चा करते हुए भावुक हो जाएं या रो पड़े तो इससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।

  • क्या भगत सिंह-आजाद आतंकी थे

    तो अब भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद आंतकवादी हो गए। जिन्हें सारा भारत अपना आदर्श मानता रहा है, उन्हें आतंकवादी माना जाएगा। अफसोस कि आजाद भारत में अपने नायकों को

  • सत्य के संवाहक बाबा हरिकृष्णदास उदासी

    यूं तो देश विदेशों में अनेक संत हुए जिन्होंने मानव सेवा में अपना जीवन समर्पित कर चोला छोड़ा। संत याने जो दूसरों के दुख का हरण करे। स्वयं कष्ट सहकार अवगुणी को

  • शराबबंदी और सुख की परिभाषा

    बिहार के एक कस्बे की एक लड़की ने अपने माता-पिता के पुनर्विवाह के निमंत्रण पत्र बांटे। उनका पूरे रस्मों-रिवाज से विवाह करवाया और दावत भी दी।

  • अवसर गंवाकर अपनी छवि भी बिगाड़ी

    यह खबर जैसे ही फैली कि नरेंद्र मोदी सरकार ने चीन के निर्वासित उइगर नेता डोल्कन ईसा तथा पाकिस्तान मूल की कनाडा वासी बलूच नेत्री नीला कादरी को भारत

  • तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के आसार नहीं

    देश के जिन पांच राज्यों में इस समय विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है उनमें पश्चिम बंगाल के बाद तमिलनाडु ऐसा दूसरा राज्य है

  • यात्राओं का मौसम और बच्चों की मौज-मस्ती

    गर्मी की छुट्टियां और यात्राओं का मौसम एक-दूसरे से गुंथे हुए हैं। स्कूल के दिनों में तो पैरेंट्स एक दिन भी स्कूल मिस होने नहीं देते। एक या दो दिन की पढ़ाई का नागा होने का मतलब है

  • फिर चली बात वेस्टलैंड के सौदे की

    अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे को लेकर एक बार फिर हंगामा खड़ा हुआ है। इस मामले को लेकर जरा भी भावुक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका संबंध इटली की अदालत से है।

  • चिदंबरम के इस अपराध की सजा क्या है

    अब यह किंतु परंतु से परे एक तथ्य है कि गृहमंत्री के रुप में पी. चिदंबरम ने इशरत जहां को 2009 में स्वच्छ चरित्र का प्रमाण पत्र स्वयं दिया था। न उसमें गृह सचिव की कोई भूमिका थी

  • पुरुषों की आॅनर किलिंग क्यों नहीं

    पुरुषों की आॅनर किलिंग अर्थात परिवार के सम्मान को आहत करने के लिए उनका क्यों नहीं मारा जाता? महिलाओं और युवतियों को ही क्यों परिवार के सम्मान के नाम पर

  • लंबित मामलों को निपटाने में गति जरूरी

    लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्राय: तीन आधार स्तंभों की चर्चा की जाती रही है। इसमें विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका हैं। हालांकि मीडिया भी वर्तमान में चौथा

  • बांग्लादेश में कट्टरपंथ का अर्थ

    कुछ वर्ष पहले तक बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ अभियान चलाया जाता रहा, लेकिन अब वहां की कहानी दूसरी दिशा में टर्न ले रही है।

  • कहां ढूंढें कागभुसंडीजी और श्रीराम कथा

    सिंहस्थ चल रहा है। श्रद्धा और भक्ति का असीम सागर उमड़ रहा है। बहुत सारगर्भित कथाएं हो रही हैं। कई पंडालों में विद्वान और श्रीराम कथा के अध्यवेता राम चरित्र का अनुपम

  • ताकि कायम रहे न्यायपालिका की गरिमा

    भारत में न्याय को एक देवी के रूप में चित्रित किया गया है, जिसकी दोनों आंखों पर काली पट्टी बंधी है और हाथ में तराजू है, जो सत्य और असत्य के दो पलड़ों का द्योतक है।

  • ममता तो ममता पर ही उमड़ेगी

    देश के जिन पांच राज्यों में इस समय विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया चल रही है उनमें पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों पर सारे देश की नजरें लगी हुई हैं।

  • पानी का रंग और महिलाएं

    कहते हैं पानी का कोई रंग नहीं होता, पर महाराष्ट्र के लातूर और उसके आसपास व दूर-दराज के इलाकों की महिलाओं से पूछिए। वह बताएंगी कि पानी का रंग कैसा होता है

  • नीतीश का संघमुक्त भारत का दिवास्वप्न

    कभी भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए के महत्वपूर्ण घटक रहने वाले जेडीयू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इन दिनों संघमुक्त भारत की एक

  • नौकरी दीजिए, नौकरी मांगिए मत

    एन.नारायणमूर्ति,नंदन नीलकेणी, सुनील भारती मित्तल, सचिन बंसल पहली पीढ़ी के सफल उद्यमी हैं। क्या ये किसी को बताने की जरूरत है कि इनका संबंध किन क्षेत्रों से हैं

  • क्या यह है भगवा आतंकवाद का सच

    भगवा रंग भारत का भारत का पर्यायवाची है। भगवा दिव्य ज्योति की अनुभूति है। दीप स्वयं जलता है और वह अंधकार से लड़ता है। अंधकार से लड़ते समय उसकी ज्योति भगवा हो जाती है।

  • अब जरूरत ‘इंडियन पानी लीग’ की है

    मानव सभ्यता का विकास पानी के बिना असंभव था, विश्व की सभी प्रमुख सभ्यताएं नदियों और समुद्र तटों पर ही परवान चढ़ी हैं। चाहे महान नील नदी के किनारे प्राचीन मिस्र की

  • दीपा तुम तो दीया हो

    दीपा करमाकर ने इतिहास रच दिया है। वह केवल 22 वर्ष की हैं, परंतु उन्होंने भारतीय युवतियों की सफलता का एक प्रकाश फैला दिया है। वह भारत की पहली महिला जिमनास्ट हैं

  • आर्थिक लोकतंत्र की लड़ाई जारी है

    लोकतंत्र की शुरूआत हालांकि लोगों यानी लोक के तंत्र के रूप में हुई परंतु भारत में श्रमिक वर्ग के अनुभव बहुत मिले-जुले रहे। किसी भी देश का विकास उसकी श्रम शक्ति

  • महामहिम के खिलाफ टिप्पणी सही नहीं

    भारतीय परंपराओं में मयार्दाओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसका उल्लेख हमारे संविधान निर्माताओं ने अनेक बार अलग-अलग स्थानों पर किया है।

  • पृथ्वी को बढ़ते तापमान से बचाना होगा

    देश के कईं हिस्सों में अप्रैल के आरंभ में ही अधिकतम तापमान लगभग 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। यदि ये आलम ही रहे तो मई व जून में संभव है कि सारे रिकॉर्ड टूट जाए।

  • दुनिया जानती है कोहिनूर हीरा हमारा है

    आपसी रिश्तों को सलामत रखने के लिए कोहिनूर हीरे की बली चढ़ाना उचित नहीं है। पुराने लोगों के मुंह से तो सालों से सुनते आए हैं कि कोहिनूर हीरा हमारा है

  • दुनिया में तेल की जंग और गिरते दाम

    दुनिया में कच्चे तेल की मांग से अधिक उत्पादन के कारण उसकी कीमतें काफी गिर गई हंै। तेल का सबसे बड़ा खरीददारी अमेरिका अब खुले तेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनने वाला है।

  • बंद करो देश को दूध के नाम पर जहर पिलाना

    यकीन मानिए कि आपके बच्चे रोज सुबह दूध के नाम पर जहर पी रहे हैं। इस कठोर सच्चाई को खुद केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विगत 16 मार्च को

  • दादी मां ही हैं बॉस

    डयूक व डचेस आॅफ कैम्ब्रिज प्रिंस विलियम और कैथरीन मिडलटन भारत की यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर गए और वह जहां भी गए बेहद खुश दिखे।

  • भीषण गर्मी और अल नीनो की भूमिका

    अप्रैल माह की शुरूआत अप्रत्याशित रूप से गर्म है। मौसम विभाग पहले ही पूवार्नुमान जता चुका है कि इस वर्ष अप्रैल से जून तक के दौरान औसत से अधिक गर्मी पड़ेगी।

  • सत्ता संभालते ही मेहबूबा की अग्नि परीक्षा

    जम्मू कश्मीर में तीन माह के राष्ट्रपति शासन के बाद भाजपा-पीडीपी गठबंधन के हाथों में सत्ता की बागडोर आने के तुरंत बाद से ही राज्य में अशांति और अस्थिरता फैलाने की कोशिशें भी तेज हो गई है

  • हिंसा फैलाओ और पाक से शाबाशी पाओ

    कश्मीर के हंदवाड़ा प्रपंच कांड के कई सबक हैं जिसमें देश के खिलाफ नापाक इरादें पहली बार इतनी बेशर्मी के साथ बेपर्दा हुए हैं। कोई जिम्मेदार सरकार इसे राष्ट्र की सुरक्षा का

  • महावीर हैं जीवन की सार्थकता के प्रतीक

    भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन स्व और पर के अभ्युदय की जीवंत प्रेरणा है। लाखों-लाखों लोगों को उन्होंने अपने आलोक से आलोकित किया है। इसलिए महावीर बनना जीवन की सार्थकता का प्रतीक है।

  • घर के बुजुर्ग और अपराध बोध

    प्राय: घर-परिवार के सदस्य इस बात से अपराध बोध से ग्रस्त रहते हैं कि वह अपने अधेड़ या वृद्ध माता-पिता के पास अधिक देर तक नहीं बैठते।

  • अब तो अमेरिकी बांसुरी बजाना बंद करो

    अमरीका के साथ बेहद करीबी रणनीतिक साझेदारी को लेकर भारत काफी संवेदनशील रहा है। इसे लेकर राजनीतिक विरोध को देखते हुए पहले की सरकारें ज्यादा आगे बढ़ने से परहेज करती रही हैं।

