18 Aug 2017, 14:27:44 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

चंदनपुर गांव में एक बूढ़ी औरत रहती थी। उसका एक बेटा था जिसका नाम दगड़ू था। वह औरत कपड़े सिलने का काम करके अपना और अपने बेटे का पेट पालती थी। दगड़ू एक कामचोर और आलसी लड़का था। वह दिन-रात सपने देखा करता था। उसके साथ एक बड़ी परेशानी यह थी, कि उसे अकसर बुरे सपने आते थे और जब भी कोई बुरा सपना आता था, तो वह हकीकत बन जाता था।
 
एक दिन दगड़ू को सपना आया कि कुछ लुटेरे एक बारात में शामिल लोगों को लूट रहे हैं । दगड़ू ने सपने में जिस लड़की को दुलहन के रूप में देखा था, वही लड़की अगले दिन अपनी शादी का लहंगा सिल जाने के बाद उसकी मां से वापस लेने उसके घर आई। दगड़ू ने फौरन  लड़की  के परिवार को यह बात बताई, लेकिन सबने इसे वहम समझ कर अनसुना कर दिया।
 
शादी के बाद जब बारात वापस लौट रही थी, तब दगड़ू के सपने वाला वाकया सच में घटित हो गया। यह देखकर सारे लोगों को दगड़ू पर शक हुआ कि जरूर वह लुटेरों से मिला हुआ होगा, वरना उसे इस बारे में कैसे पता चल सकता है। शक की वजह से गांव के लोगों ने मिलकर दगड़ू की खूब पिटाई की।
 
इस घटना के कुछ दिनों बाद एक रात दगड़ू को सपना आया कि मोहल्ले में रहने वाली चौधराइन का नया मकान गृह प्रवेश वाले दिन जल कर खाक हो गया। अगले दिन दगड़ू सो कर उठा तो उसने देखा कि चौधराइन अपना मकान बनने की खुशी में लड्डू ले कर उसके घर आई हुई हैं और उसकी मां को गृह प्रवेश समारोह में आने का न्योता दे रही हैं।
 
यह देखकर उसने फौरन अपने सपने की बात अपनी मां से और चौधराइन से बताई। यह सुनकर चौधराइन दगड़ू की मां से बोलीं कि, तुम्हारा बेटा ही काली जुबान वाला है।  गृह प्रवेश समारोह के दौरान कोई अपशकुन ना हो, इसके लिए चौधराइन ने पक्के इंतजाम करवाए, लेकिन फिर भी किसी वजह से आग लग गई। चूंकि दगड़ू इस बारे में पहले ही बोल चुका था, इसलिए सब उसे काली जुबान वाला लड़का बोल उस पर टूट पड़े और उसे गांव से निकाल दिया।
 
खैर, वह एक दूसरे राज्य चला गया, जहां उसे रात के वक्त महल की चौकीदारी करने का काम मिल गया। वहां के राजा को अगले दिन किसी काम से सोनपुर जाना था, इसलिए उन्होंने रानी से कहा कि उन्हें सुबह जल्दी उठा दें। दगड़ू रात में महल के दरवाजे पर चौकीदारी कर रहा था। कुछ देर बाद उसे झपकी लग गई।
 
उसने सपने में देखा कि सोनपुर में भूकंप आया है और वहां मौजूद सारे लोग मर गए हैं। दगड़ू ने सुबह राजा के सोनपुर जाने की बात सुनी तो तुरंत उनका रथ रुकवा कर अपने सपने वाली बात उन्हें बताई। यह सुनकर राजा ने सोनपुर जाना  रद्द कर दिया। अगले दिन समाचार आया कि सोनपुर में अचानक भूकंप आया जिस वजह से वहां एक भी इनसान जिंदा नहीं बचा। यह पता लगने पर राजा ने तुरंत दगड़ू को बुलाया। उन्होंने उसे सोने का हार पुरस्कार में दिया और उसकी तरक्की कर दी। 
 
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