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Astrology

नवरात्र में माता बैठाने का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि आदि

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Sep 29 2019 3:23AM | Updated Date: Sep 29 2019 3:23AM
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शारदीय नवरात्र आज से आरंभ होने जा रहा है। इस बार हाथी पर सवार होकर आ रहीं हैं मां दुर्गा, जो अपने साथ कई शुभ संयोग ला रही हैं। इन्हीं शुभ योगों के बीच अबकी बार नवरात्र में घट स्थापना यानी कलश बैठाया जाएगा। देवीभागवत पुराण के अनुसार कलश भगवान गणेश का स्वरूप है जिसमें सभी तीर्थ, समुद्र, पवित्र नदियों, वरुण सहित अनेक देवताओं का वास होता है। कलश स्थापित होने के बाद वह भगवान गणेश का स्वरूप बन जाता है जो विघ्नों को दूर करता है। नवरात्र बिना किसी बाधा के पूर्ण हो इसलिए देवी की पूजा आरंभ करने से पहले घट यानी कलश बैठाया जाता है और हर दिन देवी की पूजा से पहले घट की पूजा की जाती है।
 
घट स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री-
मिट्टी, पीतल, ताबां या फूल का घड़ा। जौ, तिल,सप्तमृतिका, सर्वोषधि, लाल वस्त्र, पानी वाला नारियल, दीप, रोली, कुमकुम, सिक्का, सुपारी,गंगाजल, आम का पल्लव, पान का पत्ता,शहद।कलश स्थापना शुभ मुहूर्तरविवार को सूर्योदय के बाद से कलश स्थापित किया जा सकता है। इस दिन सूर्योदय से 4 घंटे तक और अभिजीत मुहूर्त में मिट्टी और रेत पर कलश बैठाकर संकल्प पूर्वक कलश स्थापित करना चाहिए। इसके साथ ही नवरात्र में 9 दिनों तक देवी की पूजा करने का संकल्प लेना चाहिए। बिना संकल्प के पूजा करना अपूर्ण माना गया है। प्रतिपदा के दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग का बन रहा है शुभ संयोग विभिन्न शहरों के लिए कलश स्थापना का उत्तम मुहूर्त-नवरात्र प्रतिपदा तिथि का आरंभ कन्या लग्न में हो रहा है। इस दिन इस लग्न में 5 ग्रह शुक्र, सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध होंगे। इस लग्न में और हस्त नक्षत्र के दौरान कलश बैठाना शुभ रहेगा। अगर कन्या लग्न में कलश स्थापित नहीं कर पाते हैं तो धनु लग्न में अभिजीत मुहूर्त के दौरान कलश स्थापित कर सकते हैं।
 
 
दिल्ली- में 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक फिर 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक।
मुंबई- में 6 बजकर 34 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक फिर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक।
कोलकाता- में 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक फिर 11 बजकर 03 मिनट से 11 बजकर 50 मिनट तक।
पटना- में 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 06 मिनट तक फिर 11 बजकर 16 मिनट से 12 बजकर 3 मिनट तक।
चेन्नई- में 6 बजकर 1 मिनट से 7 बजकर 16 मिनट तक फिर 11 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक।
लखनऊ- में 6 बजकर 1 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक फिर 11 बजकर 33 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट तक।
 
 
नवरात्र कलश स्थापना विधि और मंत्र
नवरात्र में कलश स्थापित करने वाले को सबसे पहले पवित्र होने के मंत्र- 
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।
य: स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:॥
हाथ में कुश और जल लेकर इस मंत्र को पढ़कर स्वयं को और पूजन सामग्रियों को पवित्र कर लेना चाहिए। इसके बाद दाएं हाथ में अक्षत, फूल, जल, पान, सिक्का और सुपारी लेकर दुर्गा पूजन का संकल्प करना चाहिए।
 
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