20 Oct 2017, 23:14:57 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android
news

ड्राइवर बोला- बाबा के इशारे पर हुई कई हत्याएं, लाशें डेरे में दफन

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Aug 30 2017 10:53AM | Updated Date: Aug 30 2017 12:08PM
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

चंडीगढ़। दो साध्वियों से रेप के मामले में 20 साल के लिए जेल में बंद  डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बारे में नया खुलासा हुआ है। आरोप है कि उसके इशारे पर कई हत्याएं की गर्इं और लाशें डेरे के अंदर ही दफना दी गईं। यह दावा सीबीआई के मुख्य गवाह खट्टा सिंह ने किया है। खट्टा सिंह 2002 में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम का ड्राइवर रह चुका है। साध्वी रेप केस में भी उसकी गवाही अहम रही है। खट्टा सिंह ने दावा किया है कि बाबा के इशारे पर गोरा सिंह नामक एक लड़का को गोली मारने के बाद उसकी लाश डेरे के अंदर ही जला दी गई थी।
 
पीड़िता ने कहा नहीं डरती: राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद रेप पीड़िता साध्वी ने पहली बार कहा है कि अब मुझे इंसाफ मिल गया है। उसने कहा, न मैं तब बाबा से डरी थी, न अब डरती हूं। पीड़िता अब 40 साल की हो चुकी है। उसने शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं। उसके पिता ने ही उसके केस को देखा था।
 
कई लाशें नहर में बहा दी
खट्टा सिंह का दावा है कि कत्ल के बाद कई लोगों के शव डेरा परिसर में दबा दिए जाते थे तो कुछ लाशों को साथ लगती नहर में बहा दिया जाता था। इन सारी बातों की जानकारी होने के बावजूद हरियाणा पुलिस कार्रवाई तो दूर, शिकायत लेकर आने वालों को ही डरा-धमकाकर वापस भेज देती थी।
 
मर्डर से पहले चिता तैयार करवाते थे
खट्टा सिंह ने बताया कि गोरा सिंह के कत्ल से पहले बाकायदा उसकी चिता तैयार की गई थी। फिर उसे चिता के पास बुलाकर पहले गोली मारी और बाद में उसके शरीर को चिता पर फेंककर आग लगा दी। जब कुछ लोगों ने शोर मचाया कि लड़के को आग लग गई है तो डेरामुखी के गुर्गे चिता पर पानी डालने की जगह उसके चारों तरफ पानी फेंकते रहे। डेरे में फकीरचंद नामक व्यक्ति का भी कत्ल किया गया। 
 
बलात्कारी बाबा का जेल में पहला दिन 
 
खाना नहीं खाया, रातभर बेचैन रहा
राम रहीम को जेल के अंदर नया नंबर दिया गया है कैदी नंबर-8647। सजा के बाद पहली रात वह बेचैन दिखा। बताते हैं पहली रात बाबा को खाने में चार रोटी और सब्जी दी गई थी। लेकिन, उसने खाना नहीं खाया। लेकिन, गद्दे पर सोने वाले गुरमीत सिंह को जब जेल के अंदर सोने के लिए कंबल दिया गया तो वह सो नहीं पाया और पूरी रात इधर-उधर टहलते रहा। उसे आम कैदियों की तरह सुबह चाय, दूध और ब्रेड दी गई। वहीं दोपहर की थाली में दाल, रोटी और सब्जी होगी। जबकि रात को रोटी और सब्जी परोसी जाएगी।
  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »