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क्रिकेट के सामानों से शुरूआत की थी भारतीय महिला आइस हॉकी टीम ने

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Nov 1 2019 1:50AM | Updated Date: Nov 1 2019 1:51AM
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नई दिल्ली। भारतीय महिला आइस हॉकी टीम की लद्दाख़ क्षेत्र से शुरू हुयी यात्रा प्रेरणा से भरी रही है और इस टीम ने अपने सफर की शुरूआत क्रिकेट में इस्तेमाल किये जाने वालों सामानों से की थी। खेल से जुड़े कपड़े बनाने वाली अंडर आर्मर कंपनी द्वारा गुरुवार को गुरूग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सेवांग चुस्कित ने टीम संघर्ष को लेकर कहा कि लद्दाख़ से लेकर यहां तक की कहानी एक बड़ी उपलब्धि है। यह कार्यक्रम दरसल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने के वैश्विक अभियान के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रबंध निदेशक तुषार गोकुलदास और महिला आइस हॉकी संघ के अधिकारी भी मौजूद रहे।

कप्तान सेवांग ने यूनीवार्ता से बातचीत में कहा, ‘‘ पूरी टीम की लद्दाख़ से लेकर यहां तक की यात्रा बेहद संघर्ष भरी रही है और अभी भी टीम का संघर्ष जारी है। टीम के तौर पर हमने हर सीमा को चुनौती के तौर पर लिया। जब हमने शुरुआत की थी तो हमारे पास कोई आइस रिंक नहीं था तथा खेल के लिए जरुरी वस्तुओं का भी अभाव था लेकिन देश का प्रतिनिधित्व करने की भावना के सामने सब कुछ बौना था।’’ उन्होंने कहा कि खिलाडियों ने क्रिकेट में इस्तेमाल किये जाने वालों सामानों से अपने खेल के शुरुआत की। शुरुआत में सभी खिलाड़ियों को उचित सामान नहीं मिलने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन बाद में धीरे-धीरे ही सही लेकिन इस स्थिति में बदलाव आया और लोग अब इस खेल को लेकर जागरूक हो रहे है। 

टीम के अन्य खिलाडियों ने इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण से महिला आइस हॉकी को मान्यता देने का अनुरोध किया। खिलाड़ियों ने कहा कि उनके खेल को मान्यता नहीं मिलने की वजह से उन्हें प्रायोजक नहीं मिल पाते हैं जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर सीधे तौर पर पड़ता है। टीम की सभी जरूरतें फिलहाल भारतीय महिला आइस हॉकी संघ देखता है। भारतीय महिला हॉकी टीम की शुरुआत वर्ष 2016 से हुयी। टीम जन-सहयोग की मदद से अपना पहला टूर्नामेंट खेलने गयी लेकिन उन्हें उस दौरान करारी हार का सामना करना पड़ा। टीम को पहचान हालांकि वर्ष 2017 में उस दौरान मिली जब वह आईआईएचएफ चैलेंज कप ऑफ एशिया में चौथे स्थान पर रही। खिलाड़ी अभी सरकार से रिंक और बुनियादी ढांचे बनाने की मांग कर रहे है जिससे वह टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए बेहतर तैयारी कर सकें। टीम का कहना है कि उत्तराखंड के देहरादून में एक बड़ा आइस रिंक मैदान है जिसे सरकार चाहे तो उसका पुर्ननिर्माण कर सकती है। 

 
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