21 Oct 2017, 21:30:35 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

शैलेश पाठक इंदौर- 98260-11032

इंदौर। देशभर में इस बार गेहूं का उत्पादन 960 लाख से घटकर 915 लाख टन के करीब रह जाने का अनुमान है। केंद्रीय पूल में भी 281 लाख टन के करीब 2015-16 साल के लिए खरीद हो गई, जबकि उत्पादन में कमी को देखकर ऐसा लग रहा था कि इस बार खरीदी का आंकड़ा 250 लाख टन के करीब पहुंचना भी मुश्किल है।

सरकार द्वारा सही समय पर खरीद में समझौता किए जाने से किसानों का दबाव सरकारी धर्मकांटों पर बनता रहा और जो खरीद सामान्यत: 3.75 लाख टन के करीब विशाल क्षेत्र यूपी में हुआ करती थी, वह इस बार 22 लाख टन के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। हरियाणा, पंजाब में गेहूं की खरीद इस बार कम रही।

पंजाब में 100 लाख टन के करीब खरीद हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 लाख टन कम रही है। इसकी पूर्ति अन्य राज्यों से हो गई है। एफसीआई में गेहूं का स्टॉक नए-पुराने को मिलाकर 325 लाख टन के करीब है। खपत के लिए पांच-छह महीने का समय बचा है और जो स्टॉक है वो खपत से ज्यादा है। फरवरी में नया गेहूं बाजार में आना शुरू हो जाएगा लेकिन दिल्ली में नए वर्ष के गेहूं का बिक्री मूल्य 1640 रुपए एवं हरियाणा, पंजाब में 1570 रुपए निर्धारित किया गया है।

दिल्ली के मायापुरी, घेवरा, नांगलोई आदि गोदामों में गेहूं का स्टॉक है। यहां से माल उठाने पर कम से कम 1685-1690 रुपए पड़ रहा है जबकि एफसीआई हरियाणा से उठाने पर गेहूं 1650 रुपए के आसपास पड़ेगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश की फ्लोर मिलों को भी एफसीआई का गेहूं महंगा बैठ रहा है जिससे सरकारी गेहूं पर्याप्त मात्रा में उठ नहीं पा रहा है।

इसके चलते कई फ्लोर मिलें खुले बाजारों से गेहूं खरीदना ज्यादा पसंद कर रही हैं। यही वजह है कि खुले बाजार में पिछले कुछ दिनों में गेहूं की कीमतों में सुधार देखने को मिला है। त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। सरकार के पास अच्छा अवसर है कि वो बिक्री मूल्य में कुछ  कटौती कर अपना स्टॉक हलका कर सकती है।

अन्यथा- सरकारी गोदामों में एक बार फिर बंपर स्टॉक नए सीजन में मौजूद रहेगा। ऐसी उम्मीद है कि इसी महीने के अंत से मिलों को एफसीआई में गेहूं के लिए जाना पड़ेगा। इस स्थिति में गेहूं के वर्तमान दामों में कुछ तेजी की स्थिति बन सकती है। इंदौर बाजार में इस समय मिल क्वालिटी गेहूं 1450 से लेकर 1550 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।
गेहूं से बने उत्पादों की भरपूर रहेगी डिमांड
त्योहारी सीजन शुरू हो गया है, गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों की डिमांड अगले तीन महीने भरपूर रहने की संभवाना है। इससे गेहूं के वर्तमान दामों में मंदी की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। अगर सरकार बिक्री मूल्य में कुछ कटौती कर बिकवाली करती है तो गेहूं की तेजी त्योहारों के दौरान थम सकती है अन्यथा: गेहूं और गेहूं से बने उत्पाद दालों के समान महंगे हो सकते हैं।
आनंद खंडेलवाल, व्यवसायी
उत्पादन कम होने और एफसीआई के पड़ते ऊंचे होने से पिछले 10-15 दिनों में गेहूं की कीमतों में कुछ सुधार है। मंडियों में गेहूं की आवक भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। इधर, त्योहारी सीजन शुरू हो गया है जिससे फ्लोर मिलों की गेहूं में डिमांड बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

ऐसे में सरकार को अपना स्टॉक हलका करने के लिए कीमतों में कुछ कटौती कर देना चाहिए क्योंकि यह अवसर अच्छा है जिसमें वह अपना स्टॉक निकाल सकती है। इधर, एफसीआई में गेहूं का स्टॉक नए-पुराने को मिलाकर 325 लाख टन के करीब है।


 

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »