21 Sep 2018, 06:16:36 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news » World

बैंकॉक जेल के कैदी नंबर 8 को लेकर भारत-पाकिस्तान में छिड़ी कानूनी जंग

By Dabangdunia News Service | Publish Date: May 4 2018 10:35AM | Updated Date: May 4 2018 10:35AM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक की एक जेल में बंद कैदी के लिए भारत और पाकिस्तान में इन दिनों जंग छिड़ी हुई है। बैंकॉक के माहा छाई रोड स्थित सबसे पुरानी और हाईसिक्योरिटी जेल में बंद इस कैदी का नाम सैयद मुदस्सर हुसैन है, जिसे लेकर दो साल से भारत और पाकिस्तान के बीच बैंकॉक की क्रिमिनल कोर्ट लट फारो में कानूनी जंग चल रही है।
 
एक तरफ भारत सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा को अपना नागरिक बता रहा है, तो दूसरी तरफ पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान उसे मोहम्मद सलीम बताते हुए अपना नागरिक होने का दावा कर रहा है। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या है कि बैंकॉक की जेल बंद उक्त कैदी के लिए दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
 
दरअसल, पाकिस्तान की सरकारी खुफिया एजेंसी आईएसआई और ग्लोबल टेररिस्ट करार दिए जा चुके अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बीच गठजोड़ के कई अहम राज मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा के सीने में दफन हैं। ऐसे में इंडियन एजेंसी और भारत सरकार को लगता है कि मुदस्सर हुसैन को अपनी कस्टडी में लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब किया जा सकता है, लेकिन पाकिस्तान ने बकायदा मोहम्मद सलीम के पासपोर्ट के साथ बैंकॉक की अदालत और वहां की सरकार के सामने दावा ठोंक दिया कि वो मोहम्मद सलीम है, जो साल 2000 में बैंकॉक आया था। यूं तो मुन्ना झिंगाड़ा बैंकॉक की जेल में साल 2000 से बंद है, लेकिन उसे भारत लाने की कोशिशें उस वक्त तेज हो गईं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2016 के नवंबर में बैंकॉक गए थे।
 
मुंबई का गैंगस्टर था मुन्ना झिंगाड़ा
मुंबई के जोगेश्वरी का रहने वाला झिंगाड़ा एक गैंगस्टर था। वो डॉन दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील का बेहद करीबी है। उसके खिलाफ मुंबई में 70 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुन्ना इतना बेखौफ और शॉर्प शूटर है कि दाऊद ने अपने जानी दुश्मन अरुण गवली को उसी के इलाके में मारने के लिए मुन्ना को भेजा था।
 
1997 में झिंगाड़ा को दाऊद ने नेपाल के रास्ते पाकिस्तान बुलाया और कराची में बिजनेस शुरू करा दिया। 2000 में दाऊद ने अपने जानी दुश्मन छोटा राजन को मारने का टास्क दिया और आईएस की मदद से मोहम्मद सलीम के फर्जी पासपोर्ट पर उसे बैंकॉक भेजा, जहां उसने छोटा राजन पर हमला भी किया, लेकिन राजन बच गया, जबकि राजन का साथी रोहित वर्मा इस शूटआउट में मारा गया। बैंकॉक पुलिस ने मुन्ना को वर्ष 2000 में ही गिरफ्तार कर लिया था और तभी से वह वहां की जेल में बंद है।
 
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »