21 Oct 2018, 07:06:56 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us app facebook twitter android

श्रावण माह के अंतिम सोमवार पर शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से बाबा महाकाल की चौथी सवारी निकलेगी। सवारी में भगवान महाकाल उमा-महेश के रूप में दर्शन देंगे। रामघाट पर पूजा-अर्चना के बाद सवारी वापस निर्धारित मार्ग से मंदिर पहुंचेगी। 
 
श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में सांय 4 बजे भगवान महाकाल को पालकी में विराजित कर पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया जाएगा। चौथी सवारी के साथ हाथी पर श्री मनमहेश, बैलगाडी में गरूड पर शिव-ताण्डव एवं बैल पर श्री उमा-महेश के स्वरूप में विराजमान होकर उज्जैन की प्रजा का हाल जानने निकलेंगे।
 
सवारी श्री महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां पर पूजन होने के बाद सवारी परम्परागत मार्ग से होती हुई वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर में आएगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि भगवान श्री महाकालेश्वर का भक्तिभाव से स्वागत करें।
 
महेश्वर में भगवान ने किया नौका विहार
महेश्वर में सोमवार को दयालु मित्र मंडल के तत्वावधान में निकलने वाली भगवान काशी विश्वनाथ की शाही सवारी के पूर्व रविवार की शाम को भगवान ने नौका विहार किया। भगवान के 11 किलो रजत मुखौटे को पहले पालकी में सवार कर काशी विश्वनाथ घाट लाया गया। यहां दूध एवं रेवा जल से भगवान का अभिषेक हुआ। इसके बाद भगवान को मां रेवा नौका विहार केवट समाज समिति द्वारा विशेष रूप से बनाई एवं सजाई गई नौका में विराजित किया गया।
 
प्रशासन ने दिए निर्देश
उज्जैन प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सवारी के दौरान दर्शनार्थी उल्टी दिशा में न चलें तथा सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खडें रहें। सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारी भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कढ़ाव रखें, दर्शनार्थी गलियों में वाहन न रखें। श्रद्धालु सवारी के मध्य सिक्के नारियल, केले, फल आदि न फैकें।
 
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