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PM मोदी ने सुल्तानपुर लोदी के गुरुद्वारा बेर साहिब में माथा टेका

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Nov 9 2019 12:04PM | Updated Date: Nov 9 2019 12:05PM
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गुरुदासपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पंजाब के सुल्तानपुर लोधी में बेर साहिब गुरुद्वारा में माथा टेका। मोदी आज गुरदास पुर जिले के डेरा बाबा नानक में करतारपुर गलियारे पर एकीकृत चेक पोस्ट का उद्घाटन करेंगे। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव वर्ष में भारतीय श्रद्धालुओं के पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए भारत और पाकिस्तान ने एक समझौते के तहत 4.2 किलोमीटर लंबे इस गलियारे का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री भारतीय सीमा में इस गलियारे का उद्घाटन कर वहां जाने वाले पहले श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे।
 
इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कई अन्य गणमान्य हस्ति शामिल होंगे। भारत और पाकिस्तान ने इस गलियारे के संबंध में गत 24 अक्टूबर को हस्ताक्षर किये थे। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवम्बर 2018 को गुरू नानक देव की 550 वीं जयंती को धूमधाम से मनाने के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था। सरकार ने करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डेरा बाबा नानक से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारा बनाया है। इस पर 120 करोड़ रूपये की लागत आयी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे गलियारे का निर्माण पाकिस्तान की ओर से किया गया है।
 
भारत ने अपनी सीमा में गलियारे पर 15 एकड़ में एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल बनाया है। इस टर्मिनल पर हर रोज 5000 यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। गलियारे से होकर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी द्वारा निगरानी की व्यवस्था है तथा जन सूचना प्रणाली लगाई गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 300 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है। दोनों देशों ने जो समझौता किया है उसके तहत  सभी धर्मों को मानने वाले भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालु गलियारे का उपयोग कर सकते हैं। यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालुओं के पास केवल वैधानिक पासपोर्ट होना चाहिए।
 
इसके अलावा भारतीय मूल के लोगों के लिए अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड रखना आवश्यक होगा। गलियारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा। सुबह जाने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन वापस लौटना होगा। केवल अधिसूचित दिनों को छोड़कर गलियारा पूरे साल खुला रहेगा, जिसकी सूचना अग्रिम रूप से दे दी जाएगी। श्रद्धालुओं को अकेले या समूह में अथवा पैदल जाने की छूट होगी। यात्रा तिथि के 10 दिन पहले भारत श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को सौंपेगा।
 
यात्रा तिथि के 4 दिन पहले श्रद्धालुओं को यात्रा की पुष्टि की सूचना प्राप्त हो जाएगी। पाकिस्तान ने भारत को आश्वासन दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए ‘लंगर’ और ‘प्रसाद’ का पर्याप्त प्रबंध किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक पंजीकरण पोर्टल शुरू किया गया है। यात्रा तिथि से तीन से चार दिन पहले पंजीकरण की पुष्टि श्रद्धालु को एसएमएस और ई-मेल के जरिये कर दी जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक ट्रेवल ऑथराइजेशन (ईटीए) भी तैयार हो जाएगा। श्रद्धालु को पासपोर्ट के साथ ईटीए ले जाना आवश्यक होगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1999 में लाहौर बस यात्रा के दौरान इस गलियारे के निर्माण का प्रस्ताव दिया था।  
 
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