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जुलाई में वाहनों की खुदरा बिक्री छह प्रतिशत घटी

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Aug 19 2019 3:15PM | Updated Date: Aug 19 2019 3:15PM
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नईदिल्ली। देश में वाहनों की खुदरा बिक्री जुलाई महीने में छह प्रतिशत घटकर 16,54,535 इकाई रह गयी। ऑटो मोबाइल डीलरों के संगठन ‘फाडा’ द्वारा सोमवार को जारी आँकड़ों में यह बात कही गयी है। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम द्वारा 13 अगस्त को जारी आँकड़ों में बताया गया था कि जुलाई में वाहनों की थोक बिक्री में 18.71 फीसदी की कमी आयी है जो दिसंबर 2000 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। फाडा ने बताया कि जुलाई में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री पिछले साल जुलाई की तुलना में 11 प्रतिशत घटकर 2,43,183 इकाई पर आ गयी। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 14 फीसदी की गिरावट के साथ 23,118 इकाई और दुपहिया वाहनों की पाँच प्रतिशत घटकर 13,32,384 इकाई रही।  तिपहिया वाहनों की बिक्री में तीन फीसदी की बढ़त दर्ज की गयी और इसका आँकड़ा 55,850 इकाई पर पहुँच गया।
 
पिछले कुछ महीने से बिक्री में लगातार गिरावट के बाद भी फाडा को आने वाले त्योहारी मौसम से काफी उम्मीदें हैं। संगठन की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाद में मानसून के गति पकड़ने, आगे त्योहारी मौसम और अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ने से माँग में सुधार की उम्मीद बँधी है। फाडा के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले ने कहा कि साल दर साल आधार पर बिक्री में गिरावट आयी है लेकिन इस साल जून की तुलना में जुलाई में बिक्री बढ़ी है। इसका मुख्य कारण जुलाई में मानसून का गति पकड़ना रहा है। उन्होंने वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में माह दर माह आधार पर भी गिरावट रहने को िचताजनक बताया।
 
फाडा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस समय डीलरों के पास यात्री वाहनों की औसतन 25 से 30 दिन की इंवेंटरी है। दुपहिया वाहनों की 60 से 65 दिन की और वाणिज्यिक वाहनों की 55 से 60 दिन की इंवेंटरी है। जून की तुलना में सिर्फ यात्री वाहनों की इंवेंटरी कुछ कम हुई है। संगठन का कहना है कि ग्राहक इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों के बीच निर्णय करने में असमर्थ थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस स्पष्टीकरण से कि दोनों तरह के वाहन साथ-साथ बने रहेंगे, लोग पारंपरिक इंजन वाले वाहनों को लेकर आशान्वित हुये हैं। 
 
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