  • वादा खिलाफी पाकिस्तान का चरित्र है

    जब पाकिस्तान की मीडिया में यह खबर आई कि पठानकोट हमले की जांच के लिए भारत आई जेआईटी दल ने भारत के सबूतों को नकारा है तथा कई नकारात्मक टिप्पणियां की हैं

  • संविधान के शिल्पी: डॉ. भीमराव अंबेडकर

    भारत में समतामूलक समाज के पक्षधर, विश्वस्तर के विख्यात विधिवेत्ता, महान राजनेता, भारतीय संविधान के जनक, दलितों, वंचितों और महिला अधिकारों के समर्थक,

  • विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर संदेह

    संसदीय प्रणाली के उद्भव के साथ ही यह सिद्धांत प्रतिपादित और स्थापित हुआ कि बहुमत जांचने का एकमात्र मंच सदन है। इस संसदीय सिद्धांत की पुष्टि सर्वोच्च न्यायालय ने एस.आर. बौम्मई मामले में अपने निर्णय से की।

  • नीतीश की महत्वाकांक्षा और केजरीवाल

    राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं दुर्गंध देती है, अनैतिकता को पसारती है, मान्य-अमान्य, स्वीकार-अस्वीकार कदमों को सहचर बनाती है, जैसे लालू के जंगल राज से

  • प्रवासी मजदूर और भारत सरकार

    अचानक से दुनिया के अनेक देशों में विपरीत हालातों में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों के दुख-दर्द के संबंध में खबरें इधर कुछ ज्यादा ही आने लगी हैं।

  • कदमताल मिलाए जा

    पिछले दिनों इंदौर मेंं नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें लगभग 400 महिला नव आरक्षक भी परेड में शामिल थीं। इनकी कदम ताल देखकर न केवन सभी आश्चर्यचकित थे

  • विविधतापूर्ण संस्कृति भारत की ताकत

    राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने एक बार पुन: चेतावनी दी है कि भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति इसकी सबसे बड़ी ताकत है जो इसे एक सूत्र में बांधे हुए हैं।

  • कश्मीर में मुश्किलें पैदा करेंगे अलगाववादी

    जम्मू कश्मीर में एक बार फिर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने मिलकर साझा सरकार का गठन कर लिया है जिसके मुख्यमंत्री पद की बागडोर मेहबूबा मुफ्ती ने

  • परमाणु सुरक्षा पर आतंक का मंडराता खतरा

    अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में परमाणु सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को लेकर पचास के अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने विचार-विमर्श किया। इस शिखर सम्मलेन के मुख्य उद्देश्य परमाणु सुरक्षा

  • रामदेव के बयान का दूसरा पहलू

    बाबा रामदेव काफी दिनों बाद मीडिया की सुर्खियां बने हैं। कई मीडिया खासकर अंग्रेजी समाचार चैनलों में यह खबर चली है कि रामदेव उनका सिर काटेंगे जो भारत माता की जय नहीं

  • नव-संवत्सर प्रासंगिकता व महत्व

    संवत्सर एक तरह से समय को कालखंड में विभाजित करने की पद्धति है अर्थात बारह महीने का एक पूरा काल-चक्र। यह पद्धति सबसे पहले भारत में ही प्रारंभ की गई।

  • नन्हे-मुन्ने समझते हैं गुस्से को

    दस महीने से लेकर पंद्रह महीने के नन्हे-मुन्ने शिशु न केवल क्रोध को समझते हैं बल्कि अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। पश्चिम के मनोवैज्ञानिक भी कमाल करते हैं। वह यह तक जानने और समझने की

  • पनामा के हिसाब-किताब में हिंदुस्तानी

    उत्तरी अमरीका और दक्षिण अमरीका के महाद्वीपों के बीच का पुल समझे जाने वाले देश पनामा से क्या तूफान उठा है कि पूरी दुनिया के लगभग दो सौ देशों में

  • किसी की शहादत का अपमान न हो

    19 सितंबर, 2008 और 4 अप्रैल, 2016 की ये दोनों तारीखें खास हैं, दिल्ली की घनी बस्ती वाले मुस्लिम मोहल्ले बाटला हाऊस के लिए। 19 सितंबर को बाटला हाउस एनकाउंटर में

  • चीन को वीटोहीन होना चाहिए

    दुनिया के विकसित और उपनिवेशिक देशों के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद का वीटो अधिकार का अब तक समीक्षा न होना लोकतांत्रिक दुनिया के लिए सबसे खतरनाक बात है

  • वेदांग मंत्रों से तनाव को दूर किया जा सकता है

    एक अप्रैल को काला दिन न कहा जाए तो क्या कहा जाए। लोकप्रिय बालिका वधु सीरियल की कलाकार आनंदी यानी प्रत्यूषा बनर्जी ने सुसाइड कर लिया।

