19 Apr 2019, 21:59:07 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

आकर्षण का यह सिद्धांत हमें हमारे लक्ष्य और सपनों की तरफ खींचता है| आप जैसा सोचते हैं वैसा ही बनते चले जाते हैं| क्या है ये आकर्षण का नियम का रहस्य? और ये कैसे हमारे दैनिक जीवन में काम करता है? आकर्षण का नियम का  का अर्थ है “चीज़ों को अपनी ओर खींचना”, आप इस आकर्षण का नियम को मानें या ना मानें लेकिन ये हमेशा आपका पीछा करता है और हमेशा आपकी लाइफ पर काम करता रहता है। आप कहीं भी जाएँ कुछ भी सोचें, कुछ भी करें ये आकर्षण का नियम लगातार आपसे जुड़ा हुआ है।
 
क्या है आकर्षण का नियम 
विज्ञान ये साबित कर चुका है कि जब भी हम कुछ सोचते हैं तो हमारे दिमाग से कुछ किरणें निकलती हैं। अगर आप सकारात्मक सोचते हैं तो आपके मन से सकारात्मक किरणें  निकलती हैं और नकारात्मक सोचते हैं तो नकारात्मक किरणें निकलती हैं। हमारे दिमाग से निकलने वाली ये किरणें, जैसा हम सोचते हैं वैसी ही चीज़ों को चुम्बक की तरह अपनी तरफ खींचती हैं 
 
कई बार लोग कहते हैं : * अरे मैं सुबह तुम्हें ही याद कर रहा था और तुमसे मुलाकात हो गयी ,
* रात मैंने सपने में देखा कि आज रिजल्ट आ गया है और आज ये तो सचमुच रिजल्ट आ गया
* अरे अभी अभी तुम्हें ही याद कर रहा था कि तुम्हारा फोन आ गया
ऐसी बहुत सारी बातें हम रोज सुनते आते हैं, लेकिन क्या कभी सोचा है कि क्या ये केवल एक संयोग था? यही तो है “आकर्षण का नियम
आप जैसा सोचते हैं आपका दिमाग वैसे ही परिणाम देने शुरू कर देता है। अगर आप सोचें कि आपको जॉब मिल जाये तो देखिये आपको बार बार जॉब के इमेल, जगह जगह जॉब के विज्ञापन दिखने शुरू हो जायेंगे।
 
कैसे काम करता है ये आकर्षण का नियम
दोस्तों कई बार हमने काफी लोगों से सुना होगा कि फलां मंदिर में जाकर मन्नत मांगने से जो भी मांगो वो मुराद पूरी हो जाती है और ऐसा करने से वास्तव में काफी लोगों की मन्नत पूरी हो भी जाती है, ऐसी चीज़ें अक्सर देखने को मिलती हैं।
तो दोस्तों जब आप मंदिर जाकर मन्नत मांगते हैं तो आप मन ही मन ये बात मान लेते हैं कि आपकी मुराद अवश्य पूरी होगी क्यूंकि इस मंदिर में सबकी मुराद पूरी हो जाती है और जब आपका मन ये बात मान लेता है तो फिर काम करता हैआकर्षण का नियम, आपके दिमाग से सकारात्मक किरणें निकलती हैं आपके दिमाग में सकारात्मक विचार आते हैं और आकर्षण का नियम जो आपने सोचा है उसको आपकी ओर खींचता है और आपकी मुराद पूरी हो भी जाती है।
 
स्वामी विवेकानंद जी का एक सुविचार है – “इंसान जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है”
स्वामी जी की ये बात 100% सच है और ये बात भी आकर्षण का नियम को सच सिद्ध करती है। आप जैसा सोचते हैं, आपके विचार भी वैसे ही हो जाते हैं, यहाँ तक कि आपका व्यवहार भी वैसा ही हो जाता है और आपके व्यवहार से बनता है आपका चरित्र। तो देखिये आपकी सोच ही आपको सब कुछ बनाती है।
 
क्या केवल सोचने से ही आकर्षण का नियमकाम करने लगेगा?
अब कई बार हम लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या केवल सोचने मात्र से ही आकर्षण का नियम के जरिये हमेशा सफलता मिल जाएगी। अगर कोई स्टूडेंट सोचे कि वो IIT में टॉपर बन जाये तो क्या केवल पॉजिटिव सोचने से वो टॉपर बन जायेगा?
 
फिल्म ओम शांति ओम में शाहरुख़ खान का एक डायलॉग है –
“अगर आप किसी चीज को पूरी शिद्दत से चाहते हैं, तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की तैयारी में जुट जाती है”
मेरे दोस्त अगर कोई स्टूडेंट ये सोच ले कि मुझे IIT में टॉपर बनना है तो आकर्षण का नियम उसे उसकी मंजिल की ओर खींचेगा और उसे अच्छी पढाई के लिए प्रेरित करेगा। अगर आकर्षण का नियम आपको पढ़ने के लिए प्रेरित नहीं कर रहा है तो कहीं ना कहीं आपके सोचने में कमी है, आप खुद पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं, आपके दिमाग से सकारात्मक किरणें नहीं निकल रही हैं।
आखिरी सन्देश – दोस्तों आपके हर विचार के साथ आकर्षण का नियम जुड़ा है ये आकर्षण का नियम हर परिस्थिति में आपका पीछा कर रहा है। वही सोचिये जो आप चाहते हैं, जैसा आप बनना चाहते हैं फिर देखिये आकर्षण का नियम खुद आपको आपकी मंजिल तक खींच कर लेके जायेगा।
तो दोस्तों अब बारी है आपके विचार की, ये आर्टिकल आपको कैसा लगा विचार के जरिये जरूर बताएं। आपके कमेंट से हमें प्रेरणा मिलती है और अच्छा लिखने की…… धन्यवाद !!!
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