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Lifestyle

सही उम्र में बच्चों को दें उनका कमरा, होगा विकास

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 30 2019 12:55AM | Updated Date: Jun 30 2019 12:55AM
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अगर आप एक छोटे बच्चे के माता-पिता हैं तो आपके मन में भी यह बात कहीं ना कहीं जरूर आ रही होगी कि आखिर बच्चे को उसका अपना अलग बेडरूम किस उम्र में देना चाहिए। बच्चे को अलग बेडरूम देने के पीछे पैरंट्स के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- आप बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, बेडरूम में बच्चे के रहने से जीवनसाथी संग आपका प्यार कष्ट में है या फिर आप अपने बेडरूम में बच्चे की मौजूदगी की वजह से वो सब नहीं कर पाते जो आप करना चाहते हैं। 

इस बारे में लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कोटिन्हो कहते हैं, 
हर बच्चा अलग होता है और हर बच्चा यही चाहता है कि वह अपने पैरंट्स के साथ ही सोए। 
पश्चिमी देशों में यह फिलॉसफी है कि बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे पैरंट्स से अलग सुलाया जाता है। 
लेकिन यह फिलॉस्फी आपके बच्चे पर भी लागू हो ऐसा जरूरी नहीं है। लिहाजा बच्चे को उसका अलग बेडरूम देने की कोई सही उम्र नहीं है। 
अगर आपका बच्चा प्यार, सेफ्टी और सिक्यॉरिटी के लिए आपके साथ सोना पसंद करता है तो जबरन उसे उसका अपना बेडरूम देने के नाम पर अलग न सुलाएं। 
ऐसा करने से आप उसे अनसेफ और इन्सिक्योर फील करने पर बाधित कर रहे हैं। 
अगर बच्चा अलग बेडरूम के लिए रेडी है तभी ऐसा करें 
ल्यूक का कहना है बहुत से लोग नंबर और आंकड़ों को बहुत अहमियत देते हैं और उन्हें लगता है कि 3 साल की उम्र के बाद बच्चों को पैरंट्स का बेडरूम छोड़कर अपने रूम में रहने की आदत होनी चाहिए। ऐसे में अगर आपका बच्चा इसके लिए तैयार है तो अच्छी बात है। लेकिन अगर बच्चा आपके साथ ही सोना चाहता है तो उसके साथ जिद करने की बजाए उसे पैरंट्स के बेडरूम में ही सोने दें। साइंटिफिक रिसर्च में यह बात साबित भी हो चुकी है कि वैसे बच्चे जो लंबे वक्त तक पैरंट्स के साथ उनके ही कमरे में सोते हुए बड़े होते हैं वे ज्यादा सिक्योर फील करते हैं और आत्मनिर्भर भी बनते हैं।
 

 

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