  • भारत में भारत माता की जय तो बोलना ही होगा

    भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे ने अंग्रेजों को भगाकर देश को आजादी दिलाई। आज ऐसे ही नारों को लेकर कुछ फिरकापरस्ती ताकतें देश के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहीं हैं।

  • अब इंतजार है पहले ‘हैप्पीनेस मंत्रालय’ का

    ‘हमको मालूम है जन्नत की हकीक़त लेकिन, दिल को बहलाने के लिए ‘गालिब’, ये खयाल अच्छा है।’ देश में पहली बार मध्यप्रदेश में आनंद या प्रसन्नता या खुशहाली या ‘हैप्पीनेस मंत्रालय’

  • पोषक ऊर्जा से होगा रोगों का इलाज

    कैंसर के मोर्चे पर भारतीय वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। डीएस रिसर्च सेंटर कोलकाता के वैज्ञानिकों ने खाद्य पदार्थो की पोषक ऊर्जा से उस औषधि को तैयार कर लिया है जो कैंसर कोशिकाओं

  • किसका पोस्टर ‘बॉय’ बना कन्हैया

    कन्हैया कुमार 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में भड़के दिल-दहलाने वाले सिख विरोधी दंगों के वक्त पैदा नहीं हुए थे। तो इसका ये कतई मतलब नहीं होता कि उन्हें उस दंगे की

  • पैरेंट्स की मित्र बनने की कोशिश

    पैरेंट्स अपनी ओर से भरसक कोशिश कर रहे हैं कि वह अपनी युवा और किशोर संतान-चाहे वह बेटा हो या बेटी के मित्र बनें। ऐसे उनके वह ऐसे मित्र बनें कि उनका सुख-दुख बांट सकें।

  • यदि शस्त्र नहीं तो शास्त्र पछताएंगे...

    इस देश ने रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले देखे हैं। देश में सत्ता परिवर्तन होते रहे, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री बदलते रहे लेकिन एक चीज जो नहीं बदली, वह थी रक्षा सौदों में घोटाले। देश के रक्षा सौदों पर हथियार

  • आरटीईकरण के छह साल बाद स्कूली शिक्षा

    भारत में मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून लागू है जिसे 1 अप्रैल को 6 साल पूरे हो गए हैं, आरटीई तक पहुचने में हमें पूरे सौ साल का समय लगा है ,1910 में गोपालकृष्ण गोखले

  • गृहणियां बनी पुलिस की आंख और कान

    यह तो सबको पता है कि महिलाएं अपने घर से ज्यादा आस-पड़ोस के घरों की जानकारियां अधिक रखती हैं। उन्हें अपने बच्चों की गतिविधियां पता हो न हो पर पड़ोसी की

  • लोकतंत्र का कैंसर है दलबदल का चलन

    जिस लोकतंत्र में उसका संविधान महज शपथ और सत्तारूढ़ दल के लिए आत्मरक्षा और पवित्र धार्मिक ग्रंथ भगवत गीता न्यायालयों में सच्ची-झूठी कसम या शपथ का माध्यम मात्र

  • अतीत के भरोसे बेखौफ वर्तमान का ख्वाब

    यह पहला मौका है जब किसी आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में पाकिस्तान की टीम भारत आई, यह विचित्र है। जनवरी में पठानकोट के वायुसेना ठिकाने पर हुए आतंकी हमले की

  • भारतीय समाज बनाम तुर्की समाज

    पिछले दिनों जी टीवी के चैनल ‘जिंदगी’ पर तुर्की भाषा से अनुवादित एक सीरियल का समापन हो गया। वैसे तो जी जिंदगी में पाकिस्तान में निर्मित पारिवारिक सीरियल ही

  • पश्चिम बंगाल में होगा त्रिकोणीय संघर्ष

    क्या बंगाल की शेरनी का जादू इस बार भी चल पाएगा या कांग्रेस गठबंधन से अलग होने के चलते तिलिस्म टूट जाएगा? अब कुछ भी हो, पश्चिम बंगाल के विधान सभा चुनाव काफी रोचक तो होंगे

  • कहां हैं दोहरे मापदंड अपनाने वाले लोग

    अब अखलाक और डॉक्टर नारंग के हत्यारों में फर्क हो रहा है। कहा जा रहा कि डॉ.नारंग की हत्या सांप्रदायिक नहीं है। बताने वाले वही सेक्युलरवादी बिरादरी के मेंबर है।

  • उन दिनों की तकलीफ के लिए

    आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जिस पर प्राय: बात नहीं की जाती और उसे बेहद गोपनीय समझा जाता है और इसी कारण महिलाओं को ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ता है

  • समय के पदचापों को पहचानिए

    महिला दिवस के दौरान प्रसिध्द अभिनेत्री से एक साक्षात्कार में पूछा गया कि क्या आपको किसी ऐसी घटना का स्मरण है जिसमें आपको लगा हो कि भेदभाव

  • हमारी एकता ही राष्ट्रवाद और राष्ट्रधर्म

    राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जब किसी प्रकार की बहस छिड़ती है तो ‘भारत राष्ट्र राज्य’ का वह स्वरूप हमारे सामने आ जाता है जिसे हम ‘राज्यों का संघ’ भारत कहते हैं।

