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स्वाति मालीवाल ने माना PM मोदी का आभार, आज तोड़ेंगी अनशन

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Apr 22 2018 11:11AM | Updated Date: Apr 22 2018 11:15AM
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नई दिल्ली। विभिन्न मांगों को लेकर नौ दिन से राजघाट पर अनशनरत दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल रविवार दोपहर दो बजे अनशन तोड़ेंगी। शनिवार देर शाम मंच से यह घोषणा करते हुए उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने हमारी ज्यादातर मांगें मान ली हैं। खासकर बच्चों के साथ दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा की मांग। स्वाति ने इसके लिए मोदी का आभार भी व्यक्त किया। स्वाति ने शाम करीब सात बजे कहा केंद्र सरकार ने जो अध्यादेश पास किया है, उसकी प्रति मिली है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने हमारी लगभग सारी मांगें मान लीं। उन्होंने कहा यह देश की बेटियों-बेटों और निर्भयाओं की जीत है।
 
अनशन खत्म होगा संघर्ष नहीं
स्वाति ने कहा मैंने यह निर्णय लिया है कि रविवार दो बजे अपना अनशन समाप्त करूंगी, लेकिन सिर्फ अनशन खत्म होगा, संघर्ष जारी रहेगा। यह छोटी लड़ाई नहीं है। इसके लिए हमें पूरे देश में चेतना जगाना होगी। मैं देश के प्रधानमंत्री के सम्मान में यह अनशन तोड़ रही हूं। अगर मांगें तीन महीने में पूरी नहीं हुर्इं तो अनशन दोबारा होगा।
 
देशभर से मिला समर्थन
अनशन के दौरान स्वाति को लगातार लोगों का सहयोग मिला। राजनेताओं से लेकर फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग तक उनके समर्थन में समता स्थल पहुंचे। बड़ी संख्या में युवा वर्ग और महिलाओं ने भी अनशन में उनका साथ दिया। शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए शपथ-पत्र की सूचना के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उनसे अनशन खत्म करने को कहा था।
 
ये थीं छह मांगें
- बच्चों से दुष्कर्म मामले में फांसी के लिए कानून में संशोधन का अध्यादेश छह माह में पारित हो।
- देशभर में पुलिस में नियुक्ति तुरंत संयुक्त राष्ट्र के मानकों के हिसाब से कर पुलिस की जवाबदेही भी तय हो।
- वर्षों से अटकी दिल्ली पुलिस की संसाधनों की फाइलों पुर तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार समयबद्ध योजना घोषित करे।
- देश की पुलिस के लिए बनाए जा रहे सॉफ्टवेयर के पूर्ण रूप से संचालन की समयसीमा तय हो।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट बढ़ाई जाएं, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार केंद्र अपने हिस्से का 50 फीसदी फंड प्रदान करे।
- दिल्ली में एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाए, जो हर महीने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा का जायजा ले।
 
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