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योगी ने की पेयजल स्वच्छता मंत्रालय के सचिव से मुलाकात

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Nov 17 2019 2:51AM | Updated Date: Nov 17 2019 2:51AM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शनिवार को केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता , जल शक्ति मंत्रालय के सचिव परमेश्वरन् अय्यर ने मुलाकात की।  योगी ने इस मौके पर ‘जल जीवन मिशन’ एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के सम्बन्ध में संतृप्तीकरण किए जाने पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने बेसलाइन सर्वे से पहले क्षतिग्रस्त हुए शौचालयों एवं नये निर्मित परिवारों में शौचालयों की मांग के मद्देनजर , चिन्हीकरण का कार्य घर-घर जाकर त्रुटिरहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों का पारदर्शी ढंग से चिन्हीकरण करते हुए उन्हें संतृप्त किया जाए और निर्मित शौचालयों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। योगी ने ‘हर घर नल’ की शीघ्र कार्ययोजना बनाकर उसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
 
उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्याचल क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने वर्षा जल संचयन एवं अतिरिक्त जल के रीचार्ज के लिये पुराने नलकूप, हैण्डपम्प एवं कुओं इत्यादि की मरम्मत करके उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप राज्य स्तर पर योजना का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि शत-प्रतिशत लोगों को नल से जल उपलब्ध हो सके। इसके सम्बन्ध में ग्राम स्तर तक प्लम्बर इत्यादि के प्रशिक्षण की गहन योजना बनाना जरूरी है। डार्क जोन, ब्लैक जोन, इंसेफेलाइटिस, आर्सेनिक, फ्लोराइड इत्यादि से प्रभावित भूजल वाले क्षेत्रों हेतु विशेष कार्ययोजना बनाते हुए कार्य किए जाएं।
 
अय्यर ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा निर्देशित बिन्दुओं को कार्ययोजना में आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाएगा। राज्य की योजना में 55 लीटर जल प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की गणना के आधार पर योजना का निर्माण किया जाएगा। उन्होने कहा कि प्रदेश की महिलाओं के सम्मान के लिये ‘इज्जत घर’ की अवधारणा को देश के अन्य राज्यों ने भी प्रेरणा लेकर अपनाया है। इस कॉन्सेप्ट की देश भर में प्रशंसा भी हुई है। ओडीएफ प्लस की निरन्तरता के लिये स्वच्छाग्रहियों, सफाई कर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों, निगरानी समिति के सदस्यों का वृहद स्तर पर प्रशिक्षण इस प्रकार दिया जाए कि लोग सफाई के लिए सरकार पर निर्भर न रहकर स्वयं सफाई के लिए आगे आएं। 
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