  • स्थानीयता के हमाम में सब एक जैसे

    झूठ, फरेब, साजिश, मक्कारी, विश्वासघात, आश्वासन भारतीय राजनीति का नंगा सच है। सिर्फ सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी ही नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियां भी इन्हीं बुराइयों की सौदागर होती हैं।

  • होलिका उत्सव ,एक वैदिक सोमयज्ञ

    हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद, मौज-मस्ती और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक लोकप्रिय पर्व होली अथवा होलिका वास्तव में एक वैदिक यज्ञ है, जिसका मूल स्वरूप आज विस्मृत हो गया है।

  • अस्थिरता के भंवर में उत्तराखंड

    उत्तराखंड के चश्मे से अगर चीजों को देखा जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि पंद्रह साल में अलग राज्य का सपना उत्तराखंड से टूटता दिखाई दे रहा है।

  • क्यों नहीं टिकते विवाह

    मनोवैज्ञानिक इस बात को लेकर बहुत चिंतित और परेशान हैं कि आज के समय में वैवाहिक संबंध क्यों नहीं टिकते? उनमें ऐसा क्या हो गया है कि जिस उत्साह व उमंग के साथ

  • ‘सिंध’ में फैलते ‘हिंद’ की होली के रंग

    पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार 24 मार्च को होली पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। ऐसा पाक में पहली बार हुआ है कि किसी राज्य

  • वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक

    वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जो चित्र और चरित्र दिखाई दे रहा है, उसमें निश्चित रूप से देश में प्रदान की जा रही शिक्षा का बहुत बढ़ा योगदान है।

  • संघ को गंभीर मसलों पर लो गंभीरता से

    क्षमा कीजिए पर ये कहना पड़ेगा कि हमारे देश का एक खास तथाकथित वुद्धिजीवी वर्ग का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कमियां निकालना ही मानो जीवन का लक्ष्य रह गया है।

  • तो क्या अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा

    आज ‘विश्व जल दिवस’ है। जल के बिना जीवन की कल्पना असंभव है लेकिन इसकी कमीं के बीच जीवन कितना कष्टकर होगा ये उससे भी बड़ी जीवंत विडंबना है।

  • सब कहते हैं माहौल खराब है

    एक स्वर से सब लोग इस निश्चित मत को प्रकट करते हैं- आजकल माहौल बहुत खराब है। ‘‘इस वाक्य को बोलते ही फिर वह एक ठंडी आह भरते हैं, पर यह कोई तलाश करने की जहमत नहीं

  • बेवजह बना दिया श्रीश्री को खलनायक

    री श्री रविशंकर का तीन-दिवसीय विश्व संस्कृति उत्सव पर जिस तरह से तथाकथित धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी ताकतों द्वारा हंगामा खड़ा किया गया, उससे देश का बहुसंख्यक तबका

  • विधानसभा चुनाव कहीं समर्थन, कहीं विरोध

    भारतीय राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। समय की धारा के अनुसार भारतीय राजनीतिक दल किस प्रकार से रंग बदलते हैं, इसका प्रत्यक्ष

  • इस मित्रता को सहज बनाएं

    यह बात अब आश्चर्यजनक नहीं लगती कि युवा व किशोर लड़के व लड़कियों में परस्पर मित्रता होती है। सह-शिक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर भी दोनों साथ-साथ होते हैं।

  • उग्र इस्लाम को चाहिए सूफीयाना मरहम

    भारत की राजधानी दिल्ली में 17 से 20 मार्च तक इस्लाम और विश्व शांति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। अखिल भारतीय उलेमा और मशाएख बोर्र्ड, वर्ल्ड सूफी

  • चुनाव से पहले के स्टिंग आॅपरेशन बने मजाक

    भारत का लोकतंत्र बेशक शोर-शराबे का लोकतंत्र हो मगर यह हेराफेरी या चोरी-चकारी का लोकतंत्र नहीं है और न ही कभी हो सकता है, क्योंकि इस लोकतंत्र को दिशा देने से

  • बेटे व बेटी की नजर में पिता की छवि

    क्या बेटे व बेटी की नजर में पिता की छवि को लेकर अंतर होता है? यदि प्रसिध्द व लोकप्रिय अभिनेत्री प्रिंयका चोपड़ा की बात मानें तो वास्तव में ऐसा ही होता है।

  • किस राह पर चलेंगे डोनाल्ड ट्रंप

    आग धधकने और धधकाने के दो प्रमुख कारण होते हैं, एक प्राकृतिक दूसरा अप्राकृतिक यानी मानवीय। प्राकृतिक आग आकाश से बिजली गिरने या फिर ज्वालामुखी के विस्फोट से

  • गणवेश के साथ एजेंडा भी बदलना पड़ा

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का नागौर (राजस्थान) सम्मेलन इस मायने में काफी ऐतिहासिक सिद्ध हुआ कि एक ओर संघ ने करीब नौ दशक बाद अपने गणवेश (वर्दी)

