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महिला बाल विकास स्वच्छता अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर डस्टबिन रखवाए जा रहे हैं जिसका पैसा केंद्र में पदस्थ कार्यकर्ता के खाते में पहुंचता है

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jan 11 2018 8:43PM | Updated Date: Jan 11 2018 8:43PM
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महिला बाल विकास स्वच्छता अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर डस्टबिन रखवाए जा रहे हैं जिसका पैसा केंद्र में पदस्थ कार्यकर्ता के खाते में पहुंचता है और कार्यकर्ता उस पैसे से डस्टबिन रखवा रही हैं लेकिन कई आंगनबाड़ी केदं्रों पर मामला उलटा ही चल रहा है। यहां पदस्थ परियोजना अधिकारी साधना खटीक धड़ल्ले से कार्यकर्ताओं से 5 सौ रुपए और सहायिकाओं से 2 सौ रुपए की राशि मांगी जा रही है। कार्यकर्ताओं  ने जब राशि देने से मना किया तो कार्यकर्ताओं को केंद्रीय राज्य मंत्री वीरेंद्र खटीक का नाम लेकर डराना धमकाना शुरू कर दिया। श्रीमती खटीक केंद्रीय राज्यमंत्री को अपना नजदीकी रिश्तेदार बताकर अवैध वसूली कर रही हैं। महिला बाल विकास के तमाम अधिकारी इन महोदया पर नकेल भी नहीं कस पा रहे हैं। शायद महिला विकास के आला अधिकारियों को भी केंद्रीय राज्यमंत्री वीरेंद्र खटीक की दहशत दे चुकी हैं। इस पर शासन प्रशासन बिलकुल मौन धारण किए हुए है। डस्टबिन के मामले में जब आला अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि डस्टबिन का पैसा मांगना अनुचित नहीं है। लेकिन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत होने के कारण उन्होंने सीधा दोष आला अधिकारियों पर जड़ दिया और बताया कि अधिकारियों ने कहा कि कार्यकर्ताओं से डस्टबिन के पैसे मांगे जाएं। ुचुनावी साल आने के बावजूद भी विधायक, मंत्री के रिश्तेदार खुलकर वसूली कर रहे हैं। इस पर शासन तो मौन धारण किए हुए हैं वहीं अधिकारी भी खुलकर इनका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। अब ऐसे में नुकसान इन सत्ताधारियों का ही होना है। वसूली के चक्कर में परियोजना अधिकारी साधना खटीक समय पर कभी नहीं परियोजना कार्यालय में नहीं पहुंचतीं। इनके कार्यालय में जब देखो इनकी कुर्सी खाली रहती है और इनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने एक राग अलापना शुरू कर दिया है। मेडम विभागीय कार्य से कलेक्ट्रेट गई हैं। बुधवार को शाम 4 बजे के लगभग जब परियोजना अधिकारी को फोन लगाया गया तो उन्होंने बताया कि मैं घर पर आ गई हूं और उनके स्टाफ में पदस्थ विशाल जैन अन्य सहयोगियों ने विभागीय कार्य से कलेक्ट्रेट जाना बताया। 

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