  • शेषनाग बनने की कोशिश

    वह अपने घर को बहुत सजा-संवारकर रखती है। एकदम चकाचक और साफ-सुसज्जित घर दिखता है। हर चीज करीने से अपनी जगह रखी हुई होती है।

  • बैंकों के कर्ज के ये बड़े-बड़े खिलाड़ी

    कल तक का जाना माना उद्योगपति विजय माल्या सरकार की कार्रवाई और अदालत के डर से विदेश भाग गया। लेकिन बैंकों का धन हड़पने के मामले में कई बड़े-बड़े लोग भी

  • अब सुधरेंगे देश के बेलगाम बिल्डर

    संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा ने रीयल एस्टेट बिल को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही ये उम्मीद बंधी है कि अब देश के रीयल एस्टेट सेक्टर में फैली सड़ांध और

  • बीस हजार शादियों का हंगामा

    समाचार चैनल पर दिखाया जा रहा था कि बीस हजार शादियां होंगी। यह आंकड़ा तो केवल देश की राजधानी दिल्ली का है। पूरे देश में न जाने कितने विवाह आयोजित होंगे।

  • करतूत ‘कर्ज किंग’ की

    देश में विजय माल्या के भागने पर तूफान मचा हुआ है। मामला यह है कि माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 कर्जदाताओं के 7800 करोड़ रुपए बकाया हैं।

  • सेना की कमजोरी बताना खतरनाक नहीं

    पहले हमने हमारी सेना के तीनों प्रभागों को पर्याप्त बजट नहीं दिया, फिर हमने हमारी सेना में कटौती करने का एलान किया और अब वायुसेना खुलासा कर रही है

  • चमत्कारों से भरे बच्चे या गर्भ संस्कार

    आजकल वास्तव में बच्चों में देखकर तथा उनके द्वारा किए गए कारनामों के प्रदर्शन को देखकर आश्चर्य होता है। कैसे-कैसे गुणों और योग्यता से बच्चे भर गए हैं

  • आखिर अच्छे काम में अड़ंगा क्यों

    हमारे देश में यह प्रवृत्ति बड़े स्तर पर है कि कहीं कोई अच्छा काम हो रहा हो तो उसमें अड़ंगे जरूर लगाएंगे। इसी तरह जो काम जिस सरकारी विभाग को करना चाहिए उसमें उनकी रुचि

  • संवादहीनता पर हुआ संवाद

    परिवार की दादी मां आज बहुत मूड में थीं। उन्हें गुजरा समय रह-रहकर याद आ रहा था। कभी वह अपने बिताए गए वक्त के किसी विषय को छेड़तीं तो कभी किसी अन्य विषय पर आ जातीं।

  • सभी को अपनी टीआरपी बढ़ाने की फिक्र

    आज देश में एक अजीब तरह का माहौल है, सत्ता और प्रतिपक्ष दोनों को ही अपनी ‘टीआरपी’ बढ़ाने की चिंता है, सत्ताधारियों को सत्ता के सिंहासन तक और प्रतिपक्ष को उनकी पुरानी गलतियों को सुधारने का

  • देश की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद हो

    लश्कर-ए-तैयबा आतंकी इशरत जहां मुठभेड़ के मामले में हो रहे खुलासों से कई गंभीर और संगीन सवाल खड़े हो गये हैं। खासकर यूपीए के पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम की भूमिका को लेकर उठे सवालों ने देश की सुरक्षा को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है।

  • मां बनने का वरदान

    न जाने कितनी महिलाओें ने इस बात को लेकर प्रताड़ना सही है कि वे मां नहीं बन पार्इं। वैसे तो प्रकृति ने मां बनने का वरदान महिलाओं को सहज ही दे दिया है

  • आखिर क्यों हुई कम्युनिस्टों की यह दुर्गति

    अगर आप कम्युनिस्टों को देशभक्त मानते हैं, अगर आप कम्युनिस्टों को शांति का प्रतीक मानते हैं, अगर आप कम्युनिस्टों को देश की संस्कृति के रक्षक समझते हैं

  • हरियाणा पर निवेशकों का भरोसा

    गुड़गांव में आयोजित दो दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन शुरू होने से पूर्व ऐसी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिस तरह दुकानों, शोरूमों और शापिंग मॉलों को आग के हवाले किया गया

  • महिलाओं के बगैर विकसित समाज नहीं

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आज के दिन विशेष रूप से प्रदेश की सभी माताओं, बहनों, बेटियों और अपनी भांजियों को मैं शुभकामनाएं देना चाहता हूं।

  • ...तो श्रवण नहीं बनेगा कन्हैया

    श्रवण कुमार के महान देश भारत वर्ष में कन्हैया कुमार अब नायक बनाने की कोशिश कर रहा है। जब जेल से सख्त हिदायतों और शर्तों के साथ बेल के बाद कन्हैया की नेतागीरी फिर शुरू हो गयी है

  • शिवराज की अगुआई में अव्वल बना प्रदेश

    कुछ साल पहले तक बीमारू प्रदेशों की कतार में शुमार किए जाने वाले मध्यप्रदेश की पहचान अब तेजी से विकास करने वाले प्रदेश के रूप में होती है।

  • क्या असमानता का संदर्भ समाप्त हो गया

    पिछले दिनों लोकप्रिय प्रसिध्द अभिनेत्री ने विश्व स्तर पर बहुत ही स्थापित फिल्मी पुरस्कार आॅस्कर का प्रेजेंटेशन दिया। जाहिर है कि यह बहुत चर्चित और बड़ी बात मानी गई

  • अब है किसानों की सरकार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब गत रविवार को छात्रों से अपने ‘मन की बात’ साझा करते हुए यह कहा था कि यह उनकी स्वयं की भी वार्षिक परीक्षा की घड़ी है।

  • चिदंबरम : अब नहीं रहा कोई भ्रम

    क्या इस देश की किस्मत में पी. चिदंबरम जैसे लोग ही लिखे थे जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर ऊंचे पद पाकर सम्मान तो प्राप्त किया लेकिन राजनीति में लोक-लज्जा को पूरी तरह त्याग कर ऐसे-ऐसे कारनामे किए कि उन पर आज कालिख ही कालिख नजर आ रही है।

  • बदलेगी गांवों और नौजवानों की जिंदगी

    आजादी मिलने के बाद पहली बार एक अरसे के बाद इस देश के आम बजट में देश के गांवों, गरीबों, नौजवानों और ग्रामीण औरतों का ख्याल रखा गया। उनकी जिंदगी बेहतर हो बजट में इस बात का ध्यान रखा गया।

  • महिलाओं की परेशानियां उनकी जुबानियां

    महिलाएं कामकाजी हों। वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों। इससे वह आत्मविश्वासी बनें आदि-आदि कितने ही प्रमाण इस पक्ष में दिए जाते हैं।

  • बुलेट ट्रेन से पहले चाहिए बेहतर सुविधाएं

    रेल मंत्री सुरेश प्रभु 25 फरवरी को अपना तीसरा रेल बजट प्रस्तुत करते हुए जहां एक ओर यात्रियों की सुविधाओं तथा सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए उपयुक्त प्रावधान करते हुए दिखाई दे सकते हैं

  • आरक्षण के कानूनी पेंच को समझें

    आरक्षण देने के मूलमंत्र को अगर समझें तो आरक्षण देना इतना आसान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर साफ व्याख्या दे रही है

  • विश्वविद्यालयों में विष बोते वामपंथी

    प्रजातांत्रिक देशों में मतभेद और उसकी अभिव्यक्ति का अनुकूल माहौल होता है, लेकिन राष्ट्रहित का तकाजा यह है कि मतभेद का विस्तार मनभेद तक नहीं होना चाहिए।

  • कुछ तुम करो, कुछ मैं करूं

    एक समाचार पढ़ा था। पति ने फैमिली कोर्ट में एक याचिका लगाई थी कि वह अपनी पत्नी से बहुत त्रस्त है। वह सुबह जल्दी नहीं उठती

  • जेएनयू की घटना से कई बेनकाब

    यह इस देश का दुर्भाग्य है कि देश की आजादी की लड़ाई के लिए जिन लोगों ने कुर्बानी दी, शहीद हुए उनके वंशज आज दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं

  • दुनिया के सब रिश्ते झूठे, सच्चा रिश्तेदार गुरु

    मनुष्य इस संसार में जन्म लेते ही रिश्तेदारों से घिर जाता है। मां का रिश्ता, पिता का रिश्ता, भाई का रिश्ता, बहन का रिश्ता, दादा-दादी का रिश्ता, नाना-नानी का रिश्ता, गुरु-शिष्य का रिश्ता आदि

  • मोदी की विदेश नीति को झटका

    जबसे अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमान देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है, तब से न केवल भारत सरकार हैरान है

  • किसान मर जाएगा, भीख नहीं मांगेगा

    जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जिम्मेदार माना जाता है लेकिन राजनीतिक दलों के नेता कुछ न कुछ ऐसा बोल ही देते हैं कि देश के बाशिंदों का दिल दुखने लगता है।

  • यह शिक्षा के मंदिर या शांति स्थल तो नहीं हैं

    अब यह समाचार बहुत ही चौंकाने वाले और बेहद हैरत में डालने वाले आ रहे हैं कि स्कूलों और विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों व छात्रों को अनुमति दी जाएगी

  • याद रखने से अच्छा है भूल जाना

    यादों में डूबे रहना इतना ही अच्छा होता तो हम सबकी जिंदगी थम-सी गई होती। बीता हुआ कल चाहे जितना अच्छा रहा हो

  • आज भी प्रासंगिक हैं शिवाजी की नीतियां

    शिवाजी एक कुशल और प्रबुद्ध सम्राट के रूप में जाने जाते है। वे भारतीय इतिहास और राजनीति से बहुत ही बेहतर ढंग से वाकिफ थे।

  • शबाना आजमी और किशोरावस्था की यादें

    पिछले एक लेख में शबाना आजमी ने अपने बारे में बहुत कुछ कहा। वह प्राय: अपने अनुभवों और अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुभव साझा करती रहती हैं।

  • वामपंथियों का स्याह चेहरा

    कितनी बड़ी और क्रूर विडंबना है कि एक तरफ जिस जम्मू-कश्मीर सीमा की सुरक्षा के लिए देश के दस जवान सियाचिन की बर्फ में दबकर अपनी जान गंवा देते हैं

  • बेहतर प्रबंधन से भाजपा को मिली जीत

    मैहर विधानसभा उपचुनाव को लेकर एक माह से भी अधिक समय से प्रदेश का राजनैतिक पारा चढ़ा हुआ था।

  • विदेशी कंपनियों की लुटेरी करतूत

    दुनिया के मशहूर कहानीकार आॅस्कर वाइल्ड अपनी विख्यात कहानी अभिषेक के अंत में कहते हैं ‘ मैं चीथड़े पहनता हूं,

  • नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी

    हमने देखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस तरह एक परिवार की बात कहकर सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी पर हमला किया तो जवाब में राहुल गांधी ने भी प्रतिहमला किया।

  • संतान को जन्म देने की भी शर्तें

    वह एक स्त्री रोग व प्रसूति विशेषज्ञ हैं। आजकल उन्हें एक नई समस्या से जूझना पड़ा रहा है। उनके पास नव दंपति आते हैं। उनके यहां प्रथम संतान आने वाली होती है।

  • दुश्मनों का गढ़ बना ‘जेएनयू’

    जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से हाल के दौर में किसी अध्यापक या विद्यार्थी के मौलिक काम पर बात होती नहीं सुनाई देती।

  • पारदर्शिता लाने की कवायद बेहद जरूरी

    सरकारी बैंकों द्वारा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एनपीए के मद में ज्यादा प्रावधान करने से इनके शुद्ध मुनाफे में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है।

  • देशद्रोही : किससे डरें, कैसे लड़ें?

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) दिल्ली परिसर की कथित देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्तता और छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी ने कई सवालों को जन्म दिया है।

  • जिम्मेदारियों की भी चिंता करे संसदीय समिति

    एक संसदीय समिति द्वारा सांसदों के वेतन और भत्ते दोगुना करने के प्रस्ताव को शीघ्र लागू करने की सिफारिश की गई है।

  • श्री रुक्मिणीजी का प्रेम पत्र भगवान श्रीकृष्ण को

    यदि आपने भागवत कथा के प्रसंग में रुक्मिणीजी का श्रीकृष्ण को भेजा गया प्रेम निवेदन का पत्र नहीं पढ़ा तो प्रयास कीजिए कि कहीं से पढ़ लें।

  • नवाज के बयान पर विश्वास करें

    हमारे सामने निष्कर्ष निकालने के लिए दो विपरीत खबरें है। एक पाकिस्तान की मीडिया में आई यह खबर है कि पाकिस्तान ने पठानकोट हमले के मामले

  • सियासी जमीन बचाने की कोशिशें

    जम्मू कश्मीर में सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा, इसे लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महबूबा मुफ़्ती यह मान बैठी है

  • मरकर भी जिंदा रहने का अंदाज

    सोशल साइट पर इन दिनों एक जुमला खूब चल रहा है यदि आप मरने के बाद भी फेसबुक, व्हाट्सअप पर एक्टिव रहना चाहते है तो अपने नेत्र दान कीजिए।

  • हथियारबंद संघर्षों में बच्चों का इस्तेमाल

    कहने को तो हम अपने आपको अभी तक के मानव इतिहास का सबसे सभ्य और विकसित समाज मानते है लेकिन दुनिया के एक बड़े हिस्से में

  • अभिव्यक्ति की आजादी और हम

    अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध लोकतंत्र का प्रमुख आधार है, अभिव्यक्ति को मान देना। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक सभ्यतामूलक विमर्श है।

  • इंटरनेट की स्वतंत्रता एक तार्किक सच

    ‘टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी’ अर्थात ट्राई के ‘नेट न्यूट्रलिटी’ फैसले को भारत में इंटरनेट यूजर्स की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

  • बच्चों की पुकार तो सुनें

    कैसी हृदय विदारक घटना है? माता-पिता ने पहले अपनी ढाई वर्षीय पुत्री को अपने हाथों से मृत्यु दी और फिर स्वयं मर गए।

  • योजनाओं पर मत करो सियासत

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी ‘मनरेगा’ पर जरा मोदी सरकार के रुख पर गौर कीजिए।

  • राष्ट्रहित में विपक्ष का रचनात्मक होना जरूरी

    भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते आवश्यक है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर ही काम करें।

  • बच्चों ! अध्याय 8वां खोलो

    बच्चे इसी आवाज को सुनने के आदी बरसों तक रहे। जैसे ही किसी विषय का पीरियड प्रारंभ होता कि टीचर के क्लास रूम में घुसते